आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में स्थित रामनारायणम मंदिर, भगवान राम को समर्पित एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। एनसीएस चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निर्मित यह मंदिर 15 एकड़ में फैला हुआ है और अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है।
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मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे,
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
एसआई भर्ती मामले में कोर्ट के आदेश के प्रश्न का जवाब :
जो कानून कहता है, उसे आगे बढ़ाते रहो। सरकारें हमारी भी रही हैं, इनकी भी हैं। उस समय पूरे देश में कई जगह पेपर आउट हुए थे—चाहे यूपी हो, गुजरात हो, हरियाणा हो, पंजाब हो या बिहार—लगभग हर जगह ऐसे मामले सामने आए थे। उस वक्त देश के अंदर ऐसा माहौल बना हुआ था कि जो गैंग्स काम कर रही थीं, वे अलग-अलग राज्यों में सक्रिय थीं।
अब ये हमें कितना दोष देंगे? दो साल तो हो चुके हैं। ये खुद कब काम करेंगे, यह समझ से परे है।
वो अपना काम करें। ज्यूडिशियरी अपना काम करे, एसओजी अपना काम करे, एसीबी अपना काम करे। जिन्हें सज़ा देनी है, उन्हें सज़ा दो; जिन्हें जेल भेजना है, जेल भेजो। कौन मना कर रहा है? लेकिन ये लोग सरकार को बदनाम करने के लिए उसे टार्गेट बनाकर टाइम वेस्ट कर रहे हैं। आखिर कब तक ऐसा करते रहेंगे?
स्व. कन्हैयालाल जी के बेटे के कहने कि उन्हें अभी तक इंसाफ नहीं मिला से जुड़े सवाल का जवाब :
इतनी बेशर्मी मैंने कभी देखा नहीं। क्योंकि गृह मंत्री जी कह रहे हैं कि भाई स्टेट गवर्नमेंट नहीं बना रही है स्पेशल कोर्ट। हमें कहा गया? हमारी तो दो चार महीने बाद सरकार चली गई। अब क्या।
'इंतजारशास्त्र: चैप्टर 12"
दिल्ली की कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया की तर्ज पर निर्मित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ राजस्थान में ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल, कॉफी शॉप, जिम, रेस्टोरेंट और गेस्ट रूम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि प्रदेश के बुद्धिजीवी, लेखक और जनप्रतिनिधि एक साझा मंच पर लोकतांत्रिक संवाद कर सकें।
मगर अफसोस, भाजपा सरकार की 'बदला लेने की राजनीति' ने इसे उपेक्षा का शिकार बना दिया है। मेरे सरकार से सीधे सवाल हैं:
1️⃣ निर्माण पूर्ण होने के बाद भी इसे साल भर तक बंद क्यों रखा गया?
2️⃣ अब खोलने के बाद भी पारदर्शी सदस्यता प्रक्रिया लागू क्यों नहीं की जा रही?
3️⃣ क्या भाजपा सरकार लोकतांत्रिक चर्चा और संवाद से घबरा रही है?
जनता के संसाधनों की इस तरह बर्बादी और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार जवाब दे!
#IntezaarShastra
बांग्लादेश से आ रही हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता की खबरें विचलित करने वाली हैं। महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या एवं वहां महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।
1971 के उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं जब श्रीमती इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत ने न केवल कूटनीतिक कड़ापन दिखाया था, बल्कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिए थे। उन्होंने अमेरिका जैसी महाशक्ति तक की परवाह नहीं की जिसने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा रवाना कर दिया था।
यह भी चिंताजनक है कि ऐसा देश जिसका निर्माण ही भारत ने किया था वह भारत के खिलाफ हो गया है। यह भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता है।
केंद्र सरकार को 'गहरी चिंता' व्यक्त करने जैसे रस्मी बयानों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन और मान-सम्मान की रक्षा करना हमारी नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है।
इतिहास गवाह है कि मात्र खोखले नारों से नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व से ही निर्दोषों की जान बचाई जा सकती है। प्रधानमंत्री जी को इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए।
@RahulGandhi@kharge@narendramodi@MEAIndia
नेता विपक्ष @RahulGandhi जी सालों से एक ही बात कहते आ रहे है, जब सरकार कुछ बड़े उद्योगपतियों की मोनोपोली के लिए काम करती है, तो घाटा सिर्फ आम आदमियों के होता है।
Indigo का आज का हाल देखकर वही सच्चाई सामने है।
हज़ारों लोग फँसे, परिवार परेशान, काम छूटा, पैसे बर्बाद,
और सरकार सिर्फ चुप है।
आज Indigo है,
कल Adani होगा,
परसो कोई और होगा…
पर मुश्किल में तो हमेशा जनता ही आती है।
राहुल गांधी जी ने बार-बार कहा..
देश को एकाधिकार नहीं, विकल्प चाहिए। ताकि आम आदमी की ज़िंदगी आसान हो, भारी न पड़े।
लेकिन मौजूदा सरकार को सिर्फ चंद खास लोगों से मतलब है, क्योंकि आम आदमी का वोट तो चोरी करके भी जीता जा सकता है।
भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
सुदृढ़, सशक्त एवं उन्नत भारत के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। सामाजिक न्याय, समता और मानवाधिकारों के लिए उनके संघर्ष आज भी हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं।
चीफ जस्टिस पर हमला घृणित है
लेकिन यह उसी विचारधारा का सबूत है जो सड़क पर चलते हरिओम को पीट पीट कर मार डालती है
यह विचारधारा दलित विरोधी है - इस विचारधारा को चीफ जस्टिस के भी दलित होने से चिढ़ है
क्या हाल बना दिया है इन लोगों ने इस देश का?
मोदी जी भर्त्सना तो कर दीजिए
माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर हमले की कोशिश अत्यंत शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह सिर्फ देश के मुख्य न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि हमारे संविधान, संपूर्ण न्याय व्यवस्था और कानून के शासन पर हमला है।
माननीय मुख्य न्यायाधीश ने अपनी मेहनत, लगन और योग्यता के दम पर समाज के सारे बंधनों को तोड़कर सर्वोच्च न्यायिक पद हासिल किया है। उनपर इस तरह का हमला न्यायपालिका और लोकतंत्र - दोनों के लिए घातक है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
यह तो हद ही हो गई है कि पुलिसवाले चुन-चुनकर NSUI कार्यकताओं की गाड़ियों के शीसे फोड़ रही है। पुलिस स्वयं कानून तोड़ रही है। अगर एक लोकतंत्र में पुलिस इस तरह मुख्य विपक्षी पार्टी के एक अग्रिम संगठन को टारगेट करेगी तो आमजन के साथ तो कैसा व्यवहार करेगी? पुलिस को आखिर ऐसी छूट किसने दी?