बस एक जान बची है सो तुझपे हारेंगे
हम एक जंग तुझे जितने में हारेंगे
हमारे बा'द तिरे इश्क़ में नए लड़के
बदन तो चूमेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं संवारेंगे
विक्रम गौर वैरागी
अभी भी इश्क़ की तहज़ीब ज़िंदा पाई जाती है
किताबों में अभी तक छुप-छुपाकर फूल जाते हैं
हमारे गाँव वो गाँव नहीं जो गाँव होते थे
कि अब गाँव के बच्चे शहर के स्कूल जाते हैं
ताहिर सऊद