राजस्थान के करीब 19,600 सरकारी स्कूलों में से केवल 4,023 स्कूलों में ही व्यावसायिक शिक्षा संचालित है। यानी करीब 80% स्कूल Skill शिक्षा से वंचित हैं।
अगर राजस्थान को Skill में आगे बढ़ाना है तो व्यावसायिक प्रशिक्षकों को स्थायी करने का समाधान करना जरूरी है।
#VocationalEducation
शिक्षा विभाग को बिल्कुल शर्म नहीं आ रही कंपनी उनके आदेशों को नहीं मान रही है जिससे वीटी को सैलरी नहीं मिल रही फिर भी इन पर कार्यवाही नहीं हो रही ऐसा क्या खिला रही हैं ये कंपनी आपको इनको हटाकर #वीटी को सीधे संविदा पर लेने में फायदा भी है 15 लेटर और हैं @rajeduofficial@RajCMO
व्यावसायिक शिक्षा- राजस्थान के शिक्षा मंत्री बोल रहें हैं कि यह हमारा मामला नहीं हैं आखिर किसका मामला है क्यों योग्य शिक्षकों का शोषण कर रहें हो?
12 वर्षों से शोषण
5 से 14 माह से वेतन बकाया
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो
इस वीडियो को सुनें @aajtak@pantlp@PMOIndia@NSDCIndia
राजकीय विद्यालयों में कई साल से विद्यार्थियों को कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षक आज भी स्थायी नीति के इंतजार में हैं। हरियाणा, असम, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, दिल्ली जैसे राज्य पहले ही अपने प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति लागू कर चुके हैं, राजस्थान अब भी बार-बार टेंडर की अनिश्चितता में उलझा है।
साथ ही उन्हीं VTP कंपनियों को नए कार्यादेश देने की तैयारी हो रही है जिन पर प्रशिक्षकों का 6 से 13 महीने तक वेतन बकाया है। यह व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों के भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा सरकार को समझना चाहिए कि "कौशल भारत, कुशल भारत" के नारे तभी सार्थक होंगे जब प्रशिक्षकों को सेवा सुरक्षा और समय पर वेतन मिले। 80 से अधिक जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में है। जयपुर में कई दिन से चल रहे इनके अनशन के बावजूद सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई है जो निंदनीय है।
5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी महिला शिक्षिका (व्यावसायिक शिक्षा)को नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली जी @TikaRamJullyINC जी के द्वारा भूख हड़ताल तुड़वाई गई
हम आशा करते हैं विधानसभा में हमारा गंभीर मुद्दा को उठाकर इसका हल निकलाओगे
एक ही मांग स्थाई जॉब पॉलिसी..
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो
शिक्षा संकुल में वोकेशनल शिक्षक 3 दिन से भूख हड़ताल पर है लेकिन कोई भी नहीं सुन रहा है पीड़ा
जब शिक्षा विभाग में संविदा नियम 2022 बना हुआ है तो फिर वोकेशनल शिक्षकों को बार बार ठेके पर क्यों लिया जाती है
संविदा नियम या हरियाणा मॉडल में क्यों हि
@ashokgehlot51@BhajanlalBjp