आज गोड्डा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमुआ, पंचायत पांडुबथान में "स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु कार्यक्रम" के तहत उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्री कांत यशवंत के द्वारा आम के पौधे का वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने वृक्षारोपण के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
आज नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु वृहद नाला निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है।साथ ही शहर के आवासीय क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रीट लाइट स्थापना एवं विस्तार कार्य को मंजूरी दी गई है।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्री कांत यशवंत के द्वारा उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा पंचायत स्तरीय कर्मियों को ठोस कचरा प्रबंधन के महत्व एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
आज समाहरणालय स्थित सभागार में परिवार नियोजन कार्यक्रम अंतर्गत जिला स्तरीय क्षतिपूर्ति उप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों, लाभार्थियों को प्रदत्त सेवाओं तथा क्षतिपूर्ति संबंधी प्रावधानों की समीक्षा की गई।
आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की प्रबंधकीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान डीएमएफटी अंतर्गत संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जनता दरबार के दौरान सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्री कांत यशवंत की अध्यक्षता में पीएम-कुसुम योजना की प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति एवं किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित करने की रणनीति पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बताया गया कि पीएम-कुसुम योजना किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, डीजल पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मलेरिया से बचाव ही सुरक्षा है।
बरसात के मौसम में मच्छरों से फैलने वाले रोगों का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी जल जमाव न होने दें।
बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच कराएं। मलेरिया की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध है।
आइए, जागरूक बनें, सतर्क रहें और मलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।