जैसे हर घर का एक पसंदीदा कौना होता है ठीक कुछ उसी तरह तुम और तुम्हारी यादें मेरे लिए किसी घर के पसंदीदा कौना सी है जहां बैठ मैं प्रेम को प्रेम लिखता और और प्रेम ही पढ़ता हूं यहां इस कौना में बैठ मैं हर रोज एक सच्चे प्रेम की एक सच्ची कहानी को परिभाषित करता हूं !!
" तुम "
बारिश की बूंदों को बाएं तलवे के मध्य रखना ..कुछ पल बाद उन्हें केतकी के फूलो पर छिड़क देना
देखना वो खिल जायेंगी और तुम मुस्कुराओगी ...मै दूर खड़ा तुम्हे मुस्कुराता देख मंद मंद मुस्कुराऊंगा...
क्षितिज पर मूक हुए बादल भी खुश होकर गर्जनाएं करेंगे