मीडिया में आरक्षण नही है - रैंकिंग 157
ओलंपिक में आरक्षण नही है - रैंकिंग 48
फीफा में आरक्षण नही है - रैंकिंग 138
जुडिशरी में आरक्षण नही है - रैंकिंग 86
क्या इसके लिए भी आरक्षण जिम्मेदार है ��ेरिटधारियो?
किसी भी पार्टी के गुलाम मत बनो एक भारतीय बनो। देश हित में साथ दो वरना अमर तो कोई भी नहीं है ��सलिए दिमाग का कचरा निकाल दो।
#BJP4IND #CongressForJustice
#BSP
'जनहित' में हमारा मानना है कि अब पेपर लीक के खिलाफ फाइनल लड़ाई लड़ने का वक्त आ चुका है. पेपर लीक रोकने और परीक्षाओं की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कड़े फैसले लेने ही पड़ेंगे. इसलिए छात्रहित में एबीपी न्यूज़ की सरकार से हैं ये 5 मांगें!
@chitraaum
#NeetPaperLeak #StudentProtest #DharmendraPradhan #JanhitOnABP #ChitraTripathi #ABPNews
प्रोटेस्ट में शामिल विद्यार्थियों का क��ना है कि बैरिकेटिंग में करंट का इस्तेमाल किया गया जिससे उन्हें बहुत तेज करंट लगा?
#cjp_protest
#cjp_पार्टी
#संसद_मार्च
कितना अच्छा होता अगर देश के PM या शिक्षा मंत्री जी जंतर मंतर जाकर सोनम वांगचुक से मिलकर उनका hunger strike रुकवाते।
: @DearBabaSaheb#cjp_पार्टी#SonamWangcguk
वीरा पासी जी ने अपने साहस और पराक्रम से ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दीं थीं। उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
आज वीरा पासी जी की मूर्ति के अनावरण के मौके पर जननायक राहुल गांधी जी का धन्यवाद करता हूं, उनका ���भिनन्दन करता हूं।
हम सभी पूरी मजबूती से राहुल गांधी जी के साथ खड़े हैं और हर तरह की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
: @INCUttarPradesh अध्यक्ष @kashikirai जी
📍 रायबरेली
आज जैसी लड़ाई जननायक राहुल ग��ंधी जी देश में लड़ रहे हैं, उसी तरह वीरा पासी जी ने भी देश के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी।
हमें अपने इतिहास से सीखना होगा और इस सरकार के खिलाफ लड़ना होगा, क्योंकि ये सरकार अमेरिका के कंट्रोल में है।
देश पर संकट आने वाला है और इस संकट को लाने वाले का नाम नरेंद्र मोदी है।
: राष्ट्रीय सचिव @SushilPasiINC जी
📍 रायबरेली
"प्रधानमंत्री जी लखनऊ रैली में आए थे, जहाँ राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर अपने भाषण में उन्होंने महाराजा बिजली पासी जी का नाम 10 बार लिया।
अगर प्रधानमंत्री जी उसी "राष्ट्र प्रेरणा स्थल" पर महाराजा बिजली पासी जी की एक शानदार मूर्ति भी स्थापित करा देते, तो हमारे दिल को भी कुछ ठंडक मिलती।
लेकिन हकीकत यह है कि हमारा पेट सिर्फ बातों से भरा जा रहा है। और यह आज से नहीं हो रहा, मेरे लोगो— यह आज़ादी से पहले भी हुआ, और आज़ादी के बाद भी लंबे समय से बातों से ही पेट भरने की राजनीति चल रही है।
अब सवाल साफ़ ��ै— क्या बहुजन समाज को केवल भाषणों में याद किया जाएगा, या ज़मीन पर भी सम्मान और अधिकार मिलेंगे?"
नगीना सासंद, Chandra Shekhar Aazad जी, हरदोई