@CMOfficeUP@myogiadityanath 29334 गणित/विज्ञान भर्ती के माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुपालन हेतु जारी शासनादेश के अनुसार याचियों की नियुक्ति करने की कृपा करें।।।।।
मा0 मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को 29334 विज्ञान-गणित शिक्षक भर्ती में रिक्त सभी पदों पर कोर्ट में 31 दिसम्बर 2019 तक उपस्थित सभी याचियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं किया गया।
@myogioffice@BJP4UP
@askrajeshsahu बात तो सही है।
मैं तो कहता हूं उत्तर प्रदेश सरकार को बेसिक शिक्षा अधिकारी वाली नौकरी भी छीन लेनी चाहिए।
इनको उसकी क्या जरूरत है। वो पद किसी ऐसे अभ्यर्थी को मिल जाएगा जो सालों से उसके लिए मेहनत कर रहा है
लो आ गए धर्म के ठेकेदार बचाव करने,
हजारों सालों से धर्म का आरक्षण लेकर बैठे हैं आगे भी जैसा का तैसा बनाए रखना चाहते हैं।
जैसे ये कह रहें हैं कि," कथा कहने का हक सिर्फ ब्राह्मणों का है"
वैसे ही SC ST OBC वाले कह दें कि, "हम दान दक्षिणा नहीं देंगे"
तो इनका तो रोजगार ही बंद हो जायेगा।
"तो अब से प्रण लो कि मंदिर जायेंगे तो चढ़ावे में सिर्फ फूल चढ़ाएंगे,पैसा - जेवरात नहीं"
महोदय यह वीडियो एक उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा जी की है एक महिला के साथ इतना गलत व्यवहार करना सही नहीं है महिला दरोगा जी से कुछ कहना चाहती है मगर दरोगा जी ने उसके साथ गलत व्यवहार किया महोदय जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें @dgpup @ChiefSecy_UP @Uppolice@myogiadityanath
एक एंगल निकाला कि कथावाचक ने जाति छुपाई थी मगर डिफेंड नहीं कर पाए।
एक एंगल निकाला कि कथावाचक ने अपना सरनेम तिवारी लिखा मगर डिफेंड नहीं कर पाए।
एक एंगल निकाला कि कथावाचक ने आधार कार्ड पर अग्निहोत्री नाम लिखा था मगर डिफेंड नहीं कर पाए।
एक एंगल निकाला कि कथावाचक ने होर्डिंग में ख़ुद को पंडित लिखवाया मगर डिफेंड नहीं कर पाए।
और अब नया एंगल निकालकर ला रहे हैं कि
कथावाचक ने महिला के साथ छेड़खानी और अभद्रता करी है, यह एंगल अबतक नहीं था मगर अब आ गया है।
बेसिक शिक्षा में वही लोग नौकरी करने आए जिनको नौकरी की जरूरत है। मैं ये देख रहा हूं कि विगत कुछ समय से बेसिक शिक्षा में वह लोग भी नौकरी करने आ जा रहे हैं जिनके लिए नौकरी पूजा नहीं उनके लिए विद्यालय एक मंदिर नहीं बल्कि आय का साधन है, पार्ट टाइम जॉब है, अतिरिक्त इनकम का स्रोत है इनकम टैक्स में दिखाने के लिए एक माध्यम है, मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि जिनके हृदय में बेसिक शिक्षा बसती हो जिनके मन में यह विचार आता हो कि स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं उन्हें ही शिक्षक बनने की जरूरत है, उन्हें ही आना चाहिए बेसिक शिक्षा परिषद में मैंने देखा है कि इसमें बहुत सारे ऐसे महत्वाकांक्षी लोग आ गए हैं जो कि जीवन में अपनी महत्वाकांक्षा को। पूर्ण नहीं कर पाए हैं लेकिन फिर भी बेसिक शिक्षा में बने रहकर अपनी महत्वाकांक्षा को पूर्ण कर रहे हैं। उनके लिए स्कूल प्रथम वरीयता नहीं है बल्कि द्वितीय वरीयता ही नहीं अंतिम वरीयता है। ऐसे लोगों के कारण बेसिक शिक्षा में बहुत अव्यवस्था पैदा हो रही है हलचल? पैदा हो रही है जिनको स्कूल जाने में शर्म आती है,उनको लगता है कि यदि मैं स्कूल चला गया तो मेरा मान सम्मान गिर जाएगा।लोग कहेंगे अरे ये भी स्कूल जाते हैं,ऐसे बहुत शिक्षकों को मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं।लगभग हर जिलों में जहां पर मैंने नौकरी की है, मैं ऐसे शिक्षकों से अनुरोध करूंगा, कृपया वो बेसिक शिक्षा से दूर रहें, मैं उन शिक्षकों को आमंत्रित करूंगा जिन्हें लगता है कि बेसिक शिक्षा के स्कूल एक मंदिर हैं, पवित्र स्थान है, वहीं अध्ययन अध्यापन करें, शेष अन्य श्रेणी के लोग नहीं, और उनके मन में जो जज्बा होगा, मिशन होगा, वही चीजों को बेहतर कर सकता हैं, नि स्संदेह आज हमारे ऊपर बहुत सारे प्रश्न उठ रहे हैं और उनका उत्तर हमें देना होगा, हमें कर्मों से देना होगा, अपने स्कूल में बेहतर नामांकन करके देना होगा, हमें भाग्य के भरोसे नहीं बैठना होगा, नीयत के भरोसे नहीं बैठना होगा। मेरे कार्यालय के बगल में एक स्कूल है जिसमें 1200 का नामांकन है। मैं जनपद में बहुत सारे स्कूलों को जानता हूं और प्रदेश में बहुत सारे स्कूलों को जानता हूं। जहां पर बहुत सारे नामांकन हैं, लेकिन कुछ स्कूलों में बहुत कम नामांकन है ,और लगातार उनका प्रदर्शन खराब है इस खराब प्रदर्शन को अच्छा करने के लिए हमने, क्या प्रयास किया और जो अच्छा कर रहे हैं उनसे सीखने के लिए हमने क्या प्रयास किया यह विचारणीय बिंदु है, अभी भी समय है। हम सभी को पूरी कर्मठता के साथ बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगना होगा इसका कायाकल्प करना होगा और लोगों का विश्वास जीतना होगा। मुझे उम्मीद है। कि हम सभी मिलकर बेहतर करेंगे जय हिंद, जय शिक्षक बहुत सारे ऐसे सवाल हैं जिनका प्रश्न आप सभी को अपने कर्तव्य से देना होगा, राकेश सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ 25/6/25
▪️2014 से 89,441 सरकारी स्कूल बंद हुए
▪️60% सरकारी स्कूल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में बंद हुए
▪️2021-2024 के बीच 2 करोड़ क्लास 1-8 के बच्चों ने स्कूल छोड़ा
फोकस साफ़ है👇
ना पढ़ेगा इंडिया, ना बढ़ेगा इंडिया - सवाल तो बिल्कुल नहीं पूछेगा
लानत है ऐसी सरकार पर जो स्कूल बंद करे
@socialepfo I have offline submitted my withdrawal form in may 2024 from two epf office 1.ahmadabad and 2.delhi through my previous company were I was worked in 2008 and 2005 respectively still my settlement money not received in my account.