चीफ जस्टिस के एक बयान से पैदा हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने मोदी सरकार की चूलें हिला दी . 12 सालों में पहली बार एक आंदोलन ने एक मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मोदी को मजबूर कर दिया .
देश भर में युवाओं के समर्थन ने इस आंदोलन को इतना विराट रुप दे दिया कि मोदी की सत्ता हिल गई . अगर आज इस्तीफा नहीं होता तो अगले दो तीन दिन इस सरकार पर भारी पड़ने वाले थे . पता नहीं कितनी बड़ी तादाद में भागीदारी हो जाती .
यक़ीनन ऐसे आंदोलन की पहल और शुरुआत करने के लिए @abhijeet_dipke बधाई के पात्र हैं . उनके सहयोगी @SauravDassss और @AshutoshRanka जैसे लड़कों ने लीड लेकर इतिहास बना दिया है .
सोनम वांगचुक का अनशन पर बैठना , सरकार का उन्हें जबरन उठा ले जाना फिर जंतर मंतर पर लाठी चार्ज . इन सबने मिलकर देश के लाखों युवाओं को जगा दिया .
देश की युवा शक्ति को नमन है .
अयोध्या में आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने वाली हैं।इस बैठक में महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण कार्य से जुडे गोपाल राव को लेकर फैसला होगा।
हिंदू धर्म से विश्वासघात करने वाले,आस्था को आहत करने वाले और राम के चरणों में समर्पित चढ़ावे पर हाथ की सफाई करने वाले मिलकर तय करेंगे कि किसे साफ़ करना है और किसे सफाई से बचाना हैं।
पूरा राम मंदिर परिसर गुटबाजी,अविश्वास,संगठित लूट तंत्र के माहौल से भरा हुआ है।सामंती मानसिकता के लोगों ने इसे अपने निजी जागीर की तरह चलाया गया।चंपत,अनिल मिश्र और गोपाल राव की तिकड़ी के सामने सभी ट्रस्टी चुप रहें।सबके अपने अपने मोह और अपने अपने लाभ थें।
धर्म ही रहता है,बाकी सब नश्वर है का राग अलापने वालों ने धर्म को ही चंद सिक्कों में बेचने का काम किया।जिस प्रभु राम ने मर्यादा,कर्तव्य और वैराग्य को जीवन का नियम बनाया,उसी राम के भक्तों ने राम मंदिर को अपने भौतिक वैभव का अड्डा बना दिया।चोरी पर आहत होने का बयान जारी किया जा रहा है,लेकिन इसकी नैतिक जिम्मेंदारी लेने को कोई तैयार नहीं कि उनके चुने हुए नुमाइंदे लोक नैतिकता में क्यो विफल हुए? मंदिर का चढ़ावा निजी नहीं था।चढ़ावा सार्वजनिक नैतिकता का मामला था।
ट्रस्ट के एक भी सदस्य में इतना नैतिक साहस नहीं था वह राम मंदिर परिसर में चंपत के एकछत्र राज के खिलाफ आवाज उठाता।एक ट्रस्टी ने भी यह कहकर इस्तीफा नहीं दिया कि मैं पूरी तरह पवित्र हूं और ऐसे अपवित्र और भ्रष्ट कर्ताधर्ताओं के बीच मैं एक मिनट भी नहीं रह सकता।सब अपने आप को साफ सुथरा बताने में व्यस्त हैं।पत्र लिखकर और मीडिया में बयान देकर अपने को साफ सुथरा बता रहे हैं।
आज चोरों की मंड़ली मिलकर तय करेंगी की सबसे बड़ा चोर कौन है।चोरों की जमात चोर के भविष्य का फैसला करेगी।सारे दागी मिलकर सबसे बड़ा दागी कौन है,इस पर मुहर लगाएंगे।
चंपत,अनिल मिश्र और गोपाल राव का पद तो चला जाएगा,लेकिन ट्रस्ट की सदस्यता भी जाती है या नहीं,यह देखते हैं।
श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में चोरी हुई, यह स्थापित हो चुका है।
यह व्यवस्था की असफलता है, ट्रस्ट की लापरवाही है।
यह पाप है।
गिनती करने में लगे कर्मचारियों ने इसमें हाथ साफ किया।
गिरफ्तारी हुई और पैसा भी बरामद हुआ।
ट्रस्ट के अधिकारियों के त्यागपत्र हुए और अब व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने की बात हो रही है।
लेकिन इसके बाद से जिस तरह से चांदी की ईंटें, काकभुशुण्डि, सोने की रामचरितमानस आदि के बारे में खबरें आईं, उन्होंने इस घटनाक्रम में आग में घी डालने का काम किया।
अब जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि ये सभी चीजें सुरक्षित हैं, कुछ लोग कह रहे हैं कि ट्रस्ट को इन्हें दानदाताओं को वापस कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने अविश्वास व्यक्त किया।
जबकि इन वस्तुओं का दान देने वालों की चिंता स्वाभाविक थी।
वे इस बात से परेशान थे कि उनकी दान की गई वस्तु का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हो रहा।
दान लेने और देने, दोनों के ही नियम हैं
दान सुयोग्य लोगों से ही लिया जाना चाहिए।
सनातन परंपरा में 'सत्पात्र' (लेने वाले की योग्यता) के साथ-साथ 'शुद्ध दान' (देने वाले की शुद्धता) पर भी जोर दिया गया है।
भगवद्गीता में सात्विक दान उसे माना गया है जो सही समय पर, सही स्थान पर, किसी सुयोग्य व्यक्ति को बिना किसी बदले की भावना के दिया जाए।
दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे।
देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्विकं स्मृतम्॥
(17वां अध्याय, 20वां श्लोक)
अर्थात् जो दान देना कर्तव्य है, ऐसा मानकर, बिना किसी उपकार की भावना के और बदले में कुछ पाने की इच्छा के बिना, योग्य स्थान, योग्य समय और सुयोग्य पात्र को दिया जाता है, वह दान सात्विक माना गया है।
When will BPSC ADEO take place ?
It got cancelled due to paper leak , BSSC filled its form in 2023 , 3 years have passed , No update about TRE-4 , BSSC , CGL.
Students have always suffered , tbh
देखिए आज शाम में क्या होता है,TRE 4 को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने शाम 5 बजे बैठक बुलाई है,बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, एसीएस और निदेशक के अलावा सामान्य प्रशासन के अधिकारी रहेंगे मौजूद,प्रदर्शन के बाद सीएम ने लिया संज्ञान
आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उपस्थिति में पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ।
बिहार में एन॰डी॰ए॰ विधायक दल का नेता चुने जाने पर श्री सम्राट चौधरी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार के विकास को और गति मिलेगी।
@samrat4bjp
जो बिहारी शब्द गाली की तरह या फिर अपमान जैसा इस्तेमाल किया जाता था बिहारवासियों के लिए दूसरे राज्यों में, उसे बदलने का काम किया @NitishKumar ने !
देखना होगा मौजूदा बदलाव बिहार को किस ओर ले जाता है ?
#NitishKumar
THIS HAS BEEN SWEETEST POWER TRANSITION B/W 2 PARTIES😍
.@samrat4bjp becomes 1st BJP CM of Bihar.
Hats off to .@NitishKumar Ji too for keeping his word given in Jan 2024 & Thank you Nitish Ji for not allowing Lalu Yadav to take over Bihar ever again despite switching over alliance some times. You've been real saviour of Bihar by not allowing it to become Jungle Raj ever again.
नीतीश चाचा के चेहरे की खुशी ही बता रही है कि वे योग्य उत्तराधिकारी का चयन कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
विविधता देखिए, अंग क्षेत्र के सम्राट हैं, उनके गले में मिथिला के मखाने की माला। और उसे पहनाकर उत्तराधिकारी चुनने वाले नीतीश कुमार मगध के। यही तो है अपना प्यारा बिहार। जय बिहार।
नीतीश कुमार की आलोचना हजार बार किया होऊंगा, जब जरूरत होगी फिर करूंगा।
मगर बिहार के अभी तक के सबसे सफल मुख्यमंत्री रहे हैं, विदाई के मौके पर ये भी कहूंगा।
इन्होंने कुछ भी करिश्माई नहीं किया मगर कुछ अराजक भी नहीं होने दिया, थोड़ा बहुत सुधार ही किया।
महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है मगर अफसोस आखिर में व्यवहार शर्मनाक और आपत्तिजनक हो गया था, इस बात का सबसे ज्यादा बुरा लगा।
बाकी बिहार की पॉलिटिक्स उस मोड पर पहुंच चुकी है कि कोई उतना ही बड़ा नेता कहलाएगा जितना मोदी शाह के दरबार में हाजिरी लगाएगा।
इसमें कोई शक नहीं कि बिहार को अब गुजरात और दिल्ली से चलाया जाएगा।
जाने को तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी इस पद को छोड़ गए, पर अपने समर्थक एवं आलोचक सबको भावुक कर गए।
कितने लोग कटाक्ष करते थे, अशब्द कहते थे, लिमिट क्रॉस कर जाते थे। पर कभी नीतीश कुमार ने इन पर कार्रवाई नहीं की। लोकतंत्र में आम लोगों की बोलने की स्वतंत्रता इनके समय में फ्री थी।
ऐसा न्यायप्रिय समाजवादी मुख्यमंत्री शायद ही अब कभी बिहार को मिले!
बिहार के नायक, जन-जन के नेता, नए बिहार के निर्माता, आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने भले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वो हर बिहारी के दिल में थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
आप देखिए, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश जी की पहली प्रतिक्रिया...''बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सर्वाधिक विकसित राज्यों में शामिल होगा। और वो अपना मार्गदर्शन नई सरकार को देते रहेंगे।''
नीतीश जी के रग रग में बिहार है। प्रदेश की चिंता है। ऐसे में बिहार के नायक नीतीश जी हमेशा करोड़ों बिहारियों के दिलों में सम्मान से रहेंगे।
हर बिहारी की जुबां पर अभी एक ही भाव है। आप स्वस्थ रहें और प्रदेश को अपना मार्गदर्शन देते रहें।
@NitishKumar
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