असली कालनेमि वो नहीं हैं जिन्होंने मंदिर की कभी बात ही नहीं की और अब चोरी चोरी चिल्ला रहे हैं, असली कालनेमि वो हैं जिन्होंने भक्त होने का दिखावा किया फिर चंदा चोरी को अंजाम दिया ।
नकली भक्ति करना ही कालनेमि होने का असली सबूत हैं ।
बस हाईवे बनाते जाओ, क्योंकि असली कमाई वहीं है. ‘किकबैक’ का खेल इतना सॉलिड है कि हर किलोमीटर ‘सोना’ उगल रहा है. लोग नितिन गडकरी की तारीफ करते नहीं थकते, लेकिन सवाल ये है कि इन हाईवे और एक्सप्रेसवे से फायदा आखिर किसका हो रहा है ? जनता का या सत्ता में बैठे लोगों का! क्योंकि जो प्रोग्रेस दिख रही है, वो आम लोगों की नहीं, बल्कि सिर्फ नितिन गड़करी की अपनी प्रोग्रेस है.
सरकार में बैठे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आखिर हुआ क्या. उन बड़े-बड़े दावों का क्या हुआ जो मंचों से किए गए थे. आखिर कहां गए वो सारे वादे ?
12 सालों में अगर भ्रष्टाचार नहीं खत्म कर पाए तो क्या कर पाए तुम -
1- थानों में भ्रष्टाचार चरम पर है
2- लेखपाल, डीएम, SP, साइबर क्राइम थाना, सब भ्रष्ट हैं
3- तहसील, कचहरी, क��षि भवन, में भ्रष्टाचार भरा पड़ा है
4- प्रधान, बीडीसी, जिलापंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, सांसद, मंत्री , मुख्यमंत्री सब भ्रष्ट हैं।
5- भगवान के मंदिर में आपके नाक के नीचे से चोरी हो गई, ये कैसी चौकीदारी है?
आज के भाषण में बयान कम, ��मकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विव��दास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है।
आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं?
जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा ब��ुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।
मोहन भागवत जी ने प्रियंक खड़गे जी के आरोपों का जो जवाब दिया है, वह हास्यास्पद है। भागवत जी ने कहा कि RSS सरकार से पैसा नहीं लेता, इसलिए उसे न तो पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की आवश्यकता है और न ही लेखा-जोखा देने की।
देश में बहुत सारे ट्रस्ट और सोसाइटियाँ हैं जो सरकार से कोई फंड नहीं लेते। फिर उन सभी के लिए पंजीकरण अनिवार्य क्यों है? FCRA की आवश्यकता क्यों है? आयकर अधिनियम के तहत 12A और 80G की जरूरत क्यों पड़ती है? फिर तो आयकर रिटर्न दाखिल करने की भी आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
हजारों सोसाइटियाँ और ट्रस्ट विदेशों से फंड लेते हैं। उनका भारत सरकार से कोई प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं होता, फिर भी उनकी जांच-पड़ताल क्यों की जाती है?
यदि इनमें थोड़ी भी नैतिकता हो, तो इन्हें शर्म आनी चाहिए। कानून तो इनके लिए पैर की जूती बन गया है। कोई इनका क्या बिगाड़ लेगा?
राम मंदिर का भूमिपूजन साहेब ने किया था
राममंदिर का प्राण प्रतिष्ठा साहेब ने की थी
पूरा मंदिर साहेब की देख रेख में बनाया गया था
राम मंदिर का क्रेडिट साहेब ने लिया था
सवाल है कि अब चंदा चोरी का क्रेडिट साहेब को क्यों न दिया ��ाय ?
@MamtaTripathi80 वैसे कमाल हो गया अयोध्या इनके लिए पनौती साबित हो गया, बड़ी बड़ी बातें, बड़े बड़े गीत ( जो राम को लाए है हम उनको लाएंगे)पहले लोक सभा हार गए और अब चंदा चोरी का इल्ज़ाम लग गया। ज��सके दम पे राजनीति करने निकले थे उसी ने इनका सारा दम ख़त्म कर दिया।
ज़ोर से बोलो जय श्री राम।
यूपी में सीएम अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ की सरकार है पूरे प्रदेश में लूट मची है भ्रष्टाचार ने रिकॉर्ड कायम कर दिया अभी अभी 600 करोड़ ₹ का तबादला उद्योग घोटाला हुआ है।
लेखपाल से लेकर मुख्यसचिव, मंत्रियों तक भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।
CM के नाम पर मोटा कमीशन लिया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ अपना आंख कान बंद कर उनको अपना सं��क्षण दे रहे हैं।
मिशाल के तौर पर PWD, खनन विभाग, सूचना विभाग, व्यापार कर समेत वो विभाग जो मुख्यमंत्री के पास है सरकारी नौकरियो के लिए होने वाली परीक्षा का पेपर लीक 7000 करोड़ ₹ का घोटाला हुआ है।
लखनऊ में 1500 करोड़₹ का ग्रीन कोरीडोर घोटाला औद्योगिक विकास विभाग का CEO अभिषेक प्रकाश जिसने अरबों रुपये कमीशन मांगे थे उसकी पीएम नरेंद्र मोदी से शिकायत की गई थी काफी दिन सस्पेंड रहने के बाद उसको को क्लीन चीट देकर दोबारा सचिव के पद पर नियुक्त करना जिलों में तहसीलों में लूट मची है।
सभी योजनाओं में बड़े बड़े कमीशन लेकर घटिया क्वालिटी का निर्माण कार्य हो रहा है।
बसपा के एक खास MLA ने योगी के आशीर्वाद से PWD विभाग के सभी टेंडरों पर कब्जा कर लिया है यूपी की जनता योगी आदित्यनाथ की सरकार के भ्रष्टाचार और स्वजातीय माफियों के आतंक से त्राहि-त्राहि कर रही है।
महिला केंद्रित महिलाओं को 33% अधिकार देने की बात करने वाले योगी आदित्यनाथ महारानी भानवी सिंह जी को न्याय क्यों नहीं दे रहे हैं? वो बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह से अपने सम्मान और हक की लड़ाई लड़ रही है अपने बेटी के साथ भय के साये में वो अकेली संघर्ष कर रही हैं उनकी जान को खतरा है।
कहा है मोदी जी%योगी आदित्यनाथ का 33% महिला केंद्रित अधिकार योगी क्यों आंख कान बंद कर उस बेबस महिला की अपील को नहीं सुन रहे हैं?
“50 दिन मांगे थे, 4400 दिन में भी कु�� नहीं किया”
एंकर - “ये Standup Comedy का मंच नहीं है..”
Y - “तो आप क्यों कर रहीं हैं?”
फिर एंकर महोदया बुरा मान गईं..