बिहार के वैशाली में बड़ा हादसा...निर्माणाधीन 6 लेन पुल का स्���्रक्चर भरभराकर गिरा...हादसे में कई मजदूरों के दबने की खबर, वीडियो भयावह है...हादसे की तस्वीर देखिए...
वैशाली बिहार में निर्माणाधीन पुल टूट के गिर गया,
कई मजदूर घायल हो गए हैं।
मीडिया बाइट में “ कड़ी कार्यवाही,जाँच कमेटी,दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” जैसे शब्द सुनने के लिए तैयार रहें।
बिहार शायद एकमात्र राज्य है जहां ज़मीन बेचने वाले कम और ख़रीदने वाले ज़्यादा हैं
पटना में जमीन की कीमतों को लेकर जमीनी हकीकत समझने की जरूरत है।
पटना के संपतचक में ₹60 लाख प्रति कट्ठा, गौरी चक में ₹40 लाख, बिल्दारीचक में ₹40 लाख ��र फतेहपुर में ₹50 लाख प्रति कट्ठा तक के रेट बताए जा रहे हैं।
पटना जिला में जमीन मालिक या जमीन के ब्रोकर से पूछिए—जीरो माइल से 40 किलोमीटर के दायरे में शायद ही कोई जमीन ₹50 लाख प्रति कट्ठा से कम बताई जाती हो।
विडंबना यह है कि कई जगह ऐसी जमीन के रेट भी आसमान छू रहे हैं, जहाँ आज भी बरसात में पैदल चलना तो दूर, पानी से होकर जाना पड़ता है।
सच कहें तो ऐसी जमीन ₹5 लाख प्रति कट्ठा में भी कई लोगों को महंगी लगेगी।
इसलिए जमीन मालिक और ब्रोकर दोनों को वास्तविकता समझनी चाहिए और बेवजह जमीन के रेट बढ़ाने से बचना चाहिए।
पटना में जमीन का रेट बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण जमीन बेचने वाला नहीं, बल्कि बढ़ी हुई कीमत पर जमीन खरीदने को तैयार खरीदार हैं।
करण: दो नंबर का पैसा
जब खरीदार ही अव्यावहारिक कीमत देने से इनकार कर द���ंगे, तो जमीन की कीमत भी अपने वास्तविक स्तर पर आएगी।
पानी का पाइप 2 दिन से फटा पड़ा है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड को दिखाई नहीं दे र���ा।
इससे सड़क खराब होगी और फिर PWD को सड़क ठीक करने का काम मिलेगा।
कुल मिलाकर दोनों विभाग एक-दूसरे की "कमाई" के लिए पूरा सहयोग कर रहे हैं।
आखिर दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार है!
@DelhiJalBoard
@gupta_rekha
किसी भी राष्ट्र का निर्माण उस देश का सभ्य समाज करता है
55% आबादी वाला सवर्ण समाज ही वह सभ्य समाज है
देश की सभी राजनीतिक पार्टियाँ सवर्ण समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुकी हैं
आज की तारीख में अगर कोई सवर्ण किसी भी पार्टी को सपोर्ट कर रह�� है तो वह इस धरती पर बहुत बड़ा बोझ है
🚨यह चौंकाने वाला है!🤯
•सत्य निकेतन हादसा। ANI के कैमरे लगातार चल रहे हैं।
•आखिर कोर्ट किसे ले जाया जा रहा है?
महेश।
एक बिल्डिंग ठेकेदार।
एक राजमिस्त्री।
दो दिन की हिरासत।
कोर्ट में पेशी।
पूरा ड्रामा।
लेकिन वैन में कौन गायब है?
कोई BJP नेता?
MCD चेयरमैन?
•��े लोग जिन्होंने वर्षों तक सिविक इंस्पेक्शन की व्यवस्था संभाली? वे लोग जिन्होंने DU के छात्रों के लिए हॉस्टल तक नहीं बनवाया?
कैमरे के सामने छोटी मछलियाँ।
और बड़ी मछलियों को संरक्षण।
यह न्याय नहीं है।
यह ध्यान भटकाने की कोशिश है।
•ऐसा दिखावा, ताकि जनता यह भूल जाए कि पूरे सिस्टम की नाकामी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
पत्रकार श्याम मीरा सिंह ने Culture Shock नाम से एक Show शुरू किया हैं, जिसके पहले Episode में राजीव तलवार ने गर्दा उड़ा दिया।
राजीव तलवार:- जितने लोगों के पास पावर हैं सब साले गांडू हैं ,
40 परसेंट कमीशन लेना अपराध नहीं हैं, फर्जी FIR लगाना अपराध नहीं हैं, दहेज लेना अपराध नहीं हैं, जज साहब घुस लेते हैं वो अपराध नहीं हैं तो फिर मेरा गाली देना कैसे अपराध हो गया।
अगर इस शो का थोड़ा सा प्रचार कर दिया जाए तो ये समय रैना के Got Latent को भी पीछे छोड़ देगा।
@ShyamMeeraSingh शानदार शो हैं 🙏
Years after years Bihar drowns, Package is announced but no measures are taken to tackle the recurring flood, is this so difficult?
Who is benefiting from this flood? Who? The poor are losing everything, they are stranded, they are homeless then who is being benefited? Who?
अगर यह वी��ियो यूपी के किसी भी जिले का होता तो आरोपी अभी तक एनकाउंटर में मारे जा चुके होते हैं, लेकिन यह वीडियो राजस्थान के डूंगरपुर का बताया जा रहा है, जहां खुलेआम स्कूली छात्राओं को मनचलों के द्वारा बेरहमी से छेड़ा जा रहा है।
#rajasthan #dungarpur #students
🚨इतना साथ दो की मामला— मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तक पहुंचे🚨
आगरा-जयपुर NH-21 पर किरावली के पास नेशनल हाईवे की भूमि पर पुलिस की मौजूदगी में कब्र दफनाए जाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि कब्रिस्तान की निर्धारित भूमि से अलग NH की भू���ि पर कब्रिस्तान के रूप में उपयोग की अनुमति थाना किरावली पुलिस ��्वारा दी गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार NH की अधिग्रहीत भूमि पर पहले से ही एक विशाल मजार बनी हुई है। इसके बावजूद कुछ माह पूर्व पुलिस की कथित निष्क्रियता के बीच मजार के समीप NH की भूमि पर एक अन्य मजार का भी निर्माण कर दिया गया।
अब इसी भूमि पर कब्र दफनाए जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि NH की भूमि के कथित अतिक्रमण और लगातार हो रहे निर्माण के लिए जिम्मेदार कौन है?
मौके पर पहुंचे NHI के सुपरवाइजर नरेश कुमार ने उक्त भूमि को NHI की भूमि होने का दावा किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने मुस्लिम पक्ष से कथित तौर पर कहा कि यहीं थोड़ा साइड में गाड़ लो।
ऐसे में सवाल है कि SHO को राजस्व अथवा NH की भूमि पर निर्माण या खुदाई की अनुमति देने का अधिकार किसने दिया?
स्थानीय पुलिस पर अतिक्रमण के आरोपों का साथ देने के पीछे क्या कारण हैं, यह भी जांच का विषय है।
आरोप है कि SHO ने पत्रकारों को का��� रुकवाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में कथित तौर पर साइड में खुदाई करवा दी गई।
अब सवाल यह है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कब होगी और नियमों के उल्लंघन के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
माननीय @myogiadityanath कृपया संज्ञान लीजिए @agrapolice @adgzoneagra @CMOfficeUP @UPGovt @OfficeOfDMAgra @dgpup @NHAI_Official @Uppolice
BJP overturned Supreme Court Judgment of 2018 on ST-SC Act.
As a result they lost, three state elections.
They realised the mess and then in 2019
Introduced EWS reservation.
YOU CAN'T MESS WITH YOUR CORE VOTERS.
😄
📍 नॉर्थ दिल्ली
यादव नगर निवासी समीर अपनी मां के साथ रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता है। हाल ही में उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया। समीर ने खुद तलाश कर ई-रिक्शा और कथित चोर को पकड़ लिया और दोनों को लेकर थाने पहुंचा।
आरोप है कि चोरी क��� शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने समीर के साथ ही बुरी तरह मारपीट की।
जिस युवक ने चोर पकड़कर पुलिस की मदद की, अगर उसी को थाने में इंसाफ़ के बजाय मार मिले, तो आम आदमी कानून पर भरोसा कैसे करे? मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हर व्यक्ति आज की डेट में यशस्वी मोदी जी को मोदी एक्ट के दुरुपयोग पर घेर रहा है कि लोग पैसे बनाने के लिए ये सब कर रहे हैं, जैसे कि किक्की सिंह के केस में एक रैंडम वकील, जो महाराष्ट्र में बैठा है, वो आहत हो गया कि गवई को लेकर उसने एक पोस्ट किया था। पर, किसी को यह नहीं दिख रहा है कि मोदी जी ने किया है, तो सोच-समझकर ही किया होगा।
उन्होंने दलितों के आर्थिक उत्थान के लिए सवर्ण वेंचर कैपिटल फण्ड की स्थापना की।
प्रातःस्मरणीय श्री अजीत भारती जी, ब्रो, ये तो सवर्णों के लिए होगा ना? नहीं ��्रो, यही तो कैच है कि मोदी राज में सवर्ण ऐसी प्रजाति है, जो कमाती देश के लिए है, पर टैक्स दलितों के हॉस्टल, कोचिंग फीस, कोर्स फीस निःशुल्क करने के लिए देती है और इस भ्रम में जीती है कि भाजपा राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की अलख जगा रही है।
सवर्ण वेंचर कैपिटल फण्ड वस्तुतः वैसे दलितों के जीवन को सुधारने हेतु बना है, जो शिक्षा में आरक्षण के बाद भी पढ़ नहीं सके, परीक्षा में आरक्षण के बाद भी कॉलेज नहीं जा सके, नौकरी में आरक्षण के बाद भी नौकरी नहीं पा सके और कुछ नहीं मिला तो या तो भीम आर्मी का झंडा उठा लिया या वकील बन गए।
अब देखिए संतोष दोहरे जी को, जो वैसे तो कचहरी में एफ़िडेविट बनाकर साल भर में 20000 नहीं कमा पाते थे, पर मोदी जी द्वारा उन्हें तो सवर्ण रूपी वेंचर कैपिटलिस्ट मिला। उन्होंने मोदी एक्ट में कुछ ही केस सवर्णों पर किए और 23,36,250 रुपए बना लिए।
कहा जा रहा है कि उनकी सीरीज A फंडिंग के लिए उन्होंने 10-12 और भी केस जिला स्तर पर लगा रखे हैं।
मोदी जी कोई भी काम ऐसे ही नहीं कर देते हैं, उसके पीछे एक पूरी सोच और प्लानिंग होती है। जैसे कि उन्होंने जो 22 से 47 किया मोदी एक्ट में संशोधन करके, फिर पैसे बढ़ाए, पैसों की डिलीवरी सुनिश्चित की, सुप्रीम कोर्ट निर्णय का शाहबानो किया, छाती ठोकी और सवर्णों के L लगा दिए!