@NitinNabin@narendramodi इधर देश में एक हिन्दुस्तानी ने देश की अर्थव्यवस्था डूबा दी,आज भारत दुनिया के सब सेे कमजोर रुपया और अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है,और ये कार्य धर्म चक्रवर्ती आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है.
@sachinsgaur राजनीतिक दल को चलाने के ल��ये वोट के साथ-साथ धन,जानकार लोग वगैरह की भी जरूरत होता है,बहुत सेे मंत्रालय घर बैठे लोगों को बुला कर दिये जाते हैं,दलित को नही दिया जाता,दलित भी हो सकता है,स्वर्गीय मनमोहन सिंह याद हैं कि नही?आपकी राजनीतिक सम�� को देखते हुये कौन जाने कब कोई पद मिल जाये?
"जिस बस में लेकर गए थे, उसी में छोड़ने आए हैं"
◆ CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा
◆ असम पुलिस की हिरासत से छूटने के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका की स्पीच वायरल!
#AshutoshRanka | Ashutosh Ranka | #AbhijeetDipke | Abhijeet Dipke | CJP | Assam
@myogiadityanath धर्म के नाम पर अब अगले 50 वर्षों तक वोट नही मिलेगा,धर्म चक्रवर्ती ��्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धर्म के नाम पर वोट लेने के बाद वो घृणित जातिवाद किया है कि जिसकी कल्पना कोई नही कर सकता था, आप ने भी उत्तर प्रदेस में यही किया है,अब कोई हिंदू और राष्ट्र के नाम पर वोट नही देगा.
देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बिहार में स्थित जगदीशपुर के राजा बीर कुंवर सिंह ने 86 वर्ष की उम्र में जबरदस्त युद्ध किया था और शहादत दी थी,क्या फिर कोई कुंवर सिंह 2026 में पैदा हो सकते हैं?क्या उम्मीद किया जाये?कायस्थ जाति में J.P. की उम्मीद नही है.
@rajnathsingh
@BJP4India@PMOIndia कभी बीजेपी वैचारिक स्तर पर चलने वाला दल हुआ करता था और कांग्रेस व्यक्ति पूजा के आधार पर चलने वाला,कांग���रेस में नेहरू परिवार सब कुछ था और आज भी है,सत्ता मिलने के बाद बीजेपी का पतन देखें कि मोदी पूजा दल के एजेंडे में शामिल हो गया!मोदी बीजेपी के अंतिम PM बनेंगे.
@samrat4bjp बिहार में हर घटना के बाद चंद बड़बोले जातीय नेता पीड़ित और घटना को अंजाम देने वालेे के घर पहुंच कर जाति युद्ध का माहौल बना ��हे हैं, इससे सरकार की छवि खराब हो रहा है,बिहार की बहुसंख्यक जनता ऐसे काम को पसन्द नही करती,ऐसे सभी लोगों पर NSA लगा कर जेल भेजना सुनिश्चित करें,जनता साथ है.
@BJP4India@PMOIndia दुनिया में अपने तरह का अकेला सरकार चला रहे हैं धर्म चक्रवर्ती आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,इस की खूबी ये है कि इस सरकार का कोई मंत्री अपने मंत्रालय की बात नही करते बल्कि दूसरे मंत्रालय को लेकर बयान देते हैं और मोदी जी सिर्फ मन की बात बोलते हैं.😀
बिहार में कोई भी घटना होने पर सोशल मीडिया पर जातीय घृणा फैलाने और समाज में तनाव पैदा करने वालेे गिनती के 40-50 लोगों को पुलिस द्वारा खुला छोड़ देना समझ सेे बाहर है,इससे समाज में तनाव पैदा होता है और राज्य के मुख्यमंत्री की लापरवाही प्रमाणित होता है,इसे रोका जाये.
@officecmbihar
@rajnathsingh जी,हमें भी उम्मीद है कि आप भी अपनी जिम्मेदारी स��झते हुये देश को जाति युद्ध और सामाजिक तनाव में ढकेलने की कोशिश करने वालेे देश विरोधी और सत्ता के लालची जोड़ी के खिलाफ एक अंतिम और मजबूत आवाज उठाने का काम करेंगे ताकि देश की रक्षा हो सके,आप सेे देशवासियों की उम्मीद है.
कब तक डर कर राजनीति करेंगे?देश के जिन राज्यों में कांग्रेस का शासन है,वहां जबाब देना शुरू करें,कोई भी दुष्ट और कायर आदमी/सत्ता सभ्य भाषा में दिये गये जबाब सेे कभी नही ठीक हुआ है,लतखोर को लात मार कर हीं ठीक किया जा सकता है,ये करना शुरू करें या राजनीतिक छोड़ दें.👏🤛
@RahulGandhi
@PMOIndia@BJP4India कोई भी नेता या राजनीतिक दल जब जनता के जीवन सेे जुड़े मुद्दों सेे अधिक जाति/���र्म या देशभक्ति जैसे भावनाओं की बात करने लगे तो इसका सीधे मतलब है कि वो देशवासियों के लिये कुछ करने लायक नही रहा,उसको देशवासियों सेे कोई लेना-देना नही है,वो सिर्फ सत्ता सुख भोग रहा है
कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम का सम्मा��� करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश का सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है।
यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।
कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगो के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा।
कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है, और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरे के संकेत हैं।
मैं मानता हूँ कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।
@BJP4India ने अपने IT सेेल के प्रभारी को हटा कर दूसरे को नियुक्त किया है,विपक्ष और 🪳 पार्टी के लोगों को लगता है कि ये उनकी जीत है,तो मैं दावे सेे कह सकता हूँ कि नये प्रभारी पहले वालेे सेे 💯 गुना अधिक गाली देने और विपक्ष को बेइज्जत करने वालेे होंगे,मोदी जी किसी समान्य मानुस को नही चुन सकते हैं.