⦿ जब मैं शांति से चल रही थी तो पुलिस ने मुझे क्यो�� मारा?
⦿ ये रूल है कि एक मेल ऑफिसर किसी लड़की को नहीं मार सकता, तो एक पुरुष RAF ऑफिसर ने मुझे कैसे मारा?
⦿ Why did he try to jab a baton into my buttocks?
उस ऑफिसर को जिसने भी ऐसा करने का ऑर्डर दिया था, अगर वो माफी मांग ले, तो ��ुझे खुशी होगी।
: मुस्कान शर्मा जी
मोहन भागवत को लगा जैसे RSS वाले हर जगह ज़बानी जमाखर्च करते हैं
यहाँ भी वही चल जाएगा
भूल गए - Gen Z से बात कर रहे थे
कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया युवाओं ने
मोदी सरकार का नया कानून आया है। अगर सरकार किसी भी social media platform को कोई पोस्ट delete करने के लिए कहती है, तो उन्हें 3 घंटे के भीतर उसे delete करना होगा।
Gen Z के आंदोलन के बाद से ही मोदी जी को बहुत डर लगने लगा है। मोदी जी, आप जितना देश के लोगों की आवाज़ दबाएंगे, उनका गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
वही करो,जो आता है! छात्रों को मत बाँटो 🙌
यही बच्चे Janatar Mantar पर थे तो ‘आतंकी’, Ranchi में हैं तो छात्र? एजेंडा मत चलाइए,दोनों जगह छात्र हैं। ये अपने हक़ की बात करते हैं,आप पार्टी की।
मैं वही लड़की हूं- जिसने मुंबई में पुलिस की वैन को रोका था और अब मेरे बारे में कई नैरेटिव चलाए जा रहे हैं।
मैंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था। अब मुझे हैरेस किया जा रहा है, जो कि क्राइम है।
मैंने 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन आज 5 अगस्त है और अब तक FIR नहीं हुई ह��। हालांकि, मुझे खुशी है कि मैं जिन युवाओं के लिए खड़ी हुई, आज वे मेरे साथ खड़े हैं।
: रिया अहीर जी
जब मैंने पत्रकारिता शुरू की, अखबारों में सरकार की आलोचना में भर-भर पेज लेख लिखे। हमसे 30 साल, 40 स���ल सीनियर संपादकीय लिखवाते थे। हम खुलकर लिखते थे। छपता था। लेकिन कभी किसी ने नहीं रोका। किसी सीनियर ने इतना भी नहीं कहा कि सीधा प्रधानमंत्री से सवाल करने से पहले कुछ पढ़-लिख लो, उस लायक बन जाओ। जो हमें ठीक लगा, तार्किक लगा, वह सब लिखा। खाली दिनों में कई अखबारों में भी लेख लिखे, किसी संपादक ने कुछ छापने से मना नहीं किया कि इसे हम नहीं ले सकते क्योंकि यह सरकार के खिलाफ है।
आज यह हालत है कि पत्रकारों को फर्जी आ��ोपों में जेल में डाल दिया जाता है। फर्जी आरोप में न्यूजक्लिक जैसे संस्थान को बर्बाद कर दिया गया। द वायर जैसे अच्छे पोर्टल पर इतने केस लादे गए कि वह किसी तरह बस चल रहा है। जिस भी पत्रकार ने सरकार की आलोचना की, उसे ही पत्रकारिता से निकाल कर बाहर कर दिया गया। सवाल पूछने वाले दर्जनों दर्जन पत्रकारों से उनकी जीविका तक छीन ली गई। पत्रकारों पर गुंडे और ट्रोल छोड़े जाते हैं।
जो लोग सत्ता में बैठकर य��� कृत्य कर रहे हैं, वही लोग आपातकाल का रोना रोते हैं। घोषित आपातकाल ज्यादा बुरा था, या अघोषित आपातकाल जो पूरे देश को, यहां तक कि पीढ़ियों को गुलाम बना लेने की जिद पर अड़ा हुआ है?
पप्पू यादव जी एक चुने हुए सांसद हैं
उनपर चाकू से हमला करने वाले हैप्पी शर्मा के BJP से घनिष्ठ सम्बंध हैं
इससे पहले भी अभिषेक बैनर्जी, महुआ मोइत्रा के साथ हिंसा हुई - जिसमें BJP शामिल थी
यह अराजकता मोदी की देन है और गृह मंत्री शाह का फेलियर है
क्या BJP के पास सभ्य समाज में राजनैतिक प्रतिद्वंदियों पर जानलेवा हमला करने का लाइसेंस है?
यूपी : मेरठ में कांवड़ियों ने दो पुलिसकर्मियों को पुलिस जीप से बाहर निकालकर पीटा, कपड���े फाड़ दिए। दरअसल, बाइक सवार व्यक्ति ने कांवड़ियों ��ो टक्कर मार दी थी। इस सूचना पर थाने के 2 पुलिसकर्मी सादा कपड़ों में जीप लेकर पहुंच गए। आरोपी व्यक्ति तो भाग गया, लेकिन कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनकी खूब पिटाई की।
RSS छात्रों के प्रदर्शन को देशविरोधी, संविधान विरोधी बता रहा है
BJP वाले छात्रों को गटर, वायरस, दहशतगर्द, भेड़िया, पंक्चर बनाने वाले बुला रहे हैं
तो नरे���द्र मोदी क्या फ्रेंड फ्रेंड की नौटंकी कर रहे हैं?
वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह जी ने News 24 से इस्तीफा देने के करीब 27 दिन बाद सोशल मीडिया पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा समय दूर नहीं जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी लोग मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाए��गे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी ईमानदारी से सत्ता से सवाल पूछे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब पहले जैसी स्वतंत्रता से सवाल करना संभव नहीं रह गया। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ को सामने लाना है। उनका मानना है कि अगर पत्रकार स्वतंत्र होकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो इसका असर लोकतंत्र पर भी पड़ेगा।
: @gforgari
एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए?
अब सुनिए...
यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा?
RPF - तो आप यात्रा मत करो?
है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा?
कावड़ियों ने ट्रक लूट ली, कहा हैं किस बिल में छुपे हुए हैं सुधीर चौधरी, अंजना ओमकश्यप, रुबिका लियाकत और गोदी न्यूज चैनल वाले क्या इसपर डिबेट क���ेंगे?
क्या मोदी सरकार से सवाल पूछेगें?
Gen-Z को छेड़ना BJP को भारी पड़ रहा है,
अब लड़कियां मैदान में उतर चुकी हैं,
अभी भी भाजपाई चुप हो जाएँ और इनके खिलाफ बोलना बंद कर दें तो शायद ये लोग रुक जाएँ !
अगर भाजपा के लोग और भक्त इनके खिलाफ बोलते रहे तो ये सरकार को जड़ से ख़त्म कर देंगे इतना याद रखना !
गोदी का बहिष्कार करो।
मोदी आप और आपके “ज़हरीले लश्करे नोएडा के बौद्धिक आतंकवादियों” ने 15 साल की बच्ची का जीना हराम कर दिया।
उस बच्ची को बलात्कार और जान से मारने की धमकी मिल रही।
आप घृणा से भरे नफ़रती इंसान हो मोदी जी आपने छोटे बच्चों के पीछे बाहुबली बाबा योगी की पुलिस लगा दी।
क्या ग़ज़ब ड्रामेबाज़ हैं नरेंद्र मोदी.
माफ़ी तो आपको माँगनी थी मोदी जी, और उल्टे आप दे�� को माफ़ कर रहे हैं!
आप माफ़ी माँगिए 👇
• बच्चों पर बर्बरता करने के लिए
• उनपर पैलेट दगवाने के लिए
• उनको लाठियों, कील लगे डंडों से पिटवाने के लिए, करंट लगवाने के लिए
• वेंटीलेटर पर एक बच्ची को पहुँचाने के लिए
• लड़कियों के फाड़े गए कपड़ों के लिए
• युवाओं को कहीं घिनौनी बातों के लिए
• Gen Z को गटर बुलवाने के लिए
• पेपर लीक के लिए
• मंच से आपके द्वारा कही घटिया भद्दी बातों के लिए
• आप जिन वा���िया�� ट्रोल्स को फॉलो करते हैं उसके लिए
⁉️और यहाँ आप लोगों को माफ़ करने का स्वांग रचा रहे हैं
⁉️मतलब आत्ममुग्धता का भी अलग ही लेवल है आपका
⁉️कैसे कर लेते हैं यह बेशर्मी?
कहाँ छुपे हुए हैं? संसद आइए, माफ़ी माँगिए - देश से, देश के युवाओं से, देश की बेटियों से