कांवड़ यात्रा में भी आरक्षण हटाओ की गूंज सुनाई देने लगी।
जिन्हें लग रहा था कि यह बस सोशल मीडिया के कुछ फ्रस्ट्रेटेड लड़कों का मुद्दा है, उनके लिए सड़क से अपडेट है, मामला टाइमलाइन से निकलकर कांवड़ तक पहुंच चुका है।
अब नरेटिव वाले तय कर लें, इसे फेक, फ्रिंज या व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी में से क्या घोषित करना है।
बाकी आवाज़ तो उठ रही है, आरक्षण पर सवाल अब दबाकर रखना आसान नहीं होगा।
बोल बम!
परमादरणीय @nitin_gadkari जी, यदि आप एक डैश के डैश हो, तो आपको चुनौती देता हूँ राहुल गाँधी का यह वीडियो तीन घंटे में डिलीट करवाने का। मेरे जैसे लोगों को तो आपने 157 पेज का फाइल भेजा है, पर यदि साहस है तो upto E20 तक लिखे इस ढक्कन वाले नेता पर केस कर के दिखाओ।
हम इसीलिए तो टैक्स और वोट देते हैं ताकि नेताओं और उनके परिवारों का जीवन मजे में कटे, चाहे जनता का भला हो या ना हो,
सांसद महोदय दो बार से बिहार के किशन गंज से सांसद हैं, कई बार विधायक रहे और मंत्री भी रहे, आप लोग आनंद लीजिए हम सही टाइम पर टैक्स भर रहे
जातिवाद समाप्त करना था, जातियाँ नहीं
पहले ये केवल अक्ल के अंधे थे, अब, ये अक्ल के अंधे और गाँठ के पूरे हैं
अर्थात् समाज का विनाश करने के लिए पूर्ण रूप से लैस, वही कर रहे हैं.
85% बहुजन हैं, लेकिन अंतरजातीय विवाह सिर्फ सवर्ण से करना है!!
तभी जाति खत्म होगी??
अच्छा, मज़े की बात ये कि इसमें भी कोई क्रीमी लेयर नहीं है!
माने करोड़पति होकर भी पैसे ले सकते हैं!
पता नहीं ये कैसा सामाजिक न्याय हो रहा है देश में!!!
22 साल तक एक निर्दोष आदमी की जवानी जेल की चक्की में सड़ाने के बाद हमारे सिस्टम को अचानक ज्ञान प्राप्त हुआ कि "सॉरी भाई, तुम्हारे खिलाफ तो सबूत ही नहीं है, तुम घर जा सकते हो!"
और ओडिशा हाईकोर्ट का न्याय देखिए, उसने कागजों में 3,157 दिन की देरी बताकर उस बेकसूर की फाइल ही कूड़े में डाल दी थी। सच में, अगर आप गरीब हैं, तो यह न्याय-व्यवस्था आपके लिए सिर्फ तारीख पे तारीख वाला एक खौफनाक मजाक है!
फ़ायदा तो किस को मिल रहा है वो तो सब को दिख ही रहा है। हर रोज़ गोलपोस्ट बदल देते हो कभी इंजन को फ़ायदा कभी किसान को कभी किसी को। बस ये नहीं बतायेंगे की माइलेज गिरने के कारण पेट्रोल का खर्च पंद्रह प्रतिशत तक जो बढ़ गया है वो नुकसान हम क्यों भुगतें। पैसा तो बहुत है ही तो बहा ही सकते हो, बहा भी रहे ही हो रोज़ के। बस आम जनता भुगत रही है बाक़ी सब कमा रहे हैं।
जिन लोगों ने यूपीए 2 सरकार का कार्यकाल नहीं देखा, वो मोदी 3.0 सरकार देख के फील ले सकते हैं।
वैसे ही बड़बोले बदतमीज नेता, वैसा ही भ्रष्टाचार, वैसा ही रेन कोट पहन के नहाने वाला प्रधानमंत्री, वैसे ही चाटुकार मीडिया और दलाल।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न खाऊँगा न खाने दूँगा। लेकिन खाने वाले ख़ूब खा रहे है, और ये सब या तो भाजपाई है या भाजपा नेताओं के परिजन है।
4700 करोड़ ₹ की लागत से बना लखनऊ कानपुर हाईवे बनने के कुछ दिन बाद ही बदहाल हो गया, बदनामी हुई तो NHAI ने टोल टैक्स स्थगित कर कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया।
पढ़ते रहिए, क्लाइमेक्स अभी बाकी है। जिस PNC इंफ्राटेक लिमिटेड ने ये हाईवे बनाया है, उसके मालिक प्रदीप कुमार जैन भाजपा सांसद नवीन जैन के भाई है।
ये कंपनी 2021 में झांसी-खजुराहो हाइवे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और घूसखोरी से जुड़े मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रही है। और सीबीआई जांच के बावजूद इस कंपनी को 2022 में लखनऊ कानपुर हाइवे का ठेका दे दिया।
देश में बन रहे हाई वे की क्वालिटी टेक्सपेयर के पैसे की बर्बादी का जीता जागता उदाहरण है।
@NHAI_Official@nitin_gadkari
आधिकारिक हैंडल से फैलाए जा रहे झूठ और आधे-अधूर सच से सावधान रहें। ❌
1️⃣ माइलेज में कमी कोई "अफवाह" नहीं, बल्कि बुनियादी विज्ञान है। थर्मोडायनामिक्स को नकार कर इंजीनियरिंग की बातें करना हास्यास्पद है।
2️⃣ बेहतर कंबशन और हाई ऑक्टेन का फायदा सिर्फ E20-कम्प्लाइंट (Compliant) इंजनों को मिलता है। भारत में 80% से ज्यादा गाड़ियां E20 के अनुकूल (Compatible) भी नहीं हैं, कम्प्लाइंट होना तो दूर की बात है।
3️⃣ परफॉर्मेंस में सुधार सिर्फ कम्प्लाइंट इंजनों में होता है। बाकी गाड़ियों में E20 से जंग (Corrosion) और इंधन प्रणाली को नुकसान का असली खतरा है।
4️⃣ कम कैलोरीफिक वैल्यू (Calorific Value) एक बड़ी कमी है। "इंजीनियरिंग लिमिट्स" का मतलब सहने की सीमा (Tolerance) होता है, सही डिज़ाइन नहीं।
5️⃣ जब गाड़ी, ड्राइवर और रास्ता सब एक ही है और सिर्फ ईंधन बदला है, तो माइलेज की गिरावट का सीधा कारण ईंधन ही है।
तकनीकी कमियों को खूबियों की तरह बेचना बंद करें!
#EthanolScam
@OGTeamBharat@tehseenp@FactswithDinesh@Nidhzee@theracemonkey@Shankyram2
आज प्रशांत किशोर ने रिंकिया के पापा मनोज तिवारी को रगड़ दिया🔥😂
मनोजवा एक नंबर का फ्रॉड आदमी है,
जहां चुनाव होता है कूद के भाजपा का बेइज़्ज़ती कराने लगता है,
हालांकि इस बार जिस तरीके कि घटिया राजनीति उसने भरत तिवारी के मामले में की है उसके बाद से उस जाहिल से मुझे घिन आती है!