Dear @NisithPramanik / Bittu Da, Please introduce mandatory QR-code based online ticketing for all football & cricket matches in West Bengal.
This manual stamping system became a breeding ground for corruption, where clubs are forced into a 20% commission nexus under former Sports Minister Arup Biswas.
Millions of genuine supporters suffered while black marketing thrived openly.
Also keep a close watch on clubs/franchises like @Mohun_Bagan, @eastbengal_fc & @KKRiders who stayed completely silent on this massive corruption racket for years.
Sports belongs to fans, not middlemen.
Transparency starts with digital ticketing. ⚽🏏
#StopTicketMafia #QRCodeTickets #SaveBengalSports
@mohunbagansg@eastbengal_fc@KKRiders@IFABengal@IndianFootball@IndSuperLeague@IPL@BJP4Bengal
@AmazonHelp I will not buy from Amazon anymore and will strongly suggest everyone I know to avoid purchasing from them due to this bad experience. #ScamAwareness
Very poor experience with Amazon. Got wrong product in correct box. Despite complaints, refund/replacement denied. No support or accountability. Buyers beware! @AmazonHelp@amazonIN
@AmazonHelp Ordered MFS110 from Amazon but received wrong model MFS100. No return option, no support even after 7 days. Please arrange refund/replacement urgently.
@amazonIN I ordered the Mantra MFS110 model, but received a Mantra MFS100 V54 inside a package labeled as MFS110. This is a clear mismatch. Please resolve this issue urgently.
Order #408-2467153-7235537
मोदी सरकार ने साफ शब्दों में कहा EWS अभ्यर्थियों के Age Relaxation और अटेंप्ट्स में छूट का कोई प्रावधान नहीं है !
क्या ईडब्ल्यूएस आरक्षण सिर्फ झुनझुना है ?
EWS को आयु-छूट देने में इनका दम निकल रहा है, 7 साल हो गए, लेकिन मोदी सरकार ने अभी तक गरीब सवर्णों को आयु-छूट नहीं दी बातों से पता चल रहा है कि किस तरह सवर्णों के वोट लेकर धोखा दिया गया है।
RYAN WILLIAMS IS NOT A NATURALISED INDIAN PLAYER.....
HE IS REPRESENTING INDIA DUE TO HIS ANCESTRY & HERITAGE.
Big difference and important to get it right. #IndianFootball
देखिए, Narendra Modi और Bharatiya Janata Party का एक और सवर्ण विरोधी चेहरा सामने आया है।
EWS वर्ग को आयु में छूट age relaxation देने से इनकार कर दिया गया है, और यह निर्णय 5000 साल की मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर लिया गया बताया जा रहा है।
@narendramodi@BJP4India
*BIG BREAKING: नवोदय स्कूल क्लास 6th प्रवेश में EWS को जगह नहीं, देशभर में लाखों छात्र वंचित — हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब*
जबलपुर/नई दिल्ली
जवाहर नवोदय विद्यालयों की क्लास 6th 2026 -27 की प्रवेश प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को कोई अवसर न दिए जाने के मामले ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने गंभीरता दिखाते हुए केंद्र सरकार, Navodaya Vidyalaya Samiti सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनव���ई अगले सप्ताह निर्धारित की गई है।
*क्या है पूरा मामला*
याचिकाकर्ता के अधीवक्ता विकास मिश्रा ने बताया यह याचिका एक नाबालिग छात्रा नव्या तिवारी की ओर से उनके अभिभावक धीरज तिवारी द्वारा दायर की गई है याचिका में कहा गया है कि नवोदय विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, ऐसे में EWS वर्ग को बाहर रखना नीति के उद्देश्य के व��परीत है। याचिका में बताया गया है कि जवाहर नवोदय विद्यालयों में प्रवेश के दौरान अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), ग्रामीण छात्रों, बालिकाओं और दिव्यांग छात्रों के लिए विस्तृत आरक्षण व्यवस्था लागू है *लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए कोई भी आरक्षण या विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे इस वर्ग के छात्र पूरी तरह से बाहर हो जाते हैं।*देश में वर्तमान में लगभग 650 से अधिक नवोदय विद्यालय संचालित हैं*, जिनमें करीब 2.9 लाख छात्र अध्ययनरत हैं।
इनमें SC, ST और OBC वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि EWS वर्ग के लिए कोई अलग स्थान या आरक्षण नहीं है।
याचिका में उल्लेख किया गया है कि संविधान के 103वें संशोधन (2019) के माध्यम से अनुच्छेद 15(6) जोड़ा गया है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए शिक्षा संस्थानों में 10% तक आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।इसके बा���जूद नवोदय विद्यालयों की प्रवेश नीति में EWS को शामिल नहीं किया गया, जिसे याचिका में संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी बताया गया है।
मामले में यह भी उठाया गया है कि Kendriya Vidyalaya Sangathan के अंतर्गत संचालित केंद्रीय विद्यालयों में EWS वर्ग के छात्रों को प्रवेश में अवसर मिलता है, जबकि उसी मंत्रालय के अधीन संचालित नवोदय विद्यालयों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
यह स्थिति एक ही मंत्रालय के दो संस्थानों में अलग-अलग नियम लागू होने की ओर इशारा करती है, जिसे याचिका में भेदभावपूर्ण और असंगत बताया गया है।याचिका में कहा गया है कि नवोदय विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को पूरी तरह से बाहर रखना नीति की म���ल भावना के विपरीत है।याचिका में हाल ही में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले Atharv Chaturvedi v. State of Madhya Pradesh & Others (10 फरवरी 2026) का हवाला दिया गया है, जिसमें न्यायालय ने EWS छात्रों को अवसर न मिलने को गंभीर मुद्दा मानते हुए राहत प्रदान की थी।सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल उपस्थित हुए।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब प्रस्तुत ���रने के निर्देश दिए हैं।
@ews_army @thethakurforce
#JUSTICE_FOR_EWS #EWS_AGE_RELAXATION
@udaypratap3351 @EWS_WARRIOR @IndianEwsunion @neha_laldas @neetusi86329772 @MeritvsQuota @UnreservedMERIT @PlayingB60573 @PlayingB60573 @MeritvsQuota @Varsha @ManojSr60583090 @sakshichau79256 @loveena_joshi06
@SatyajeetM72938 @shilpabhatia164
@V_arsha_ @ACRF_OF_EWS