@MoHFW_INDIA@drharshvardhan
Me & my wife got our 1st shot of COVID vaccine on 16.3.2021 at Max Hospital, Vaishali, GZB & 2nd dose at LBS Hospital 2, Khichripur, Delhi on 8.5.2021. When I asked them for our certificate at that time, they said that we'd get it online. (1/3)
मेघालय में अमित शाह का काफिला गुजरने के लिए घंटों ट्रैफिक रोक दिया गया ,
फिर क्या मेघालय के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा ,जनता जागरूक हो तो वो अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानती है।
तपती गर्मी में
बरसात में
पानी के कैनन के सामने
लाठियाँ खाते हुए
लहूलुहान
गिरफ़्तार हुए
NSUI और युवा कांग्रेस के साथियों ने छात्रों की आवाज़ उठाई
NEET पेपर लीक और CBSE में मार्किंग झोल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया
Gen Z की बात की
कितने टीवी चैनल पर दिखाये गए वो?
मीडिया या सोशल मीडिया कोई क्रांति खड़ा नहीं कर सकता। क्रांति ख़ुद खड़ी होती है। हां, संचार के माध्यम उसे सपोर्ट या रिपोर्ट कर सकते हैं। 'हम क्रांति ला देंगे' का भ्रम पाले बग़ैर।
#उमासूक्ति
तमिलनाडु में भाजपा का खेल खत्म!
MDMK सांसद दुरई वाइको ने INDIA गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े होने का ऐलान किया।
दक्षिण से उठ रही एकजुट विपक्ष की आवाज़ भाजपा की बेचैनी बढ़ाने वाली है !🔥
किस नियम क़ानून के तहत डंडे बरसाए जा रहे है , CJI साहेब क्या पब्लिक कोई कॉकरोच है जो इस तरह ट्रीट किया जा रहा है . कहा सो रखी है अदालते किसी और मुल्क में अपने ये सब देखा है . रीट्वीट करो बेचारे लोगो के लिए
तस्वीर पंजाब से है .
जगह जगह युवाओं की भारी भीड़ देखते हुए दिल्ली पुलिस ने protest की इजाजत दे दी है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बजाये युवाओं को सीधे जंतर मंतर पर एकत्र होने को कहा गया है।रेलवे स्टेशन/बस अड्डों पर बच्चों-छात्रों की भीड़ देखते ऐसे लग रहा कि दिल्ली के बाहर से काफी छात्र आ रहे हैं।
Reserve Bank को इस साल महंगाई बढ़ने का अंदेशा
राज्य दर राज्य कैसे हड़प ली जाती हैं पार्टियां लेकिन एक #NEET की परीक्षा में leak दर leak. ये हालात क्यौं हैं?
मंहगाई का क्या हाल है?
मजदूर गाँव जाकर क्यों नहीं लौट रहे?
कैसे जनगणना पर आ रही शुरूआती रिपोर्टस बता रही हैं कि आंकड़ों में खेल होगा?
आंकड़ों से छेड़छाड़ क्यों खतरनाक है?
इस खबर पर रहेगी नज़र.
India 7.7% GDP FY 2025-26
क्या है आपकी राय?
#cocroachjantaparty
क्यों मिला रहे हो 👉जबरदस्ती पेट्रोल में गन्ने का झूस नितिन गडकरी गाड़ियां कबाड़ बन रही है 🫵क्यों खून चूसने में लगे हो जनता का... अपने बेटे की बनी इथेनॉल फैक्ट्री को फायदा दिलाने के लिए क्यों 140 करोड़ लोगों की गाड़ियों को क्यों कबाड़ बना रहे हो 🫵
• पत्रकार: पेपर लीक के लिए धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ?
• यूपी के शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय: मंत्री जी (धमेंद्र प्रधान) का इस्तीफा क्यों हो? पेपर लीक के लिए मंत्री जी जिम्मेदार नहीं हैं.
ये नहीं चलेगा कि - दाढ़ी वाला मर्डर करे और मूंछ वाला पकड़ा जाए.
आर्थिक सुनामी आ रही है, @RahulGandhi बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।
ज़िम्मेदार सिर्फ़ ईरान युद्ध नहीं है। वो तो तीन महीने पहले शुरू हुआ था। आर्थिक सुनामी के संकेत तो दो साल पहले से आने शुरू हो गए थे।
1. पिछले दो साल में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 15% गिरा है।
2. मैनुफैक्चरिंग सेक्टर का GDP में शेयर गिर कर 1960 के दशक में पहुँच गया है, जब उद्योगीकरण देश में शुरू हो ही रहा था!
3. अंतरराष्ट्रीय व्यापार घाटा ऐतिहासिक ऊँचाई पर है। कभी इतना था ही नहीं।डॉलर की बढ़ती क़ीमत इसे और बढ़ाती जाएगी।
4. Foreign Portfolio Invester भारत से पैसा वापिस निकाल रहे हैं। पिछले साल 19 बिलियन डॉलर निकाले थे। इस साल के पाँच महीने में करीब 23 बिलियन डॉलर निकाल लिए हैं।
5. Net FDI अब करीब करीब शून्य है। पिछले साल से FDI गिर रही है। और पिछले छह महीने से गिरावट लगातार है।
6. मोदी राज के 12 साल में शुरुआती सैलरी stagnant है। wages रुकी हुई हैं। देश में मीडियन मजदूरी ₹12000 प्रति माह पर रुकी है। और इस बीच मनरेगा बंद हो रहा है।
7. महँगाई पर अब कोई कंट्रोल नहीं है।
8. भारत के कुल export का 48% सर्विस सेक्टर से है। यही वो सेक्टर है जिसपर AI का असर सबसे ज़्यादा होगा। उससे न केवल आर्थिक हालत पर असर होगा, बल्कि बेरोज़गारी भी बेतहाशा बढ़ेगी। मोदी सरकार के पास कोई हल नहीं है।
9. सस्ते क्रूड आयल के वक़्त में पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगा कर जो 44 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा मोदी सरकार ने कमाया है, उसका कोई फ़ायदा आज मुश्किल समय में जनता को नहीं दिया जा रहा है।
10. उस पर अमरीका ने हाथ बांध दिए हैं। भारत ईरान से तेल ख़रीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। अमरीका ने ऊर्जा सेक्टर, कृषि सेक्टर, डेटा पर और पूरे MSME सेक्टर पर जो ट्रेड डील का शिकंजा कसा है, उस पर मोदी सरकार सरेंडर की मुद्रा में है।
11. इस बीच देश पर कर्ज, 2014 में 55 लाख करोड़ रुपये था, मोदी राज में बढ़ कर 219 लाख करोड़ रुपये पहुंच रहा है!
13. मोदी सरकार के मित्र अर्थशास्त्री भी लिंकेज लगे हैं कि भारत की असली GDP वृद्धि 2-2.5 % कम है। बाक़ी आंकड़ों का खेल है, जिसे IMF आदि भी समझ चुके है। भारत की डेटा विश्वसनीयता को उसने C ग्रेड दिया है।
13. इस सब में दुनिया के और भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर का भरोसा भारत सरकार की व्यवस्था से उठ चुका है। सब जानते हैं कि मित्र कॉर्पोरेट को सब कुछ सौंपने के लिए एजेंसियों, टेंडर प्रक्रियाओं का दुरुपयोग अब जग जाहिर है। पिछले एक महीने में ही FCI के 134 में से 110 टेंडर अदानी को मिलना, वेदांता पर ED रेड, राजेश एक्सपोर्ट का गड़बड़झाला, NTA/OSM में मित्र ठेकेदार, ये कॉर्पोरेट जगत से छुपा नहीं है। तो बतायें, क्यों इन्वेस्टमेंट नहीं गिरेगी? क्यों अर्थव्यवस्था नहीं बर्बाद होगी?
ये सब बर्बादियों के अफ़साने ईरान युद्ध से पहले ही लिखे जा चुके हैं। मोदी सरकार के पास कोई समाधान नहीं है, केवल जनता पर आर्थिक दबाव डालने के और लोगों से अपील करने के!
@kharge@INCIndia