लड़कियाँ ही नहीं रोती इश्क में
लड़कों की आँखें भी अश्कों से भीगी है
क्षितिज तक चाँद ही नहीं जाता
सूरज़ भी अस्त होता है चाँद के लिए ।।
~राही
#raahiisays#POEMS
आसमां में उड़ते हुए परिंदों की
कब साँसें थम रही है
पता नहीं चल रहा है ।
घोंसलों में बैठें बच्चों
को कब तक अकेला ही रहना होगा
पता नहीं चल रहा है
यह सफ़र है
जीवन का या मरण का
पता नहीं चल रहा है
....
~राही
#raahii#COVIDEmergency