हद है चुतिए पुलिस कर्मियों की अब ऐ धार्मिक गंडास है किसी को काटने के काम नहीं आएगा
इस देश में हिन्दू छूरी भी नहीं रख सकता जबकि जिहादी बम बना रहें और जब यह पुलिस वाले जिहादी से दंगे में पीटे जाते हैं, जब यह इन्हीं हिंदुओं के पीछे आकर छिपते है जिनको एक छूरी रखने के लिए धमकाते और जेल भेजते हैं
हिंदुओं को देखकर जो जोश पुलिस वालों को आता है वह टोपी लगाए व्यक्ति को देखकर क्यूं पैंट में मूतने लगते हैं यह समझ से परे है
हिसार के राजगढ़ नाके पर महिला सुरक्षा टीम ने काले शीशों से ढकी एक संदिग्ध कार को रोककर जांच की।😳
तलाशी के दौरान चालक की सीट पर बैठे व्यक्ति के पास गंडासी मिली, जबकि कार में दो अन्य युवक भी मौजूद थे।
@RahulGandhi@nitin_gadkari
नितिन #गढ्ढाकरी जी की औकात हो तो पप्पू गंदगी जी की यह विडियो को डिलीट या कानूनी नोटिस भेजे?
पेट्रोल में एथेनाल नहीं बल्कि एथेनाल में पेट्रोल है - पप्पू गंदगी
Reporter:
"UGC विरोधी कहते हैं कानून वापिस लो नहीं तो चुनाव में सबक सिखाएंगे!"
राजस्थान के भाजपा प्रमुख:
"सबक किसको सिखाएंगे? हमको सबक सिखाएंगे तो खुद को सबक मिलेगा!"
इतना घमंड??
आखिर किस बात का??
10-11 जातियां उठा रहीं आरक्षण का लाभ बस इसी लिए जातिवादी नफरती प्रधानमंत्री @narendramodi आरक्षण का वर्गीकरण नहीं करेंगे
देखते है यह 10-11 जातियां जातिवादी नफरती नरेंद्र मोदी को 2029 में प्रधानमंत्री बना पाते हैं की नहीं
#आरक्षण_हटाओ_देश_बचाओ
22 साल तक एक निर्दोष आदमी की जवानी जेल की चक्की में सड़ाने के बाद हमारे सिस्टम को अचानक ज्ञान प्राप्त हुआ कि "सॉरी भाई, तुम्हारे खिलाफ तो सबूत ही नहीं है, तुम घर जा सकते हो!"
और ओडिशा हाईकोर्ट का न्याय देखिए, उसने कागजों में 3,157 दिन की देरी बताकर उस बेकसूर की फाइल ही कूड़े में डाल दी थी। सच में, अगर आप गरीब हैं, तो यह न्याय-व्यवस्था आपके लिए सिर्फ तारीख पे तारीख वाला एक खौफनाक मजाक है!
फिर बाबा साहेब के चेले जातिवादी नफरती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने #UGC_काला_कानून लाकर सवर्णों के बच्चों को जन्मजात अपराधी बनाया ताकि यह जातियां भविष्य में अपने बच्चों को शिक्षा के मंदिर में भी भेजने से डरें और अपमानित होकर जीएं
धन्यवाद जातिवादी नफरती प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी 🙏
रोहिणी कमीशन के अनुसार 97% OBC आरक्षण का लाभ सिर्फ 25% OBC जातियाँले रहीं हैं!
अब राजस्थान के पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी रिपोर्ट दे दी है कि OBC आरक्षण का लाभ सिर्फ 10-11 जातियों तक सीमित है!
अब OBC आरक्षण का वर्गीकरण होकर रहेगा!!
क्या आप जानते हैं?
-SC/ST एक्ट में सिर्फ लाखों का मुआवजा ही नहीं दिया जाता, बल्कि पेंशन भी दी जाती है!
जब इस एक्ट के तहत कई फ़र्ज़ी मामले निकलते हैं, तब भी सरकार बजाय इस एक्ट के दुरूपयोग पर ध्यान के, पैसे बांट रही है।
सोचने की बात है-
ऐसे अगर आप किसी को केस करने के लिए पैसे देते रहोगे तो कानून का दुरूपयोग कैसे रुकेगा?
बता दें कि आरोपी OBC हैं!
लेकिन ये दलित चिंतक जानबूझकर आरोपी को "सवर्ण" बता रहा है, ताकि लगे कि अपराध जनरल कैटेगरी वालों ने किया है!
वैसे विवाद जाति की वजह से नहीं, घोड़ा चरने की वजह से हुआ था!
ऐसे ही गलत जानकारी देकर, आपसी बहुजनी विवाद को GC पर थोपकर आरक्षण की मांग की जाती है!
पंजाब के अमृतसर के रहने वाले सिमरत कौर की 18 वर्षीय बेटी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्टडी करती है,, आज उसका जन्मदिन था तो माता-पिता और भाई उसको बिना बताए जन्मदिन विश करने के लिए उसके प्राइवेट रूम में पहुंचे, उन्होंने रूम के बाहर जाकर दरवाजा खटखटाया तो बेटी ने तकरीबन 30 मिनट तक गेट नहीं खोला,, बाद में गेट खोला तो लड़की ने बताया कि वह अंदर पढ़ाई कर रही थी,, इसी दौरान पड़ोस का एक व्यक्ति वहां पर आ गया और उसने कहा कि आपकी पीछे वाले खिड़की से नीचे कौन कूदा है उसके सर से खून बह रहा है,, लड़की ने कहा मैं नहीं जानती मैं तो अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी
देखा जाए तो आजकल हर जगह यही सिस्टम चल रहा है, जिसको यकीन ना हो तो वह कभी बिना बताए इसी तरह के छापे लगाये
@ACRFchandel भाई 2014 से मुझे खुद इन हरामखोर भाजपाई को त्यागने में 10 साल लग गए तो उनके भी भ्रम टूटेंगे
बाकी जो भी जनरल कैटेगरी के नेता हैं उनका इंतजार सर्वण समाज के लोग जूता लेकर कर रहे उत्तर प्रदेश में इनका असल परीक्षा होगा
आरक्षण पर खुलकर चर्चा करने से जितना बचा जा रहा है और उसे दबाने की कोशिश हो रही है, उतना ही यह मुद्दा समाज में सुलगता जा रहा है। यदि किसी विषय पर खुले संवाद की जगह उसे दबाया जाए, तो भविष्य में उस पर बड़ा जनआक्रोश भी देखने को मिल सकता है।
वर्तमान स्वरूप का आरक्षण समाज में विभाजन और भेदभाव की भावना को बढ़ाता है कई बार लोगों की उपलब्धियों को उनकी मेहनत के बजाय केवल (कोटे) से जोड़कर देखा जाता है जिससे सामाजिक सम्मान और आपसी विश्वास प्रभावित होते हैं
अवसरों का आधार आर्थिक स्थिति होनी चाहिए न कि जाति शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर हर व्यक्ति को समान सहायता और सुविधाएँ मिलनी चाहिए चाहे वह किसी भी समुदाय से आता हो
याद रहे कुछ भी अनंत नहीं सबका अंत होना तय है
मैं सुना की यह अंडे से बाहर आया नहीं की प्रातः स्मरणीय श्री @ajeetbharti ब्रो को धमकाने लगा बेटा अभी तू इतना बड़ा नहीं है की उस बंदे को धमका या बदतमीज कर
निगेटिव नंबर लाने वाले को डॉक्टर बनाकर हम देश को हेल्थ सेक्टर में नंबर वन कैसे बनाएंगे?#educationreform#harshdubey
"जिनके पास पैसा है, वे निगेटिव नंबर लाकर डॉक्टर बनेंगे—आख़िर यह कब तक चलता रहेगा? मैं ऐसी व्यवस्था का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहूँगा, जब तक शिक्षा व्यवस्था में निष्पक्ष और पारदर्शी सुधार नहीं होते।"
UGC मुद्दे पर कल हुए प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी श्री देवराज सिंह घायल हुए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग के माध्यम से प्रदर्शन को नियंत्रण करने का प्रयास जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लोकतंत्र में प्रत्येक पक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार होता है और सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह सभी पक्षों की बात गंभीरता और संवेदनशीलता से सुने। इसके विपरीत, लगातार लाठी-डंडे के सहारे कार्रवाई कर जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है।
इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए, जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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अबे 5000 साल के प्यासें भीमटे भीख मांगने मे भिखारी की नहीं भीख देने वाले की मर्जी चलतीं है और हम लोग क्यूं इतना भीख दे?
जब 70 साल लगातार मिलने के बाद भी पेट ना भरा तो 7 हजार साल तक पेट नहीं भरेगा लेकिन देश जरुर बर्बाद हो जाएगा आरक्षण और नेताओं की चुनावी स्कीम फ़्री फ़्री फ़्री देने में
आरक्षण एक अभिशाप है भारत पर
हमारी मर्ज़ी है कि हम जाति के आधार पर आरक्षण लें या आर्थिक आधार पर। हमारी ज़िंदगी और हमारे अधिकारों के बारे में निर्णय लेने वाले तुम कौन होते हो? तुम हमारे लिए निर्णय क्यों करोगे? और हम तुम्हें अपने बारे में निर्णय लेने का अधिकार क्यों दें?