@UPPCLLKO के विघटन के समय हुए समझौते के तहत 'जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल' का तत्काल गठन हो।
@UPGovt के निर्देशों के अनुरूप सभी श्रम संघों व सेवा संगठनों के साथ हर महीने नियमित वार्ता की जाए।
कर्मचारियों व अभियंताओं पर की गई सभी दंडात्मक कार्रवाइयां तुरंत रद्द हों। @CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश में लगभग 20000 संविदा कर्मचारियों को छटनी के नाम पर बाहर निकाला गया है आज जो कर्मचारी बचे हैं वह अपनी क्षमता से 5 गुना अधिक कार्य कर रहे हैं जिस कारण कई संविदा कर्मचारियों की कार्य के दबाव व मानसिक तनाव के कारण दुर्घटना भी हो रही है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
आज पावर कारपोरेशन में लगभग 73000 नियमित स्वीकृत पद हैं इसके सापेक्ष वर्तमान में सिर्फ 29000 ही पद भरे हुए हैं 43000 से अधिक पद रिक्त पड़े हुए है, पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की लापरवाही के कारण पिछले 4 वर्षों से किसी भी प्रकार की कोई नई भर्ती नहीं हुई है। इसके अलावा ऊर्जा प्रबंधन द्वारा पूरे प्रदेश में 2 वर्षों से तानाशाही रवैया बनाते हुए बिना किसी का पक्ष सुने बड़ी संख्या में निर्दोष अभियंताओं को निलंबित किया गया है, बड़ी संख्या में अभियंताओं को चार्जशीट देकर उनको पदोन्नति से वंचित किया गया है, ट्रांसफार्मर डैमेज पर मनमाने तरीके से नियम-10 के नोटिस देकर उनके वेतन से कटौती की जा रही है, बिना किसी बात के कारण ही एडवर्स एंट्री के दंड दिए गए हैं, इन सबको देखते हुए बड़ी संख्या में अभियंता, कर्मचारी एवं संविदा कर्मचारी अपने आप को उत्पीड़ित महसूस कर रहे हैं, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है, इसके बावजूद भी बिजली कर्मी प्रदेश वासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर���े के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
आज अगर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर रही है तो इसका जिम्मेदार सिर्फ पावर कारपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन है और उसकी मनमानी नीतियों है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कि प्रदेश की जनता के व्यापक हित में सभी बाहर निकाले गए संविदा कर्मचारियों को काम पर वापस लिया जाए, बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़न की सभी कार्रवाइयों को समाप्त किया जाए, पि��ले 4 वर्षों से रुकी हुई सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रा��ंभ की जाए, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मीटिंग पर मीटिंग का खेल बंद कर धरातल स्तर पर प्रभावी रूप से कार्य किया जाए और ऊर्जा निगमों में बेहतर कार्य का वातावरण स्थापित किया जाए, जिससे सभी विद्युत व्यवधानों को कम से कम समय में दूर करते हुए प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सके।
पावर कॉरपोरेशन के हालत बयां करता ये AI वीडियो।
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प्रदेश की बिजली कंपनियों में 3 करोड़ 61 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के सापेक्ष मानक पर उपभोक्ता सेवा में सुधार के लिए सहायक अभियंता अवर अभियंता व टेक्निकल ग्रेड 2(TG-2) की अभिलंब भर्ती शुरू करना चाहिए उपभोक्ता परिषद जल्द इस मुद्���े पर प्रबंधन व सरकार से बात करेगा।
उपभोक्ता परिषद की पैनी नजर पहले आज से 1 साल पहले 25 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश में निजीकरण शुरू हुआ तब महाराष्ट्र का चुनाव रिजल्ट का दूसरा दिन था और आव बिहार चुनाव के बाद निजीकरण की जो टाइमि��ग खोजी जा रही है उस पर उपभोक्ता परिषद पूरी तरह चौकना है