ये साहब कार को भी हल्दीराम के जायके से रूबरू कराना चाह रहे थे, कमबख्त गेट बीच में आ गया।
दरअसल #आगरा के संजय पैलेस स्थित हल्दीराम रेस्टोरेंट में रात 1:30 बजे एक कार चालक नशे की हालत में तेज रफ्तार कार के साथ अनियंत्रित होकर घुस गया। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी. आगरा में कमाल हो गया. एसीपी अरीब अहमद ने पुलिस की गाड़ी का चालान कर दिया. सावन सोमवार पर नियम उल्लंघन कर रही थी गाड़ी. @myogiadityanath@agrapolice@DySPareebahmad
#देवरिया डीएम दिव्या मित्तल ने बताई अपनी कमी।
♦पत्रकारों से वार्ता के दौरान डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि मुझे किसी का नाम और चेहरा याद नहीं होता, चार बार देखने के बाद भी मैं किसी को पहचान नहीं पाती। आप लोगों को बार-बार अपनी पहचान बतानी पड़ेगी।
@CMOfficeUP@InfoDeptUP@UPGovt
वर्ष 2024 का सबसे बड़ा जोक !
'पिछले सात वर्षों में कोई पेपर लीक नहीं हुआ': धर्मेंद्र प्रधान
इसलिए नीट-यूजी पेपर लीक पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता !
#बिहार_सरकार गवर्नमेंट नॉट फॉर सेल एंटी रेबीज आगरा पुलिस ने किया वैक्सीन बरामद, नकली रिफिलिंग करने की थी तैयारी. बिहार से कोरियर कंपनी के जरिए तस्करी की गई थी एंटी रेबीज वैक्सीन. @agrapolice@DCPCityAgra
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान के गांव के लोग पीने के साफ पानी, घर, 24 घंटे बिजली और अदद मोबाइल नेटवर्क डिर्जव तो करते ही हैं. इंडिया टुडे में नए अंक में
मैं एक आम आदमी हूं।
कभी कैब ड्राइवर के रूप में बैठे-बैठे मर जाता हूं, क्योंकि लापरवारी के लबादे में लिपटी एयरपोर्ट की छत मेरे ऊपर गिर जाती है।
कभी राह चलते प्रचार का होर्डिंग बोर्ड गिरने से मारा जाता हूं।
कभी ट्रेन मैं बैठे-बैठे सरिया मेरे सीने से पार हो जाता है, तो कभी मिडिल बर्थ गिरने से मेरी मौत हो जाती है।
इन सब से भी बच गया तो ट्रेन हादसे में मेरी जान चली जाती है। कभी पुल गिरने से मारा जाता हूं, कभी इमारत।
मैं कोई जिंदा शरीर नहीं, बल्कि संख्या भर हूं। क्योंकि इस देश के हादसों में मौत सिर्फ पहली होती है,बाकी सब सरकार के लिए संख्या होते हैं। मृतकों की संख्या बढ़कर इतनी हुई वाली हेडलाइन हूं मैं। मैं वहीं हूं जिसकी मौत का जिम्मेदार आज तक नहीं मिला, जांच रिपोर्ट के नाम पर किसी सरकारी तहखाने की फाइल में धूल फांकने वाला लाल स्याही से लिखा नाम हूं मैं।
मैं मरा तो कीमत लगा दी जाएगी। 10 लाख, 20 में मेरी जिंदगी तोल दी जाएगी। हमारी नहीं, उनकी सरकार की गलती है,ये बात बोल दी जाएगी।
खुद को शोले का वीरू समझ कर अपनी मांग मंगवाने के लिए टंकी पर नौटंकी भारी पड़ सकती है। भारतीय न्याय संहिता के नए कानून के तहत आत्महत्या की धमकी देने पर भी अब 1 साल तक की सजा हो सकती है इसलिए अब सोच समझ कर मरने की धमकी दीजिएगा। @UPNBT@Uppolice
खाने के लिए मशहूर लखनऊ में कई ग़रीब लोग पांच रुपये किलो मुर्गे का पंजा खरीद कर खाते हैं. गर्मी में सोते हैं लेकिन बच्चों का भविष्य बनाने के लिए प्राइवेट में पढ़ाते हैं. The Last Man from Uttar Pradesh.