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छुट्टियाँ मानते हुए, उस राक्षस ने, निर्दोष पति पत्नी को बाहर खींच कर, पति को नग्न कर, उसके धर्म की पूर्���ि करने के बाद , उसे जब गोली मारने लगा, तो पत्नी ने, घुटने पे गिर कर, रो रो अनुरोध करने के बाद भी, की उसके पति को न मारो ; उसके पति को उस बुज़दिल राक्षस ने, बेहद बेरहमी से , गोली मार कर, पत्नी को विधवा बना दिया !!
जब पत्नी ने कहा "मुझे भी मार दो” !!
तो राक्षस ने कहा “ नहीं !
तू जाके, " …. " को बता “ !
बेटी की, मनःस्थिति पर, पूज्य बाबूज�� की एक कविता की पंक्ति याद आयी :
मानो, वो बेटी " …. “ के पास गई, और कहा :
“ है चिता की राख कर में, माँगती सिंदूर दुनिया “ .. (बाबूजी की पंक्ति)
तो “ …. “ ने
दे दिया सिंदूर !!!
OPERATION SINDOOR !!!
जय हिन्द 🇮🇳
जय हिन्द की सेना 🇮🇳
तू ना थमें गा कभी ; तू न मुड़ेगा कभी ; तू न झुकेगा कभी
कर शपथ , कर शपथ, कर शपथ !
अग्नि पाथ! अग्नि पाथ ! अग्नि पाथ !!!
@SrBachchan अमित जी क्या आप अपनी अर्द्धांगिनी को भी समझाने की कोशिश करेंगे कि आपकी…..वो जो इन राक्षसों का समर्थन करने वालो के साथ हमेशा दृढ़ता पूर्वक खड़ी दिखाई देती हैं ।इस ट्वीट की देरी का कारण क्या समझा जाए ?
Don’t mind देर आए दुरुस्त आये !🙏
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों का चयन भी लोअर कोर्ट के जजों के पैटर्न के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर देश के सभी वकीलों के मध्य होना चाहिए। सरकार और सुप्रीम कोर्ट नियंत्रण में नही केंद्र सरका�� और सुप्रीम कोर्ट का झगड़ा स्वत: ही समाप्त हो जाएगा!
@nishikant_dubey हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों का चयन भी लोअर कोर्ट के जजों के पैटर्न के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर देश के सभी वकीलों के मध्य होना चाहिए। सरकार और सुप्रीम कोर्ट नियंत्रण में नही केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट का झगड़ा स्वत: ही समाप्त हो जाएगा!
@nishikant_dubey आज सुप्रीम कोर्ट एक भ्रष्टाचारी बेलगाम गधा बन चुका है इस देश को यदि बचाना हहै तो इस बलगाम गधे को लगाम लगाना ही होगा ! आपको शत शत प्रणाम ।आप लड़ाई जारी रखें देश आपके साथ है
अहिंसा का असली अर्थ देखना है तो जैन समाज को देखो।
विले पार्ले में बीएमसी ने जब मंदिर तोड़ा, तो समाज सड़कों पर उतरा
ना तोड़फोड़, ना पत्थरबाज़ी।
हाथों में तिरंगा भी था, जैन ध्वज भी।
धर्म और देश, दोनों को साथ ल��कर चलता है जैन समाज।
आख़िरकार BMC को फ़ैसला बदलना पड़ा।
और हां, मेरी पिछली पोस्ट पर ज्ञान बाँटने वाले "शांतिदूतों"
गाय पूजने वालों की तुलना, गाय खाने वालों से मत करो।
अधिकारियों को हटाया गया। इसके लिए सरकार का आभार। अब बीएमसी खुद मलवा हटा रही है और मंदिर निर्माण भी करवा रही है
कांग्रेस के संविधान बचाओ की एक मजेदार कहानी,असम में बहरुल इस्लाम साहिब ने कांग्रेस की सदस्यता 1951 में ली,तुष्टिकरण के नाम पर कांग्रेस ने उन्हें 1962 में राज्यसभा का सदस्य बना दिया,छह साल बाद दुबारा 1968 में राज्य सभा का सदस्य सेवाभाव के लिए बनाया,इनसे बड़ा चमचा कॉग्रेस को नज़र नहीं आया राज्यसभा से बिना इस्��ीफ़ा दिलाए हाईकोर्ट का जज 1972 में बना दिया,फिर 1979 में असम हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बना दिया,बेचारे 1980 में रिटायर हो गए,लेकिन यह तो कांग्रेस है जनवरी 1980 में रिटायर हुए जज को दिसंबर 1980 में सीधे सुप्रीम कोर्ट का जज बना दिया,1977 में इंदिरा गांधी जी के उपर लगे सभी भ्रष्टाचार के केस इन्होंने तन्मयता से ख़त्म कर दिए ,फिर ख़ुश होकर कांग्रेस ने इन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर कर कॉग्रेस स�� राज्यसभा का तीबारा सदस्य 1983 में ही बना दिया ।मैं कुछ नहीं बोलूँगा?