हमने योग को,यज्ञ को,आयुर्वेद को,नेचुरोपैथी को, वैदिक सनातन संस्कृति को,अपने पूर्वजों की विरासत को ठीक से पहचाना ही नहीं और किसी ने थोड़ा बहुत जाना तो उसको जिया नहीं,मैंने योग को जिया है,यज्ञ कोजिया है,आयुर्वेद कोजिया है,मैंने वेदो को,धर्म को, ध्यात्म को,वैदिक संस्कृति को जिया है
बच्चों को शास्त्र स्मरण, भाषा का अभ्यास, जीवन के श्रेष्ठ अभ्यास और इनके जीवन में जो प्रमाद नाम का राक्षस है, उसका वध करके, मोक्ष करके इनको श्रेष्ठतम बच्चे बनाएंगे।
#UniversityofPatanjali
संयम पूर्वक जीने का व्रत, संयम ही सबसे बड़ी साधना है, यही सबसे बड़ा साधन विचारों में संयम, संयम वाणी का, व्यहवार का, आहार का, आचरण में संयम होगा तो तुम्हारे जीवन में योग, धर्म, अध्यात्म, ज्ञान भक्ति, पुरुषार्थ सब कुछ प्रतिष्ठित हो जाएगा।
______प.पु.@yogrishiramdev जी।
#योग करते-करते तन की मन की सुध-बुध भूल जाएँ।पंच भौतिक देह और इस पंच भौतिक देह के भी पंचतंत्र मात्रों और पंचतंत्र मात्राओं के भी जितने भी घटक उनके संवाद से बने,जिनते भी संसार के नाम और रूप हैं उन नाम और रूपों में ब्रह्म को अनुभव करते हैं, यह सत्य है। @swabhimani1@rakesh_bstpyp
The meaning of the word Setubandh is the construction of a bridge. In bridge, the shape of the body remains in the state of a bridge,
#Setubandhasana is very beneficial in back pain.
By doing Setubandh,constipation and digestive power are corrected.
@swabhimani1 @Anjali76155390