🔥 25-30 साल पहले की योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर नई योग्यता थोपना = सीधा काला कानून ❌
23 अगस्त 2010 की NCTE गाइडलाइन = देश के शिक्षकों के साथ धोखा ⚠️
✊ सरकार याद रखे —
शिक्षक अपमान नहीं सहेगा,
अन्याय नहीं मानेगा।
#काला_कानून_वापस_लो#शिक्षक_का_सम्मान_करो
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कानून केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क पर उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय करे ।
#काला_कानून_वापस_लो
#NoTetBeforeRteAct
संसद द्वारा 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के तहत देश भर में भर्ती एवं कार्यरत 20 लाख शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये निर्णय से नौकरी पर संकट आ गया है ।इसको 6 माह बीतने को हैं लेकिन भारत सरकार अभी भी सोई हुई है ।संसद में केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब से देश भर के शिक्षकों में नाराज़गी पैदा हुई है और आज पूरे देश में शिक्षक विरोध कर रहे हैं ।लेकिन देश के 20 लाख शिक्षक व उनके परिवार के करोड़ों लोगों का दर्द का निवारण न करके पुलिस द्वारा विरोध का दमन किया जा रहा है ।गाजियाबाद पुलिस द्वारा बहाँ के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा को विद्यालय में ही नजरबंद करके शिक्षण कार्य करने से भी वंचित कर दिया गया है ।हम गाजियाबाद पुलिस से अपील करते हैं कि दीपक शर्मा को तुरंत प्रभाव मुक्त करें अन्यथा पूरे प्रदेश का शिक्षक गाजियाबाद पहुंचेगा ।
इनकी इस प्रकार की कार्यवाही से हम डरने वाले नहीं हैं ।हम अपने शिक्षकों की रोजी रोटी बचाने के लिये हर हद तक जायेंगे ।@PMOIndia@narendramodi@dpradhanbjp@jayantrld@ghaziabadpolice@Aamitabh2@bstvlive@aajtak
#JusticeForTeachers
देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं ।
परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@dpradhanbjp@jayantrld@CMOfficeUP@myogiadityanath@rajnathsingh@aajtak@brajeshlive@Aamitabh2@ABPNews
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
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शिक्षकों ने आज अपनी नौकरी की चिंता में शिक्षक दिवस नहीं मनाया यह ऐतिहासिक निर्णय है।
मा० सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारी अवसाद शिक्षकों में व्याप्त है। केंद्र सरकार से अनुरोध है शिक्षकों के भविष्य को संरक्षण प्रदान करें
#काला_कानून_वापस_लो@DrDCSHARMAUPPSS
@upendraetw936