बूंदी जिले की ग्राम पंचायतों में नहीं दिया जा रहा साफ़ सफाई पर ध्यान। नमाना रोड के पास गादेगाल पंचायत के कोटा बूंदी नेशनल पुराने हाईवे पर नालियां क्षतिग्रस्त और सफाई नहीं होने से गंदगी फैली हुई है।
#BhajanLal#dmbundi#sawachbharat
जंतर मंतर पर धरना दे रहे छात्रों के लिए लोगों ने बिसलेरी के पानी के कई बंडल भेजे थे
तभी एक RAF का जवान उनमें से एक बंडल उठाकर अपने कैंप की तरफ चल पड़ता है
यह देखकर एक छात्र ने उसे आवाज़ दी और कहा सर, हमारा ही पानी ले जाकर पी रहे हो
फिर हमें ही पीटते हो, शर्म नही...Read news
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज करना और आँसू गैस के गोले दागना पूरी तरह ग़लत है। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
पेपर लीक जैसे बेहद गंभीर मुद्दे पर सरकार को छात्रों की माँगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनसे संवाद करना चाहिए, न कि बल प्रयोग का रास्ता अपनाना चाहिए।
छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेना चाहिए और परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर कई बार सरकार को घेरा है।
जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।
सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।
इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद हो गया है।
ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, इन्हें लाठियों से मारा-पीटा गया है।
वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
एक और पेपर लीक 👇
महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया है। कल ये परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है।
BJP की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता। ये सरकार 'पेपर लीक सरकार' बन चुकी है।
लोगों को सच कह दो तो वो नाराज हो जाते हैं
जब पानी को निकलने का रास्ता ही नहीं मिलेगा तो वो कहां जाएगा...
रामगढ़ मोड से जलमहल तक रोड बनाने वाले इंजीनियर से मैं पूछना चाहता हूं कि भाई इंजीनियर की डिग्री लेने के लिए कितने दिए थे
आपको रोड का लेवल तक नहीं निकालना आता है कि पानी कहां भरेगा, नाला कहां देना है
यदि आपसे अंडरग्राउंड नाला नहीं निकल सकता है तो भराव क्षेत्र के सामने जलमहल की तरफ की रेलिंग दीवार हटा दो ताकि पानी जलमहल में कूदे
इस पानी का समाधान करने में ज्यादा कसरत करने की जरूरत नहीं है बस थोड़ा सा दिमाग और थोड़ा सा खर्चा करने की जरूरत है
#जलमहल
@RajCMO@Swachh_Jaipur@DcDmJaipur@DIPRRajasthan@JDAJAIPUR@JanSamadhaan
आखिर वर्दी पहनने के बाद ऐसा क्या हो जाता है कि लोग भूल जाते हैं कि वह फिर दूसरे व्यक्ति की तरह इंसान ही हैं, सामने वाले व्यक्ति जिसको मारपीट रहे हैं यदि वह भी बदले मे मारे तो कानून का उल्लघंन माना जाता है लेकिन वर्दी पहने व्यक्ति मार सकता है यह कौन सा नियम है? आदमी सिर्फ वर्दी का ही तो सम्मान करता है वरना क्या कोई आम आदमी आम आदमी को ही मारे तो क्या दूसरा आम आदमी सिर्फ मार खाते रहेगा बदले का एक आद तो मारेगा ही? लेकिन वर्दी पहनने के बाद इनको पता है कि आम आदमी उन पर बदले का हांथ तो उठा नहीं सकता वरना घर खोद के ताल कर दिया जाएगा।
बीजेपी का अध्यक्ष भी बन जाएगा प्रधानमंत्री का दावेदार भी बन जाएगा!
लेकिन इतना में जरुर कहूंगा"
मोदी जी अपना कार्यकाल पूरा करते हैं जो चार साल का बचा हुआ हैं!
अगर यही प्रधानमंत्री रहते हैं"
तो बीजेपी अगले कार्यकाल में कहीं नजर नहीं आएगी!
~यशवंत सिन्हा पूर्व विदेश मंत्री
@POOJA_VOF@Heralalawana112 सचिन पायलट परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति नहीं करते हैं। सचिन पायलट की गिनती युवाओं को टीकीट दिलाने वालों में आती है। सब को साथ ले कर चलने का जज्बा हो तो किसी के सामने हाथ फेलाने की जरुरत ही नहीं पड़ती।
#किरोड़ीलालमीणा जो मीणा समाज से आते हैं संभवतः मीणा समाज के सबसे बड़े नेता हैं दौसा में झोली फैलाई मेरे भाई को वोट दो जो भी मीणा समाज से आता है।
फिर भी #सचिनपायलट के कहने पर DC बैरवा को वोट मिल जाता है लेकिन किरोड़ी मीणा के कहने पर उनके भाई को नहीं मिलता।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चक्कर में बूंदी जिला अपनी पहचान खोता जा रहा है। बूंदी को उप नगर बनाने और पिछड़ा बनाने की साज़िश की जा रही है । बूंदी क्षेत्र की जमीन छीनकर कोटा का विकाश करा रहे हैं विकास पूरुष।
@ombirlakota@RajCMO@PMOIndia
राजेश पायलट ने दौसा लोकसभा में जीतने भी चुनाव जीते वो सभी कोटपुतली - बैराठ - आमेर - जमवारामगढ़ - बांदीकुई गुर्जर बाहुल्य सीटों से जीते।
परिसीमन से पहले लालसोट एक मात्र मीणा बाहुल्य सीट रही जहाँ से राजेश पायलट अधिकतम एक बार 5 हजार वोट से चुनाव से जीते बाकी चुनाव मे राजेश पायलट को हमेशा लालसोट से हार मिली... जिसकी भरपाई कोटपुतली बेल्ट से होती थी।
राजेश पायलट के सामने एक बार करोडिलाल मीणा BJP से उम्मीदवार था जिनको राजेश पायलट ने चुनाव हराया उस चुनाव मे कितनी गुंडागर्दी बूथ कैप्चरिंग हुई दौसा जिले को भलीभाती पता है फिर भी राजेश पायलट ने सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने नही दिया...
राजेश पायलट के कार्यकर्ताओं ने एक बार कहा साहब सामने वाला उम्मीदवार बदमास है गुंडागर्दी कर रहा है...
तब श्री राजेश पायलट ने कहा 👇
चुनाव मै हार जाऊ या जीत दर्ज करू ये जनता का फैसला है किंतु गुर्जर-मीणा दोनों समुदाय की सामाजिक समरसता नही बिगड़नी चाइये....
जब स्वर्गीय राजेश पायलट के सामने ब्राह्मण उम्मीदवार रोहतास शर्मा चुनाव लड़ते थे तब भी लालसोट से कांग्रेस को हार मिलती थी...
ये थी गुर्जरों के नेताओ की लीडरशिप ये थे गुर्जरों के सरल सौम्य संस्कारी भाईचारे वाले नेता।