ऐसा लग रहा है कि राजस्थान सरकार युवाओं के भविष्य एवं भर्ती परीक्षाओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री एवं तमाम विधायकों ने RAS भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शनरत अभ्यर्थियों से कह दिया कि आपका काम हो जाएगा और उनकी भूख हड़ताल खत्म करवा दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बात के मायने होते हैं।
इस सब से अभ्यर्थियों में माहौल ऐसा बन गया कि परीक्षा की तारीख आगे बढ़ेगी जिसके कारण उन्होंने अपनी तैयारी उसी अनुरूप कर दी। परन्तु RPSC ने परीक्षा की तारीख आगे नहीं बढ़ाई है जिससे अभ्यर्थियों में कन्फ्यूजन की स्थिति है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से बात किए बगैर ही ऐसा वादा कर दिया? क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रियों एवं मुख्यमंत्री के बीच इतनी संवादहीनता है कि हजारों युवाओं के भविष्य को लेकर किए गए उनक�� वादे की कोई गंभीरता नहीं है? इतने जरूरी विषय पर उपमुख्यमंत्री केवल पत्र क्यों लिख रहे हैं जबकि उन्हें तो मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फैसला करवाना चाहिए।
भाजपा अपनी अंदरूनी राजनीति में चाहे कितनी भी उलझे परन्तु युवाओं के भविष्य के साथ ऐसी खिलवाड़ कैसे की जा सकती है? मुख्यमंत्री जी को इतनी गर्मी में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से बात कर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए। @RajCMO
ऐसा लग रहा है कि राजस्थान सरकार युवाओं के भविष्य एवं भर्ती परीक्षाओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री एवं तमाम विधायकों ने RAS भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शनरत अभ्यर्थियों से कह दिया कि आपका काम हो जाएगा और उनकी भूख हड़ताल खत्म करवा दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बात के मायने होते हैं।
इस सब से अभ्यर्थियों में माहौल ऐसा बन गया कि परीक्षा की तारीख आगे बढ़ेगी जिसके कारण उन्होंने अपनी तैयारी उसी अनुरूप कर दी। परन्तु RPSC ने परीक्षा की तारीख आगे नहीं बढ़ाई है जिससे अभ्यर्थियों में कन्फ्यूजन की स्थिति है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से बात किए बगैर ही ऐसा वादा कर दिया? क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रियों एवं मुख्यमंत्री के बीच इतनी संवादहीनता है कि हजारों युवाओं के भविष्य को लेकर किए गए उनक�� वादे की कोई गंभीरता नहीं है? इतने जरूरी विषय पर उपमुख्यमंत्री केवल पत्र क्यों लिख रहे हैं जबकि उन्हें तो मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फैसला करवाना चाहिए।
भाजपा अपनी अंदरूनी राजनीति में चाहे कितनी भी उलझे परन्तु युवाओं के भविष्य के साथ ऐसी खिलवाड़ कैसे की जा सकती है? मुख्यमंत्री जी को इतनी गर्मी में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से बात कर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए। @RajCMO
ऐसा लग रहा है कि राजस्थान सरकार युवाओं के भविष्य एवं भर्ती परीक्षाओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री एवं तमाम विधायकों ने RAS भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शनरत अभ्यर्थियों से कह दिया कि आपका काम हो जाएगा और उनकी भूख हड़ताल खत्म करवा दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बात के मायने होते हैं।
इस सब से अभ्यर्थियों में माहौल ऐसा बन गया कि परीक्षा की तारीख आगे बढ़ेगी जिसके कारण उन्होंने अपनी तैयारी उसी अनुरूप कर दी। परन्तु RPSC ने परीक्षा की तारीख आगे नहीं बढ़ाई है जिससे अभ्यर्थियों में कन्फ्यूजन की स्थिति है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से बात किए बगैर ही ऐसा वादा कर दिया? क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रियों एवं मुख्यमंत्री के बीच इतनी संवादहीनता है कि हजारों युवाओं के भविष्य को लेकर किए गए उनके वादे की कोई गंभीरता नहीं है? इतने जरूरी विषय पर उपमुख्यमंत्री केवल पत्र क्यों लिख रहे हैं ���बकि उन्हें तो मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फैसला करवाना चाहिए।
भाजपा अपनी अंदरूनी राजनीति में चाहे कितनी भी उलझे परन्तु युवाओं के भविष्य के साथ ऐसी खिलवाड़ कैसे की जा सकती है? मुख्यमंत्री जी को इतनी गर्मी में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से बात कर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए। @RajCMO
RAS 2024 की मैन्स परीक्षा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ जी युवाओं से कुछ बोलकर आ रहे है और RPSC कुछ और कह रही है l मदन राठौड़ जी ने युवाओं को गुमराह क्यों किया?
इससे युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, सरकार को त्वरित इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए l