@Saroj302 लिखा जाने लगा। और उसे फिर आधुनिक ���ुनाविकरन की मानसिकता से ऐसे लिखा जाने लगा कि वहाँ अभी उस भाईचारे को तो दिनोंदिन बलिदान ही देना पड़ेगा। सचाई मिटाई जाने लगी या रिपेन्टिंग के साथ प्रस्तुत की जाने लगी।और फिर आज की जनता जो wttsp यूनिवर्सिटी व क्योरा पर ��ूगल कर 5/5
@Saroj302 गाँव मे लगाई आग व पशुधन को नुकसान पहुचाया। ग्रामीणों की फस���ों को आग लगादी। जब सभी ग्रामीणों ने इस मंजर का अस्त्र शस्त्रो से सामना किया तो ग्रामवासियो व जनसैलाब में आये लोगों को हुई लड़ाई में जान ��े हाथ धोने पड़े। तुरन्त प्रभाव से परस्पर सर्वसमाज के गांव वासियो ने आये लोगो का 2/2
@Saroj302 समाधान ढूंढती है वो इसे फॉरवर्ड व फॉलो बिना समझे करेगी ही। कोई इस गांव के उस समय की लड़ाई के गवाह बने बुजुर्गों से मिले तो हकीकत जरूर जानोगे। गांव के बूढ़े गवाहदार आयु के आगे हार कर निपट रहे हैं और लिखित आधुनिक लेख हावी होते जा रहे हैं। सब लिखना असम्भव। धन्यवाद। शहीदो को नमन। 6/6
@Saroj302 सर्वसमाज के लोगो के लिए जो शहीद गौरव था वो 90's के दौर में पंचायती स्तर से चुनावी साये में काले इतिहास की नींव बनाने लगा। ईमानदारी,प्रेम,सहयोग, प्रयास,कोशिशे कभी शब्दो मे लिखी नही जा सकती। और ऐसे कभी न दिखती है न उनकी उम्र होती है। वो उसी पढ़ियो के साथ खत्म हो जाती है। अतः 4/4
@Saroj302 सहयोग किया व राहत के लिए सामग्री साझा की। गाँव के ठाकुर साहब ने मृत आश्रितों को मुआवजा व मृतको के नाम कमन्डेसन द���ल्ली को भेजी। आये लोगो मे आपस मे रंजिस व लीडर वर्चस्व की लड़ाई के भाव ने,बदले की जगह ली व लड़ाई बड़ी बन गयी। सरकार को ध्यान बटाना था तो मुद्दा ही अलग घड़ दिया।3/3
छोटी सी उम्र में ही इस बच्चे के पिताजी का देहांत हो गया।
माँ ने जैसे तैसे करके बच्चे की परवरिश कर रही है।
बच्चा जागरण में गाना गाता है।
लेकिन परिवार ने संस्कार में कोई कमी नही छोड़ी देखिए माँ शेरावाली का गाना गाने से पहले चप्पल उतार कर गाना गया है।
बंगाल में लोगों ने महिला टीचर को निर्वस्त्र कर पिटाई
ख़बर के मुताबिक़ कक्षा 9 की मुस्लिम समा��� की लड़की को टीचर ने डांटा था जिसके बाद ग़ुस्साए लोगों ने स्कूल में घुस गए और टीचर से अभद्रता की। विरोध करने पर महिला को निर्वस्त्र कर पिटाई की।
मामले में 35 के खिलाफ F.I.R, 4 गिरफ्तार।
झारखंड में सोरेन के स्कूल में ‘मदरसा’ राज!
सैकड़ों सरकारी स्कूलों में अब रविवार नहीं, शुक्रवार को होता है साप्ताहिक अवकाश, स्कूलों के नाम भी उर्दू स्कूल हो गए।
ख़बर है कि इलाके के कुछ मुस्लिम युवकों ने इसकी शुरुआत 2-3 स्कूल से की थी। फिर मनमर्ज़ी 100 से ज्यादा स्कूलों तक हो गई।
कुण न क रिया हो…भूल ग्या कांई थां को ही तो राज है महाराज…और पब्लिक न बताओ क ओ तुरंत प्रभाव कियां होवै है,सीकर की चिंत्या कर रिया हो,थांका जादूगर जी तो सगलै राजस्थान न ही डबोनै की सोच मैल्ली है…
In Jharkhand's Jamtara, many schools have changed their weekly offs from Sunday to Friday after pressure from muslim community
In Jharkhand's Garhwa, a school changed prayer & stopped students from folding hands after pressure from Muslim community
Now, Secularism not in danger
कौन सा नशा कर रखा था वीडियो बनाते वक्त ?
सलमान चिश्ती: मैं नशा नहीं करता
राजस्थान पुलिस: बोल नशे में था, ताकी बचाया जाए
Note : बीजेपी के नेताओं ने ये वीडियो जारी कर राजस्थान सरकार पर तुष्टिकरण करने और नुपूर शर्मा का सर कलम करने का ऐलान करने वाले को बचाने का आरोप लगाया है।
Now, after Dinesh Mansera reported about illegal mazars in various parts of Uttarakhand.
He is facing threats from radicals. This is time to stand with him.
Follow & support @DineshMansera and also share his report.
https://t.co/96RApgd6dC
अगर इसे ही कला कहते हैं, तो ऐसी कला की ना हम हिंदुओं को जरुरत है और ना ही हमारी संस्कृति को. सरेआम हमारी भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। सभी से मेरा अनुरोध है कि ऐसे मॉर्डन कल्चर को बढ़ावा ना दिया जाए और इस पोस्टर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई क��� जाए।
#kaaliposter
अजमेर दरगाह के खादिम ‘सलमान चिश्ती’ ने नूपुर शर्मा को लेकर कहा
जो उसकी गर्दन लाएगा मैं उसे अपना घर इनाम में दूंगा। अब पहले जैसा मा��ौल नहीं हैं वरना मैं उसे सरेआम गोली मार देता।