Flex culture हमे बर्बाद कर रहा है:
हम सब ऐसी दुनिया में रह रहे है जहा पर लोगोस पहनने, स्पोर्ट्स कार चलाने, एयरपोड्स में म्यूजिक सुनने ओर सबसे लेटेस्ट स्नीकर खरीदने को अच्छा स्टेटस माना जाता है।
यह फ्लेक्स कल्चर उन्हें मिडिल क्लास के रहने वाले तनख्वाह से तनख्वाह तक रखता है।
मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन
गृहहीन उदासीन विपिन विहारी हैं ।
शिशगंग भालचन्द्र नेत्र लाल कण्ठव्याल
भस्मयुक्त नग्नतन, जटाजूटधारी हैं ।
भूतेश्वर नागेश्वर डमरू त्रिशूलधर
अशुचि का घर, बैल उनकी सवारी है ।
सत्यम शिवम सुंदरम उन्हें कहें वेद
कन्या का तुम्हारे वही शिव अधिकारी है.🚩🙏🏻
इस दुनियाँ में जितने भी ग्रन्थ है,शास्त्र है, उनका एक ही सार है कि जो तुम अपने लिए नहीं चाहते,उसकी दुसरे के लिए कामना भी मत करो।
@bkshivani@narayanseva_@bkshivaniji
जिंदगी में कभी भी कोई भी चीज पूछने में मत घबराओ..
वैसे भी पूछने में क्या जाता है..
छोटी छोटी बाते पूछेंगे तो नासमझ लगेंगे लेकिन बेवकूफ बनने से अच्छा है सवाल पूछ लिए जाए।
- बेयर ग्रिल्स
नमन्ति फलिनो वृक्षा:, नमन्ति गुणिनो जनाः।
शुष्क काष्ठश्च मूर्खश्च, न नमन्ति कदाचन्।।
अर्थात, फलदार वृक्ष और गुणी लोग सदैव झुक जाते हैं परन्तु सूखी लकड़ी और मूर्ख लोग कभी नहीं झुकते
शेष की सइया पर सोने वाले
आज भूमि पर शयन करते है
करते है पशुओ की सेवा
श्री हरि गो चारण करते है
सारे जगत के पालन हारे
भगवान भिक्षाटन करते है
विधार्थी के लिए जो उचित है
वह सब नारायण करते है