"संजीवनी मंत्र राधा और कृष्ण का 'मंत्र' (पवित्र शब्द) है (राधा सर्वोच्च की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है, और कृष्ण सर्वोच्च का प्रतिनिधित्व करते हैं)। राधा तत्व सांसारिक सुख देगा और कृष्ण तत्व 'मोक्ष' (मोक्ष) देगा। ।" -सद्गुरुदेव श्री रामलालजी सियाग
@Ra8657 जीवन में कितना ही बड़ा संकट क्यों न हो यदि अपने साथ खड़े हैं तो वो भी आसान लगता है और जीवन में कितनी ही खुशियाँ क्यों न हो पर अपनों का ही साथ नहीं हो तो वो भी चुभन देने वाली बन जाती है
@Ra8657 हे देवी मां! तुम्हीं सबके मालिक
तुम ही सबके रखवारे हो।
तुम ही सब जग में व्याप रहे
विभु ! रूप अनेकों धारे हो॥
तुम ही नभ-जल-थल-अग्नि तुम्हीं
तुम सूरज-चाँद-सितारे हो।
यह सभी चराचर है तुममें,
तुम ही सबके ध्रुवतारे हो॥
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आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम
पुरुषोत्तम मास की संकष्ट चतुर्थी का विशेष लाभ लें
03 जून, बुधवार
पुरुषोत्तम मास की संकष्टी चतुर्थी जन्म- मरण को नष्ट, पापों और विघ्नों को नष्ट करनेवाली मानी गई है
ये चतुर्थी विघ्न और मुसीबते दूर करनेवाली है
कर्जा और दरिद्रता दूर करनेवाली
पारिवारिक कष्ट दूर करने में सहायक है
गम गणपतए नमः कीर्तन
संकष्ट चतुर्थी पूजा विधि
संकष्ट चतुर्थी पर *उपवास करें, फल और दूध पर, और रात्रि को चंद���रमा को अर्घ्य देकर* उपवास खोलना चाहिए
2️⃣🪷 गणेश जी की *पुष्प, धूप- दीप- आरती, प्रसाद* आदि से पूजन करें l
3️⃣🪷 जल में गुड़ मिलाकर गणेश जी अभिषेक* अवश्य करें l
4️⃣🪷 उसके बाद *दुर्वा चढ़ाये और और गुड़ का भोग लगाए*
5️⃣🪷 फिर कम से कम 1 माला *ओम गं गणपत्ये नमः* का जप करें l
6️⃣🪷 फिर *संकष्ट चतुर्थी की कथा का पाठ करें
(बाजार से पुस्तक मिल जायेगी)
7️⃣🪷 पूजन के समय मात��� पार्वती को गणेश जी के साथ रखें
8️⃣🪷 छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें* 🙏🙏 कि हमारे *घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों
छः मंत्र इस प्रकार हैं
✡️☀️ ॐ सुमुखाय नम:* : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
✡️☀️ ॐ दुर्मुखाय नम:* मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
✡️☀️ ॐ मोदाय नम:* मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
✡️☀️ ॐ प्रमोदाय नम:* प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
✡️☀️ ॐ अविघ्नाय नम:
✡️☀️ ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:
और रात को 🌝चन्द्रमा में ✡️गणपतिजी की भावना क��के जल, कच्चा दूध, अक्षत आदि चंद्रमा को
अर्घ्य दें
और ये मंत्र बोलें
ॐ गं गणपते नमः
ॐ सोमाय नमः