आदमी के अंदर अगर कोई खोट है तो वो है, उसकी खाली जेब। इस पर किसी ने क्या खूब लिखा है कि, मेरी गरीबी ने मेरी दुनिया छीन ली। वरना मेरी मां तो कहती थी कि पैसा कुछ नहीं होता। जय श्री कृष्णा राधे राधे जी।
संसद में बार-बार गतिरोध देशहित में नहीं!
संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थाओं में से एक है जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनती है कि वे देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करें,कानून बनाएं और जनता की समस्याओं का समाधान करें,न कि संसद में हंगामे और गतिरोध करें, जय हिन्द।
लोमड़ी कुत्ते से ज्यादा चालक होती है, फिर भी लोग कुत्ता पालते हैं। लोमड़ी नहीं। क्योंकि रिश्ते वफादारी से चलते हैं। चालाकी से नहीं। जय श्री कृष्णा राधे राधे जी।