महिलाओं के उत्थान व शिक्षा के लिए सदैव संघर्षरत, महान लेखक क्रांतिसूर्य महात्मा राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
आप सभी को Good afternoon .
आज बात इन्ही 2 तस्वीरों पर होगी पहली तस्वीर में वैशाली के DM यशपाल मीणा और दूसरी तस्वीर में सलहा पंचायत के मुखिया विपिन कुमार है जो पेशे से एक शिक्षक भी है।
हाल ही में मुखिया जी ने अपने पंचायत में " पंचायत सरकार भवन " बनाने के लिए सरकारी जमीन को चुना उसमे काम शुरू करने के लिए जमीन खाली करवाना पड़ा क्योंकि उसपे किसी और लोगों का कब्जा था।
इसलिए मुखिया जी ने प्रशासन की मदद से खाली करवाया और काम शुरू होने वाला था कि DM के आदेश पर जमीन पर पुनः जमीन उन्ही लोगों को दे दी गयी ।
जब मुखिया विपिन सर को पता चला और प्रशासन से गुहार लगाई तो प्रशासन DM के पास जाने को कहा और ये DM यशपाल मीणा को एक पत्र/आवेदन लिखा लेकर उनके ऑफिस पहुँच जाते है
काफी इंतेजार के बाद DM का Peon उन्हें बुलाता है जब अंदर जाते है तो DM कहता है " कौन रे तू कौन " इसपे मुखिया जी ने बोला मैं मुखिया विपिन कुमार ।
बात आपको जाननी पड़ेगी आखिर DM ने ऐसा क्यों कहा - तो ऐसा इसलिए क्योंकि मुखिया विपिन कुमार पहले से DM और प्रशासन के सिर पर चढ़े हुए है क्योंकि किसी को एक भी रुपये खाने को नही मिलता ।
लेकिन जब वह जाते है ऑफिस में तो DM के ऐसे व्यवहार पर कुछ नही बोलते लेकिन आगे DM कहते है " तू मुखिया की तेरी माँ मुखिया " इसके बाद कुछ बात होती है लेकिन जब बात आगे बढ़ती है DM मुखिया से गुस्सा होकर गॉर्ड को ऑफिस से बाहर निकालने को कहता है ।
DM का ऐसा बिहेवियर एक मुखिया के साथ है तो गरीबों के साथ कैसा होगा ?
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं सभी देशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं।
#जय_भीम
जुमलों वाली ये सरकार,
नहीं चलेगी अबकी बार.
ये नारे दिल्ली के रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए पुरानी पेंशन आंदोलनकारी लगा रहे हैं. अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने पेंशन छीन ली थी, मोदी सरकार ने नौकरी ही छीन ली. अब जितनी सरकारी नौकरी बची है, उसके लोग पेंशन मांग रहे. हमारा समर्थन रहेगा.
स्वर्ण समाज के 12% में से 10% को आरक्षण देने में केवल 4 दिन लगे, और 27% OBC को आरक्षण तमाम धरना प्रदर्शन और लड़ाई लड़ने के बाद भी 43 वर्ष लगे फर्क साफ है।
कब जागोगे OBC समाज के लोगो!
उठो जागो संघर्ष करो!
सरकार के प्रावल्होन मै आते हुए म.प्र पटवारी संघ भोपाल के प्रांताध्यक्ष (उपेंद्र बघेल) के द्वारा एक बार फिर सभी 18999 पटवारियों के साथ विश्वासघात कर हड़ताल वापसी का एक तरफा आदेश किया गया। सरकार के द्वारा हमारी एक भी मांग पूरी नहीं की।
#डरपोक@Upendra97450567@mppatwarisangh
2006 सर्कुलर के हिसाब से कार्यवाही करना याद है
वह याद क्यू नहीं आया जो सनावद में २००७ में कहा था, २०१५, २०१७, २०२३, की विभिन्न बातें क्यू याद नहीं आई?
26 मई की वो बात कि दो दिन में महापंचायत बुला पटवारियों की समस्या का निराकरण करेंगे।
ये दमनकारी नीति हमारा
हौसला नहीं तोड़ पाएगी।
@drnarottammisra आदरणीय यह हमारी मांग थी ही नही और यह प्रपोजल आपका विगत 1 वर्ष पूर्व से ही तैयार था।
यह भत्ता आप कृषि विभाग को ही दो और उन्ही से कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले कार्य करवाए हम सिर्फ राजस्व के कर्मचारी है।
निरंतर चल रहे हड़ताल के कारण आमजन को रही समस्या से हम पटवारीगण भी दुखी है, परंतु हमारा भी परिवार है हमारी भी मजबूरी है विगत 25 वर्षो से अनुनय विनय कर रहा है हमारा संघटन सरकार के समक्ष फिर भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
#2800gradepay@ChouhanShivraj@BJP4MP@INCMP
किसानों ने फसलों और नस्लों को बिकने से बहुत हद तक बचा लिया, मगर उसी कोविड के वक्त संसद में बहस के बग़ैर नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई. शिक्षा कई गुना मंहगी होती जाएगी, सीट कटौती, फेलोशिप कटौती, नए स्कूल कॉलेज खोलने की बजाय उन्हें निजी हाथों में बेचने को हम और आप कहां रोक पाए.