गाज गिरे इस निकम्मी सरकार पर 😡
22 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार ने पेंशन बंद की थी।
अब मोदी सरकार ने PF पाने वाले 8 करोड़ लोगों की कमर तोड़ दी है।
पहले 50% PF श्रमिक की जेब से जाता था और 50% कंपनी देती थी।
उसे बदलकर अब नया नियम लाया गया है; नौकरी देने वाली कंपनी अधिकतम 1800 रुपये ही PF में योगदान देगी।
यह खुलेआम कॉर्पोरेट और पूंजीवाद का समर्थन है। भाजपा सरकार पूंजीवादियों की सरकार है, जो नागरिक के हितों की नहीं, केवल पूंजीपतियों की फिक्र करती है।
जिंदगी भर नौकरी करके एक आदमी को बुढ़ापे के लिए ठीक-ठाक पीएफ मिल जाता था, जिससे परिवार के खर्च पूरे हो जाते थे।
अब न पेंशन बची, न पीएफ। जल्द ही राज्य सरकारें इसे लागू कर देंगी।
अब आप सरकारी डॉक्टर हैं, प्रोफेसर हैं, या प्राइवेट कंपनी के अफसर या मजदूर... आपका पीएफ खत्म समझो।
#Pension #PF #LaborRights
ये पन्ना का जिला अस्पताल है- जहां पहली बारिश के बाद अस्पताल 'स्विमिंग पूल' में बदल गया।
इस जलभराव के चलते मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। साथ ही, अस्पताल में संक्रमण फैलने का भी डर है।
BJP सरकार दावा करती है कि हर साल मेंटेनेंस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन दावे की हकीकत सबके सामने है।
यानी काम सिर्फ कागजों पर है और भ्रष्टाचार जमीन पर- शर्मनाक।
📍 मध्य प्रदेश
मैं हर रोज प्रधानमंत्री को बोल रहा हूं कि आप 'वोट चोर' हैं।
प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?
वो बोल क्यों नहीं रहे?
क्योंकि प्रधानमंत्री जानते हैं कि वो वोट चोर हैं और उन्हें पकड़ लिया गया है।
– नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी
#RahulGandhi#Congress
एक घटना में दूल्हे का परिवार दुल्हन को देखने उसके घर पहुंचा।
वहां उन्होंने दुल्हन के रंग-रूप, बाल और चेहरे को बारीकी से परखा, यहां तक कि उसका घूंघट हटाकर उसे करीब से "इंस्पेक्ट" किया।
इस अपमानजनक बर्ताव से गुस्साई दुल्हन की मां ने जवाब में
दूल्हे से पैंट उतारने को कहा और सवाल उठाया कि
अगर शादी के नाम पर लड़की की जाँच सही मानी जाती है, तो फिर लड़के पर वही पैमाना क्यों लागू न हो।
जब मर्सिडीज जैसी गाड़ियों का ये हाल है तो हमारी गाड़ियों का ❤️ डेम भोज्यम होना तय है।
@nitin_gadkari अरे महाराज अपने लॉन्डो का करियर बनाने के चक्कर में क्यों पूरे देश की गाड़ियों की लंका लगाने पर तुले हुए हो।
आम आदमी पूरी जिंदगी में अपनी मेहनत की कमाई से मुश्किल से एक गाड़ी खरीद पाता है और वो भी खराब करवा दी आपकी सनक ने।
Big Breaking
इंदौर की उपेक्षा से आहत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र, कहां ढाई साल में मुझे सिर्फ असहयोग उपेक्षा और विरोध मिला।