काश मोदी जी, आपने थोड़ा-बहुत पढ़ लिया होता तो भारत की इतनी बेइज़्ज़ती न होती।
और आपने सलाहकार भी ऐसे पाल रखे हैं जो आपको इस तरह की हरकतें करने से रोकते नहीं।
और चापलूसों की तो बात ही क्या कहें वे तो आपके इन घटिया बयानों को भी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज़ करवाने का दावा कर रहे हैं।
महानायक हो आप अमिताभ जी
घर आपका पानी पानी हो गया
एक समय था
जब आप आपको सबकी चिंता थी
अब खुद की वेदना भी नहीं बता पा रहे आप
क्या से क्या हो गए
महानायक से भक्त हो गए 😔😔
दिल्ली में “विकास” की हकीकत!
यह तस्वीर स्वरूप नगर, दिल्ली की है। बारिश में बच्चियां ट्रांसफॉर्मर का सहारा लेकर सड़क पार कर रही हैं। सोचिए, अगर ट्रांसफॉर्मर में करंट आ जाए तो?
जब तक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने नहीं आई थी, तब तक हर रोज 16-18 लाख रुपए दान के रूप में जमा होते थे।
लेकिन जैसे ही मंदिर में चोरी का खुलासा हुआ, उस दिन से रोजाना 24-26 लाख रुपए जमा होने लगे।
यानी- हर दिन करीब 10 लाख रुपए का हेरफेर किया जाता था।
राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत लाल दास ने रथ यात्रा के दौरान कहा था कि इसे धार्मिक स्थान ही रहने दो, राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए।
इसके बाद, पहले उन्हें पद से हटाया गया और फिर बाद में उनकी हत्या कर दी गई।
: @shaktisinhgohil जी
📍 दिल्ली
राजदरबारो में एक परम्परा होती थी।
राजा दरबार में प्रवेश करने वाला होता, ठीक उसके पहले, प्रतिहारी उच्च स्वर में आवाज लगाता। वह सभी दरबारियों, और फ़रियाद को आयी जनता को, अटेंशन में लाने के लिये उद्घोष करता।
सावधान, सावधान, सावधान!
चक्रवर्ती!!, महा-महिमाधिराज,
देवानांप्रिय, परमभट्टारक!!,
विक्रमादित्य, जगद्गुरु, नरपति, धर्मरक्षक,
सिंहासनाधीश्वर, सर्वभौम,...
राजाधिराज, विश्वविजयी,
भूपति, नृपेंद्र, धर्माधिपति,
सहस्रबाहु, पराक्रमी
पृथ्वीपाल, विश्वनाथ
महाराज श्री श्री मूंगफली जी महाबली ...
पधार रहे है ssss
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यह प्राचीन भारत का हाल था। फिर मध्यकाल में इस्लामी आ गए। पर सिस्टम वही बना रहा। तब दरबार मे हांका होता..
बा अदब, बा मुलाहिजा, होशियार..
सुल्तान-उल-हिंद
खलीफतुल्लाह,
आलमगीर, जाम-ए-जमजम,
अमीर- उल- मोमिनीन, दुर्रे दुर्रान,
सुल्तान पादशाह, गाजी,
ज़िल्ल-उल्लाह, जिल्लेसुभानी,
खुदावंद, सुल्तान-उल-आदिल,
शाह-ए-दीन, मुजाहिद, हजरत,
ख्वाजा अलफूल उल- मसूर की दाल
पधार रहे हैsssssss..
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मध्यकाल गया, अंग्रेज गए।
अब आधुनिक भारत मे यह सुनने को नही मिलता था। काहे कि लोकतंत्र जो आ गया था। वह 70 साल चला। फिर हमें अचानक याद आया..
कि प्रजातंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, मानवाधिकार यह सब एक पश्चिमी अवधारणा है। रामराज में प्रजातंत्र नही था, मानवाधिकार नही थे। और हमारा टोटल गौरव तो उसी दौर में था।
ये म्लेच्छ कॉन्स्टिट्यूशन तो हमारे गले मे अंग्रेज डालकर चले गए। इसने बरबाद कर दिया सब। हमे जल्द सुधार करना होगा।
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प्रजातन्त्र हटाना होगा।
और शुद्ध भारतीय राजविधि स्थापित होगी। जिसमे हमारा एक राजा होगा। वह विश्वगुरु होगा, विश्वविजयी होगा। सारी दुनिया में उसकी डुगडुगी पिटेगी।
ब्रह्मांड उसका सम्मान करेगा।
और तब!!!
हांके की प्राचीन परंपरा भी पुनरुज्जीवित होगी।
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वह जहां जहां जायेगा, उसके समर्थक, ताबेदार, पहरेदार आम आदमी को देखते ही चीखेंगे..
हटो बे, कट ले, ओये गद्दार,
ओ हलो वामपंथी, पकिस्तानी,
चमचे, मुल्ले.. :@%*#^@^
चलss परे हट..
साइप्रसश्री, श्रीलंकाविभूषण, घानारत्न,
मॉरीशस वीर, कुवैतभूषण, गयानाप्रभा,बारबाडोसज्योति,
नाइजीरियाकमल, डोमिनिकाचन्द्र,
रूसभारती, ग्रीसविभुषन,
फ्रांसरत्न, मिस्रश्री, पलाऊवीर,
पापुआ न्यू गिनी ज्योति, फिजी विभूषण,
भूटानचंदन, बहरीननंदन..
गॉब्लेट ऑफ फायर, ऑर्डर ऑफ फीनिक्स, गार्डियन ऑफ गैलेक्सी,
ब्रदर फ्रॉम अदर मदर
मालदीव-जेम, अमीरात जायद,
फिलिस्तीनश्री, अफगानिस्तान विभूषण,
जमैका की जवानी, इंडोनेशिया की कहानी
अमरीका पाबंद, सऊदीअरबेन्द्र, जुमलेसुभानी
गौतमी मित्र श्री सरेंडरनाथ जी महाराज
पधार रहे हैंSSS !!!
🙏🏅🏆🥇🎖️🥉🎖️❤️💪🥰
"ये पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे जी की किताब है। सरकार कह रही है कि ये किताब है ही नहीं और आप इसे कोट नहीं कर सकते। इसमें नरवणे जी ने लिखा है कि लद्दाख में चीन की सेना हमारे क्षेत्र में घुस रही थी। सेनाध्यक्ष ने राजनाथ जी से पूछा कि क्या करना है। पहले कोई जवाब नहीं दिया। बार-बार फोन करने पर नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया कि "जो उचित समझो वो करो"। मतलब है कि मोदी जी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। नरवणे जी ने लिखा, 'मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।' मोदी जी को ये सच्चाई देश को पता चलनी चाहिए।"
~ राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी: “प्रधानमंत्री….”
ओम बिरला: NOOOOO 😖
राहुल गांधी: “प्रधानमंत्री….”
ओम बिरला: NOOOOO 😖
राहुल गांधी: “एक काम कीजिए, आप ही मेरा भाषण लिख दीजिए, मैं पढ़ लूंगा 😂”
राहुल गाँधी का कमाल का सेट-अप है ये वीडियो इंस्टाग्राम पर 2.5 करोड़+ व्यूज़ के साथ वायरल 🔥
मोदी में कुछ तो है👌🫡 👏
जिस बात पर कोई और इंसान शर्म के मारे मुँह छुपा लेता, मोदी उस बात पर भी अपना सम्मान करा लेता है 👏
अब लेटेस्ट सम्मान इसके लिए करा रहा है👇
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🔔अमेरिका ने हम पर 18% टैरिफ़ लगाया
🔔हम अमरीका पर 0% टैरिफ़ लगाएँगे
🔔हमने रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद किया
🔔अब हम अमरीका से महँगा तेल खरीदेंगे
🔔अमरीका के सस्ते कृषि उत्पाद हमारे यहाँ बिकेंगे
🔔हम अमरीका से 500 बिलियन डॉलर का माल खरीदेंगे
लेकिन फिर भी सम्मान हो रहा है क्योंकि...मोदी है तो....💪
🚩🚩🚩
जिसका डर था, वही हुआ।
सरकारी दावों और दरबारी प्रचार के बावजूद भारत–अमेरिका ट्रेड डील में कृषि को शामिल कर लिया गया है। प्रधानमंत्री महीनों से कहते रहे कि किसान, पशुपालक और मछुआरे सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, लेकिन पहली आधिकारिक सूचना फिर भारत सरकार से नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति से मिली। ट्रम्प के बयान और अमेरिका की कृषि मंत्री की बधाई साफ़ बताती है कि भारत की मंडियाँ अब अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोली जा रही हैं।
यह कोई मामूली नीति परिवर्तन नहीं है। दशकों से भारत ने कृषि को अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से बाहर रखा, क्योंकि दुनिया के बड़े कृषि उत्पादक अपने किसानों को भारी सब्सिडी देते हैं, जबकि भारत में किसान को ‘नकारात्मक सब्सिडी’ मिलती है। अब सस्ता अमेरिकी मक्का, सोयाबीन और दुग्ध उत्पाद भारतीय किसान की कमर तोड़ेंगे। असर सिर्फ़ अनाज पर नहीं, एथनॉल नीति के ज़रिये गन्ना किसान तक पहुँचेगा।
ऊपर से बजट में कृषि खर्च घटाया गया है, सब्सिडी काटी जा रही है और दीर्घकालिक संकट से निपटने की कोई योजना नहीं। यह बाहर से थोपा गया संकट और भीतर की बेरुख़ी मिलकर खेती को और गहरे संकट में धकेल देंगे। अब सवाल यह है कि किसान और उनके संगठन इसका प्रतिकार कैसे करेंगे।
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