PHED कार्मिकों एवं आमजन के हितार्थ,आप सभी विधानसभा सदस्यों, श्री टीकाराम जूली जी, श्रीमती रीटा चौधरी जी (मंडावा), श्रीमती शिखा मील बराला जी (चोमू), श्री डूँगर राम गेदर जी (सुरतगढ़), राजेंद्र पारिक जी (सीकर), श्री मनोज कुमार जी (सादुलपुर) ने, कार्मिकों की आवाज को सदन में मुखर किया
संयुक्त संघर्ष समिति PHED राजस्थान, विभाग के समस्त अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ़ से माननीय मंत्री महोदय और सचिव महोदय का बहुत बहुत धन्यवाद और साधुवाद ज्ञापित करते है।
बहुत बहुत आभार !
@OnliKanhaiya @samitsharmaias@RajCMO@BhajanlalBjp@KumariDiya
माननीय मंत्री जी द्वारा विभाग के कार्मिकों की सेवा शर्तों एवं विभागीय संरचना को यथावत रखने की घोषणा सदन के पटल पर करने हेतु (RWSSC बजट घोषणा के संदर्भ में)
@OnliKanhaiya
प्रदेश की जनता “विद्युत विभाग “ के निजीकरण की वजह से पहले से ही परेशान और पीड़ित है और अब एक और महत्वपूर्ण विभाग जो सीधा जनता से जुड़ा हुआ है “जलदाय विभाग” को ठेके पर देना सरकार का असंगत और ग़लत निर्णय है।
बिजली,पानी,शिक्षा और स्वास्थ्य जनता की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित है इसके सुदृढ़ीकरण के प्रयास करने की बजाय इन्हें निजी हाथो में देना प्रदेश की जनता के साथ धोखा और अन्याय है।
@RajGovOfficial से मेरा आग्रह है की इस निर्णय को वापस ले और इसे यथावत रखकर जनता के साथ न्याय करे।
@BhajanlalBjp
#Jaipur: जलदाय विभाग से खबर
संयुक्त संघर्ष समिति का फैसला, आज प्रदेश में होने वाली ग्राम सभाओं का बहिष्कार का फैसला, RWSSC के मुद्दे पर किया बहिष्कार का फैसला, सह संयोजक भवनेश कुलदीप ने दी जानकारी
#RajasthanWithFirstIndia@RajGovOfficial@naresh_jsharma
@kunwarraghav@arvindchotia नियमों की जानकारी का अभाव और प्रशासन के प्रति अति झुकाव से आच्छादित आपके विचार पर विनम्र निवेदन है, संलग्न नियम का अवलोकन करावे और लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ बने रहिए |
#ThrashOneSidedJournalism
#मॉडल_स्टेट_राजस्थान@ashokgehlot51 माननीय मुख्यमंत्री महोदय, हम आपका धयान PHED विभाग की अधिशासी अभियंता से मुख्य अभियंता की नियमित DPC (FY 2022-23) की तरफ़ दिलाना चाहते है। इस वर्ष की DPC अभी तक लंबित है, इस बाबत संगठन द्वारा बार बार आग्रह किया ज़ा रहा है
PWD में राजस्थान कॉउन्सिल ऑफ़ डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा डिप्लोमाधारी सहायक अभियन्ता से अधिशाषी अभियंता पद पर पदोनन्ति हेतु वर्तमान सेवा नियम मेें 15 वर्ष के अनुभव को 10 वर्ष करने की मांग की जा रही हैं जो कि सर्वथा अनुचित हैं
क्यों की विभाग में सहायक अभियन्ता से अधिशाषी अभियंता पद पर पदोनन्ति हेतु सीधी भर्ती (RPSC से ) नियुक्त डिग्रीधारी सहायक अभियन्ता पर्याप्त संख्या में वांछित अनुभव के साथ उपलब्ध है.....साथ ही यह भी उल्लेखनीय हैं कि माननीय उच्च न्यायालय की D.B. Civil Writ Petition No. 10021 / 2017
द्वारा डिप्लोमाधारी सहायक अभियंताओं की अनुभव में शिथिलता की मांग को ख़ारिज किया जा चुका है।माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सीधी भर्ती (RPSC से) द्वारा नियुक्त डिग्रीधारी सहायक अभियन्ता वर्तमान में विभाग में 08 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद भी प्रथम पदोन्नति को तरस रहे हैं,