ऊंचे पद के अधिकारियों के वजह से पत्नी की मौत हुई है😭😭
वो अगर हमें छुट्टी दे दिए होते तो मैं पत्नी को एडमिट करा देता तो उसकी जान बच जाती😭
ये कहकर सिपाही फुट फुट कर रोने लगा😭
क्या बड़े पद पर बैठे अधिकारियों के लिए एक मामूली पुलिस वाले कि कोई औकात नही😡😡
अब कौन करेगा भरपाई😡
क्या इनकी मरी हुई पत्नी वापस मिलेगी😭
बहन केसरी वर्मा (महिला सिपाही) को छुट्टी जैसी बेसिक चीज के लिए जिस विभाग में जान देना पड़ा हो चुल्लू भर पानी में सभी को डूब मरना चाहिए, अन्याय की पराकाष्ठा हो रही है, कितना मारोगे काले अंग्रेजों, इतने बुरे तो अंग्रेज भी नहीं थे। @bastipolice@dgpup@myogiadityanath@yadavakhilesh
आज @Uppolice के कार्यकारी बल के कितने कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिला है ?
मतलब आज कितने लोग अपने परिवार के साथ {रविवार }मना रहे हैं ?
#साप्ताहिक_अवकाश
कन्नौज कप्तान महोदय, सिपाही की माता जी को लोगों ने पीट कर मरणासन्न अवस्था में कर दिया है, SHO महोदय सिपाही का फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जब आप की अपने विभाग के प्रति इतनी उदासीनता है तो जानता के साथ क्या करते होंगे। @kannaujpolice@igrangekanpur@adgzonekanpur@dgpup@bstvlive
पुलिस से 24 घंटे ड्यूटी की उम्मीद करना आसान है, लेकिन क्या उसके परिवार, आराम और मानसिक दबाव की भी कभी चिंता होगी? पुलिसकर्मी भी इंसान हैं, मशीन नहीं। बेहतर पुलिसिंग के लिए बेहतर कार्य-व्यवस्था जरूरी है?क्या आप सहमत हैं? बदलाव होना चाहिए @CMOfficeUP@myogiadityanath#PoliceReform
पुलिसकर्मी में भी इसी समाज का बेटा, भाई और पिता है। वह सम्मान के साथ कानून की रक्षा करना चाहता है, किसी सत्ता का दबाव नहीं झेलना चाहता। 1861 के औपनिवेशिक पुलिस कानून से मुक्ति देकर ऐसी पुलिस व्यवस्था दीजिए जो निडर होकर जनता की सेवा करे। @PROBLEMOFPOLICE#POLICE_REFORM_NOW
निर्लज्जता का दूसरा नाम है ये शख़्स
स्टेज पर लाइम लाइट बटोरेंगे ये
स्टेज पर खड़े होकर बड़े-बड़े भाषण देंगे ये
बच्चों को प्रोटेस्ट में आने के लिए प्रेरित करेंगे ये
लेकिन जब संघर्ष करना होगा तो
वहाँ ये रफ़ूचक्कर हो जाएंगे…
छात्र खाएँ लाठियाँ… हम तो बर्गर खाएँगे
#लखनऊ
⏩ पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार उजागर करने का दावा करने वाले सिपाही सुनील शुक्ला को किया गया सस्पेंड।
⏩ बताया जा रहा है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
⏩ सस्पेंशन के बाद जारी नए वीडियो में सिपाही सुनील शुक्ला ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “सत्य का अपमान हुआ है” और उनका सस्पेंशन “सत्य की हार” है।
⏩ वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े अधिकारी सोशल मीडिया पर रील और वीडियो पोस्ट करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन यदि कोई सिपाही अपनी बात सोशल मीडिया पर रखे तो तत्काल कार्रवाई कर दी जाती है।
⏩ सुनील शुक्ला का कहना है कि जब अधिकारियों द्वारा उनकी पीड़ा नहीं सुनी गई, तब उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया।
⏩ वहीं सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और केवल सस्पेंड करना समाधान नहीं है।
#BreakingNews #Police #SunilShukla #UttarPradesh #SocialMedia
@SunilShukl82761
@lkopolice@Uppolice@dgpup@CMOfficeUP@myogiadityanath@nationalism_eng@kalamkeechot@RahulGandhi@yadavakhilesh@SanjayAzadSln@AamAadmiParty@mediacellsp@dimpleyadav@ArvindKejriwal@MamtaTripathi80@INCUttarPradesh@4pmnews_network
सिपाही को भी चैन की नींद चाहिए –
बॉर्डर स्कीम हटाओ, परिवार से मिलाओ!
काम 24 घंटे, सुविधा शून्य?
अब नहीं चलेगा "अराजपत्रित एसोसिएशन" का गठन हो!
वेतन विसंगति दूर करो
पुलिस का मनोबल ऊंचा करो!
पुलिस सुधार और पुलिसकर्मियों के कल्याण हेतु प्रमुख बिंदु:
बॉर्डर स्कीम का खात्मा:
पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपद के निकटवर्ती जिलों में तैनाती दी जाए ताकि वे अपने परिवार की सामाजिक दायित्वों की जिम्मेदारी निभा सकें।
अराजपत्रित पुलिस एसोसिएशन का गठन: अपनी जायज मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के लिए एक लोकतांत्रिक मंच (Association) अनिवार्य हो।
8 घंटे की शिफ्ट (Duty Hours):
'24 घंटे ऑन ड्यूटी' के मानसिक बोझ को खत्म कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 8 या अधिकतम 12 घंटे की शिफ्ट लागू हो।
वेतन विसंगति एवं भत्ते:
2000 ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर कर पुलिसकर्मियों के रिस्क अलाउंस और आवास भत्ते (HRA) में सम्मानजनक वृद्धि हो।
रैंकर एग्जाम की बहाली:
समयबद्ध पदोन्नति के लिए पारदर्शी 'रैंकर एग्जाम' की व्यवस्था फिर से शुरू की जाए ताकि योग्य सिपाहियों को आगे बढ़ने का मौका मिले।
साप्ताहिक अवकाश:
प्रत्येक पुलिसकर्मी के लिए सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य अवकाश (Weekly Off) सुनिश्चित किया जाए।
राज्यसभा में Food Adulteration जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा होना अपने आप में बहुत कुछ कहता है।
आज सवाल सिर्फ़ मिलावट का नहीं मानव स्वास्थ्य और गरिमा का है
दूध में केमिकल, मसालों में ज़हर तेल में मिलावट और दवाओं तक में खेल
फिर बीमारियों का बढ़ना लाइफस्टाइल का नाम देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है
मिलावट सिर्फ़ स्वाद नहीं बिगाड़ती
ये धीरे-धीरे ज़हर बनकर शरीर में उतरती है
कभी कैंसर के रूप में
कभी हार्मोन गड़बड़ी के रूप में
तो कभी बच्चों के भविष्य पर असर बनकर
मिलावट को ग़ैरज़मानती अपराध बनाया जाए
दोषी कंपनियों का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो
मालिक और टॉप मैनेजमेंट को सीधी जेल भेजा जाए
विदेशी प्रतिबंधित प्रोडक्ट्स बेचने पर आजीवन प्रतिबंध लगे
Private Hospital में इलाज करवाने की ज़रूरत पड़ जाए तो एक आम परिवार का घर-गहने गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती है।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही ₹50,000-1,00,000 तक Advance रखवाया जाता है। अस्पतालों के कमरों का रेंट 5 स्टार के होटल से महँगे।
बेड मिलते ही बिल में thermometer-sanitizer-masks-gloves सब बिल में जुड़ना शुरू हो जाते हैं। जो दवाएँ बाहर डिस्काउंट पर मिलती हैं वो अस्पताल में पूरे रेट पर मिलती है। लैब टेस्ट मान्य होती है तो सिर्फ़ अस्पताल की।
आज संसद में ये ज़रूरी मुद्दा रखा।
UGC के नए निर्देश , सबका साथ , सबका विकास और सबका विश्वास की कसौटी का खुला उल्लंघन करते हैं ---- राष्ट्र के युवाओं को भेदभाव मुक्त व्यवस्था चाहिए --- यही आज के समय की राष्ट्रवाणी है , जिसे सुना जाना चाहिए -----