कुछ साल पहले व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का उद्भव हुआ, अब उसको स्थापित करने के लिए कई मीडिया संस्थानों ने 3-4 इवेंट रिपोर्टर्स को बिठाकर, लालबुझौवल पत्रकारिता शुरु की है। अभी यूथ लहालोट है और फिर इनको आइकन मानेगा। मतलब पत्रकारिता की अगली पीढ़ी की जड़ों में मट्ठा डाला जा रहा है। ध्यान रहे …
बिहार के सारण जिले की एक बेटी.
उम्र महज 15 साल.
10वीं ही पास किया था.
सपने अभी पूरे होने बाकी थे.
11 मार्च की रात जलावन लेने घर से निकली थी.
मां के लिए खाना बनाना था.
लेकिन फिर कभी घर वापस नहीं लौटी.
5 दरिंदे पहले से घात लगाए बैठे थे.
लड़की को पकड़ा, बंद पड़े घर में ले गए
वह चीखती रही - “मां… बचाओ…”
मां और बहन दौड़ीं.
लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही उसे घसीटते हुए कुएं तक ले जाकर धक्का दे दिया गया.
गांव वालों के मुताबिक, वह करीब आधे घंटे तक कुएं में पड़ी तड़पती रही.
लोग दौड़े, रस्सी लाए, बचाने की कोशिश की.
लेकिन जब बाहर निकाला गया…
तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
मां आंगन में बैठकर रोते हुए बस एक ही सवाल पूछ रही है-
“मेरी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था?”
आरोपी पहले भी लड़कियों को परेशान करते थे.
शिकायतें भी हुई थीं.
लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं हुई.
अब सवाल सिर्फ अपराधियों पर नहीं…
सवाल व्यवस्था पर भी है.
अगर पहले ही कार्रवाई होती…
तो क्या आज एक बेटी जिंदा नहीं होती?
पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
एक दरिंदा गिरफ्तार भी हुआ है.
बाकियों की तलाश जारी है.
लेकिन लोगों के मन में बस एक सवाल गूंज रहा है-
क्या बिहार में बेटियां पूरी तरह से कब सुरक्षित होंगी?
#BiharNews #Justice #Chhapra #prabhatkhabar
भारत की तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया से मेरा सवाल है, क्या UGC के विरोध में होने वाले प्रदर्शन खबरें नहीं हैं, क्या उस मुद्दे को उठाने वाले पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट का हाउस अरेस्ट खबर नहीं है या फिर साहेब ने तुम्हारी पोल-पट्टी खोलने की धमकी दे डाली है। सरकार को ये सोचना चाहिए कि चिदंबरम ने स्वामी रामदेव को उठवा कर अपनी भद्द पिटवा ली थी। आप तो प्रदर्शन होने ही नहीं दे रहे हो। रोक पाओगे इस विरोध को अगर ये गांव गांव तक पहुंच गया तो। गलती मानने की बजाए इस जिद पर अड़े रहना कि मैंने जो किया वही सही है, ये ले डूबेगा।
इस्लाम छोड़ चुके सलीम पर जानलेवा हमला करने वाले को योगी सरकार ने 48 घंटे में उनकी गति को पहुंचा दिया। लेकिन दिल्ली में होली के दिन 11 साल की बच्ची के फेंके गुब्बारे से पानी की कुछ बूंद लगने पर 26 साल के नौजवान को पीट पीट कर मार डाला लेकिन यहां की सरकार लीपापोती में लगी है। जिस महिला पर पानी के छींटे लगे वो सरेआम वहां तैनात पुलिसकर्मियों से अभी भी बदतमीजी कर रही है, शर्म तक नहीं है, ग्लानि तो छोड़ ही दीजिए। याद रखिए दोनों प्रदेश में सरकार @BJP4India की ही है। शासन इकबाल से चलता है। यूपी को अगर देश मान लें तो दुनिया का 6ठा सबसे बड़ा देश होगा। डबल इंजन तभी सफल है जब दोनों इंजन का हॉर्सपावर ठीक हो नहीं तो दूसरे इंजन को ढोने में पहले इंजन को भी बार बार सर्विसिंग की जरूरत पड़ने लगती है।
मज़ारलैंड बनता महानगर #Noida
नोएडा के सेक्टर 84 में बीच सड़क पर मजार..
कमिश्नरेट ऑफिस से मात्र 3 Km दूर इस अवैध निर्माण को @CeoNoida के संरक्षण का शक.
हर दिन गुजरते हैं लाखों आम नागरिकों के साथ सक्षम अधिकारी भी
यहां फलता-फूलता है अंधविश्वास का काला मजहबी करोबार.
#Mazaar#Dargah@dmgbnagar@ChiefSecyUP@DCP_Noida@homeupgov
2300 रुपए क्विंटल का धान अगर पंजाब के किसानों को 2200 रुपए में भी बेचना पड़े, तो वहाँ की सरकार गिर जाएगी। बिहार के किसान धान 1500 रुपए में बेच रहे हैं। विकल्प मिलने के बाद भी आपने वही गलती दोहराई है जो दशकों से दोहराते आए हैं; जो बोएंगे, वही काटेंगे।
जिसको भाषा का ज्ञान हो, जिसके अंदर सामाजिक समझ और परख हो, जो हकीकत में बिहार और बिहारियों के लिए कुछ करना चाहता हो, वही नेता ऐसी तार्किक शब्दों का चयन कर सकता है I
तिलक, तराजू और तलवार-इनको मारो जूते चार
ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर चोर, बाक़ी सारे DS4
ये नारे कौन लगा रहे है कॉलेज कैंपस में ?
और क्या ऐसे नारे लगाने वाले छात्रों पर UGC की इक्विटी कमिटी कोई एक्शन लेगी ?
#UGC_काला_कानून_वापस_लो#UGCRollBack#ShameOnUGC
कांग्रेस का “कम्युनल वायलेंस बिल” और भाजपा का #UGC कानून एक समान,
UGC काला कानून का विरोध क्यों हो रहा है आसान भाषा में समझिए
यह वो जहर है जो बच्चों का कैरियर बर्बाद तो करेगा ही ! इसके साथ कम उम्र में ही बच्चों में जातिगत भेदभाव की भावना को बढ़ावा देगा जो आगे चलकर हिन्दु समाज में भी भेदभाव को बढ़ाएगा
#ShameOnUGC
@RailwaySeva@IndanRailway train number 12562 s5 coach me kuch ladke jabardasti chadh ke gate jam kar passengers ke sath batamiji kar rhe hai @RailMinIndia
है कोई ऐसा जिगरा वाला नेता? कोई जिद्दी आदमी ही बिहार को सुधार सकता है I
प्रशांत जी, मुझे बहुत खुशी है और मेरे लिए बड़ी गर्व की बात है कि आप मेरे नेता हैं I आपके साथ काम करना MP, MLA बनने से कहीं अधिक गौरव की बात है I
Bihar's Tragic Reality
आज सिर्फ जनसुराज नहीं हारा है,
>KC Sinha और RK मिश्रा जैसे लोगों का मनोबल
हारा है !
>बिहार के मुद्दों की हार हुई है !
आज बिहार हारा है !
जय बिहार ✊ 🙏