सालों साल एक झूठ परोसा गया
‘अजमल कसाब को मटन बिरयानी दी गई’
अब उज्जवल निकम सच बता रहे हैं
उन्होंने यह झूठ बोला और नैरेटिव सेट किया था
उनके एक झूठ ने UPA सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी
इसके बाद वह BJP के टिकट पर चुनाव लड़े और अब BJP के राज्य सभा MP हैं
Hello, I purchased LG smart TV from Vijay sale sector 29 gurgaon on 3rd Friday. And till today Wednesday 8th July no one from LG visit my house for installation of TV. And no support get from Vijay sale and LG customer care.
@LGUS@VijaySales@VSSupport_
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मेरा जन्म 1997 में हुआ, उसी साल जिस साल 5 जुलाई को पार्टी की स्थापना हुई।
छोटी थी, जब कभी-कभी पापा घर के आए मेहमानों के सामने अक्सर दो ही चीज़ें पूछा करते थे~“बेटा, अंग्रेज़ी में कुछ बोलकर दिखाओ” और दूसरा, “बिहार की मुख्यमंत्री कौन हैं?” मैं हमेशा गर्व से कहती, “Rabri Devi is the CM of Bihar.” गर्व का भाव इसलिए क्योंकि एक महिला मुख्यमंत्री थीं और गर्व इसलिए भी क्योंकि अपने आस-पास ही देखती थी कि छोटी उम्र में बच्चियों की शादी कर दी जा रही है, पढ़ाने-लिखाने में पूंजी सिर्फ़ बेटों पर खर्च की जा रही है उस वक़्त एक महिला को CM देखना एक बच्ची के कोमल मन को शीतलता देता था।
जब JNU पहुँची, तो धीरे-धीरे राजनीति और विचारधाराओं को समझने की शुरुआत हुई। जब बटलर, सिमोन द बुवार, रोज़ा पर्क्स, रोज़ा लक्ज़मबर्ग, हन्ना अरेंड्ट, सावित्री बाई, माया एंजेलू इत्यादि को पढ़ रही थी, तब पता चला कि बिहार में लालू जी ही वे नेता हुए जिन्होंने महिलाओं को महावारी के दौरान दो दिन का अवकाश दिया, जो दुनिया में बहुत कम देशों में है। जिस जातिगत सच्चाई और आर्थिक बेबसी से निकली थी, ख़ुद को राजद से जोड़ पाई और छात्र राजद से जुड़ी और राष्ट्रीय प्रवक्ता का सफ़र तय किया, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका मेरे नेता तेजस्वी जी की रही।
हमेशा इस बात पर गर्व महसूस करती हूँ कि स्थापना दिवस से ही पार्टी ने महिला CM दिए। राबड़ी जी को जब मौक़ा मिला, पहली बार बिहार का बजट सरप्लस हुआ। जब से पार्टी की स्थापना हुई, तब-तब जब-जब हमारी सरकार रही, चाहे मंत्रिमंडल हो, विधायक हों, संसद हो या राज्यसभा, हर जगह सामाजिक और आर्थिक, दोनों स्तर पर विविधता देखने को मिली। राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना के बाद इसके पहले 3 प्रदेश अध्यक्ष कमल पासवान जी, उदय नारायण चौधरी जी और पीताम्बर पासवान जी दलित वर्ग से रहे। अल्पसंख्यक समुदाय से अब्दुल बारी सिद्दीक़ी जी रहे। पिछड़े वर्ग से रामचन्द्र पूर्वे जी रहे, जगदानंद सिंह जी रहे और अभी अतिपिछड़े वर्ग से मंगनीलाल मंडल जी हैं। राष्ट्रीय जनता दल इस देश का पहला दल है जिसने 2019 में अपने सांगठनिक चुनावों में कुल 45% आरक्षण लागू किया, 28% पिछड़ों-अतिपिछड़ों के लिए और 17% दलितों-आदिवासियों के लिए।
राजद ने शोषितों की सोई हुई चेतना को झकझोरने का काम किया, वही काम जो कर्पूरी ठाकुर जी ने, जगदेव प्रसाद जी ने, कांशीराम जी ने किया। वही, जिसे लालू जी ने मज़बूती से धरातल पर उतारा। राष्ट्रीय जनता दल ने विचारों से लैस कर वंचितों को सशक्त किया। अन्याय का प्रतिकार करना सिखाया और हक़ व आत्मसम्मान के लिए लड़ना सिखाया। राजद करोड़ों लाचार, वंचित, उपेक्षित, बेबस लोगों की पार्टी है, जो उनकी आकांक्षाओं के लिए काम करती है।
जिस बिहार में मेरा जन्म हुआ, वहीं दो तरह के CM देखे- एक घुटना टेक मुख्यमंत्री और दूसरे सीना तान मुख्यमंत्री। एक परिस्थितिओं के मुख्यमंत्री दूसरे संभ्रांत वर्चस्वादी ताकतों को चुनौती देने वाले मुख्यमंत्री।
नीतीश जी हमेशा वर्चस्वशाली शक्तियों के आगे घुटने टेकते रहे, वहीं लालू जी उस संघर्ष के प्रतीक हैं, जिसमें लड़ाई आर-पार की रही और विचारों से कोई समझौता नहीं हुआ, और उस धारा को तेजस्वी जी आगे बढ़ा रहे हैं। ये कारवाँ निरंतर बढ़ता रहे।
राष्ट्रीय जनता दल ज़िंदाबाद रहे।
समाजवाद ज़िंदाबाद रहे।
सामाजिक न्याय ज़िंदाबाद रहे।
मुझे कार की बहुत ज़रूरत नहीं पड़ती है। महीने में दो तीन दिन ही घर से निकलता हूँ। आज कई दिनों बाद कार चलाने गया तो पता चला कि मेरी कार का माइलेज 14km/lसे घट कर 9.6km/lit हो गया है। मेरी कार 2024 की है। 5.4 किलोमीटर प्रति लीटर कम हो गया है। परिवार के लोग इस्तेमाल करते हैं। तेल का ख़र्चा काफ़ी बढ़ गया है।
मुझे लगता है कि E20 भी नोटबंदी है। इसके ज़रिये कार और बाइक चालकों पर निष्ठा प्रयोग हो रहा है कि वे किस हद तक मोदी सरकार को सपोर्ट कर सकते हैं। ज़्यादा पैसे ख़र्च कर घटिया ईंधन ख़रीदने और कार डैमेज होने पर चुप रह सकते हैं। मोदी सरकार का प्रयोग सौ फीसद सफल हो गया है। जिस स्केल पर माइलेज गिरा है, मनमोहन सिंह की सरकार होती तो सारे गोदी संपादक पेट्रोल पंप से लाइव रिपोर्ट कर रहे होते।
नोट चोरी, वोट चोरी, चंदा चोरी, पेपर चोरी के बाद तेल चोरी को भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह काम केवल मोदी सरकार कर सकती है। उसके समर्थकों का जवाब नहीं। जो लोग 500 रुपया लीटर पेट्रोल ख़रीदने का सपना देख रहे थे, E20 से पूरा करने का मौका मिल गया है। पेट्रोल और कार की मरम्मत का ख़र्चा जोड़ कर इतना हो जाता होगा।
सरकार चाहे तो एक और प्रयोग कर सकती है। पेट्रोल पंप पर मोदी समर्थक 38 प्रतिशत वोटर के लिए E20 का विकल्प दे और मोदी विरोधी 62 प्रतिशत को E10 का विकल्प दे। मुझे लगता है कि डिफ़ेंडर वाली मोहतरमा भी निष्ठा नहीं बदलेंगी और E20 ही भराएँगी। अगर ये हो जाए तो मोदी समर्थकों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। 😎
Hello @nytimes@guardian@lemondefr@BBCWorld@AJEnglish@FT please watch how police in Indian state of Bengal watch complicit as PM Modi’s ruling BJP goons in a lynch mob attack an Opposition MP’s premises & keep her confined for 4 hours.