कृपया संज्ञान लिजिए @Dev_Fadnavis जी, पुणे में जिहादियों का आतंक बढ़ता जा रहा है,
घर में घुसकर बेटियों को उठाया जा रहा है और हिंदुओं के खून पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है
क्या हम मुग़ल काल में जी रहे है ?
@DGPMaharashtra@CPPuneCity@PuneCityPolice
🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
मेरे लिए श्री कृष्ण जन्मभूमि एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिकता का विषय है। श्री कृष्ण जन्मभूमि हमारे लिए पवित्र तीर्थ है और उनकी जन्मस्थली श्रद्धालुओं के लिए मुक्त एवं सुलभ हो—इसी भावना के साथ हमारी कानूनी लड़ाई न्यायालय में चल रही है।
हमारे पास श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले से जुड़े औरंगज़ेब के फ़रमान, 1815 की भूमि खरीद, 1875 के फैसले, 1920 की डिक्री, 1928 की अपील, 1944 के दस्तावेज़ और 1950 के ट्रस्ट से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज़ मौजूद हैं।
*अगर हमने तुम्हारा वजूद मिटा नहीं दिया, तो हम मुसलमान नहीं" — यूपी के बदायूं में विशेष समुदाय के लोगों ने जुलूस के दौरान ये बोल गूंजे।*
इस दौरान जुलूस में शामिल लोग खुलेआम सड़कों के बीच कसाई वाले चाकू लहरा रहे थे।
यह कोई जुलूस नहीं — यह खुली धमकी है।
@CMOfficeUP
शिक्षक अयोग्य तो बच्चे बर्बाद,
चिकित्सक अयोग्य तो शरीर बर्बाद,
और जज अयोग्य तो तारीख पर तारीख।
इसलिए शिक्षा, चिकित्सा और न्याय व्यवस्था में केवल मेरिट के आधार पर ही सिलेक्शन होना चाहिए।
जाति के आधार पर बने नियम-कानून से हिंदू बंटेगा और मजहब के आधार पर बने नियम-कानून बनाने से देश बंटेगा
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाना है तो जाति और मजहब के आधार पर बने नियम-कानून खत्म करना चाहिए और ‘एक देश-एक विधान’ लागू करना चाहिए
@PMOIndia@HMOIndia@narendramodi@AmitShah