बता दें कि अंकिता भंडारी आंदोलन में दरांती लेकर विरोध प्रदर्शन करती इस महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है Arms एक्ट के तहत!!
जबकि अंकिता भंडारी का असल मुजरिम आजतक पकड़ में नहीं आया!!
जय हो उत्तराखंड सरकार, एकदम सही priorities हैं आपकी 🙏👏
आस्था के नाम पर अपराध?
मंदिर में भगवान नहीं, बाघों की खालें मिलीं।
गुजरात के राजपिपला स्थित धर्मेश्वर महादेव मंदिर से
37 बाघों की खालें और 133 पंजों की बरामदगी
सिर्फ़ एक खबर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है।
मंदिर जैसे पवित्र स्थान का इस्तेमाल
अगर वन्यजीव तस्करी के लिए हो रहा था,
तो यह धर्म नहीं, अपराध का अड्डा है।
पराली जलाने पर चालान
गाड़ी और मोटर साइकिल का चालान
तंदूर पर खाना मनाने पर चालान
लेकिन पेड़ काटने पर सुरक्षा और विरोध करने पर गोली 🌲🌳
यही तो भारत का संविधान है 🇮🇳
देहरादून में 4 जनवरी को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव से पहले आज जागेश्वर विधानसभा के लमगड़ा में सियासी माहौल गरमा गया।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, न्याय अधूरा रहेगा। यह आंदोलन 4 जनवरी को देहरादून में होने वाले बड़े घेराव की पूर्व तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
#JusticeForAnkitaBhandari
We keep hearing and reading about Uttarakhand’s “refer–refer” health system.
Now we are watching it happen.
A video shared by Instagram user kelly_uttarakhand shows a patient being referred out of Base Hospital Almora for an ultrasound. This is not a small rural centre. This is the district's main government hospital.
For years, people across Uttarakhand have asked for better healthcare. Doctors, equipment, basic diagnostics these demands are not new. A Whole Health Movement is happening in the entire state urging the government to take necessary steps.
When even an ultrasound is unavailable at a base hospital, referral stops being a medical choice. It becomes suffering. Extra travel. Extra expense. Delays that patients can barely afford.
Earlier, these stories stayed limited to protests and complaints.
Now social media is showing what people have lived through for years — quietly, helplessly, and out of options.
इन ख़बरों से हिन्दू ‘ख़तरे’ में नहीं आता? इन ख़बरों से किसी हिन्दुवादी संगठन का खून नहीं खोलता? लेकिन इन्हीं संगठनों को मस्जिद की अज़ान और चर्च की प्रेयर से हर तरफ ख़तरा ही ख़तरा दिखने लगता है।
उत्तराखंड | अंकिता भंडारी मर्डर केस
BJP अनुसूचित मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समीर आर्य ने CM धामी को लेटर भेजकर CBI जांच की मांग की।
समीर आर्य ने कहा– "ये केस देवभूमि में सिर्फ एक हत्या का नहीं है। यह सपनों से भरी बेटी, परिवार की आशाओं और उत्तराखंडी समाज की आत्मा पर आघात है। आज जब भी अंकिता का नाम लिया जाता है, मन व्याकुल होकर पूछता है– क्या हमारी बेटियां सुरक्षित हैं"
समीर जैसे BJP के कई और नेता भी CBI जांच की मांग कर चुके हैं।
पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में भी भालुओं की बढ़ती सक्रियता अब जानलेवा होती जा रही है। कल सुबह जयकोट निवासी नरेंद्र कार्की (35) पर जंगल में तीन भालुओं ने एक साथ हमला कर दिया। नरेंद्र फल–सब्जी बेचने जा रहे थे तभी अचानक भालुओं ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने पूरी ताकत से मुकाबला किया, लेकिन अकेले लड़ते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए।
सौभाग्य से पास में सड़क निर्माण कर रहे मजदूरों ने उनकी चीखें सुन लीं और तुरंत मौके पर पहुँचे। मजदूरों के शोर मचाने से भालू भाग गए और नरेंद्र की जान बच पाई। उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव आए हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद प्रशासन ने हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया।
@narendramodi@PMOIndia
@baramasa_in Or palayan kyu ho rha hai
Kyuki koi rojgar nhi hai. Kmai 10k bhi nhi hai or kharche 30k hai . Mahngai itni badh gyi lekin uttarakhand mai salary aaj 6-8k he hai