राजस्थान की राजधानी जयपुर की यह स्थिति है!
एक दलित वर्ग का व्यक्ति अपनी पत्नी के टूटे हुए पैर का इलाज कराने के लिए सरकारी हॉस्पिटल गया तो वहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था।
जब उन्होंने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा तो एक मह��ला डॉक्टर पहुंची और नाराज हो गईं और कहा कि 'वह सुबह आ सकते थे।
उन्होंने कहा की पत्नी के पैर में दर्द ज्यादा हो रहा है इसलिए अभी आना पड़ा !
इतने में सामंतवादी सोच की महिला डॉक्टर ने उसके साथ "जातिसूचक अपशब्द कहे और गाली गलौज दुर्व्यवहार" कर��ा चालू कर दिया।
पीड़िता ने बाद में पुलिस से संपर्क किया और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया कराया।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी आपसे अनुरोध कि इस लेडी डॉक्टर पर तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित करें और सर्विस से बर्खास्त करें। @BhimArmyChief @VinayRatanSingh @RajCMO
चंद्रशेखर आज़ाद की हुंकार का असर!
पूरे देश की जनता और तमाम राजनीतिक दलों को चंद्रशेखर साहब का धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को मजबूती से देश के सामने रखा।
आज चुनाव ��योग को भी इन सवालों पर जवाब देना पड़ रहा है। यह लोकतंत्र में जनता की आवाज़ और सवाल पूछने के अधिकार की ताकत है।
अब यह आवाज़ और बुलंद होगी। जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और जवाबदेही की मांग करेगी।
जय भीम ✊ जय भारत 🇮🇳 se
भीम आर्मी जिला अध्यक्ष दिलीप रैदास के नेतृत्व में जिला मुख्यालय प्रतापगढ़ पर बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकारी के लिए ज्ञापन सौंपा जा रहा है अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे @CSMorya_Aazad@VinayRatanSingh
मनुवादियों से ज़्यादा जलन बीएसपी BSP वालों को हैं माननीय चंद्रशेखर आजाद @BhimArmyChief जी से हो रही है
क्योंकि बीएसपी अब बिल्कुल शून्य पर जा चुकी है और अब कभी उठने वाली नहीं है तभी तो बीएसपी छोड़कर लोग लगातार आज़ाद समाज पार्टी ASP की सदस्यता ले रहे हैं
और जिनकी जलन बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है वो सोशल मीडिया पर बैठकर माननीय चंद्रशेखर जी के खिलाफ उल्टा सीधा लिख रहे हैं
ज़मीन पर संघर्ष करने का दम बचा नहीं तो अब बस बैठकर ज़हर उगलना ही इनका आखिरी सहारा रह गया है 😂😜
@VinayRatanSingh@BhimArmyMpChief@SunilAstay@Rani__Boudh@VijayRaoAsp@vermavijay0030@Gangara16842656
बाराबंकी (UP) में एड. @BhimArmyChief जी पर हुए कायराना हमले व सुरक्षा चूक के विरोध में 15 सितंबर को राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🗓️ 15 सितंबर 2026 | 🕙 सुबह 11:00 बजे
📍 समस्त जिला कलेक्ट्रेट, राजस्थान
@VinayRatanSingh
हरदोई में कक्षा 8 की छात्रा क्षमा दीक्षित की स्कूल में पिटाई के बाद उपचार के दौरान मृत्यु, दिल्ली के सर्वोदय कन्या विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा अवनी की प्रताड़ना के बाद मृत्यु, मौजपुर में साढ़�� तीन साल के मासूम बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटने की घटना और कुछ दिन पहले कर्नाटक के बेलगावी स्थित मोरारजी देसाई आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 के छात्र गौतम भजनत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु तथा परिजनों द्वारा पिटाई व हत्या के लगाए गए आरोप, बच्चों के साथ हुई ये सभी घटनाएँ बेहद दुखद, शर्मनाक और चिंताजनक हैं।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएँ बताती हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलो��� और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
स्कूल बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और संस्कार का स्थान हैं, हिंसा और प्रताड़ना का नहीं। बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, डर नहीं।
हमारी संवेदनाएँ सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा कथित सामूहिक दुष्कर्म की ��टना बेहद शर्मनाक, भयावह और झकझोर देने वाली है। यह सिर्फ एक बच्ची के साथ हुई दरिंदगी नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
निर्भया कांड के बाद महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए तमाम नियम और व्यवस्थाएं लागू की गईं। यात्री बसों में ऐसी व्यवस्था पर रोक है, जिससे बस के अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। इसके बावजूद बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगे होना और उसके भीतर इतनी गंभीर घटना का होना बेहद चिंताजनक है।
कमर्शियल यात्री वाहनों में लाइव VLTD, पैनिक बटन और कंट्रोल रूम से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य बताई जाती है। सवाल है कि घटना के दौरान इन सुरक्षा प्रणालियों से कोई अलर्ट क्यों नहीं मिला?
बस चालक और परिचालक के पुलिस सत्यापन, यूनिफॉर्म पर नेमप्लेट ��र लंबी दूरी की स्लीपर बसों में निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान है। फिर करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान बस की प्रभावी निगरानी और जांच क्यों नहीं हुई? बस में CCTV और अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद थे या नहीं, इसकी जवाबदेही किसकी है?
यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सरकारी निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता पर भी सवाल उठाती है। निर्भया कांड के 14 साल बाद भी अगर हमारी बेटियां सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित नहीं हैं और सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी ही चाहिए।
बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। दोषियों को कठोरतम सजा मिले और इस पूरे मामले में सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही भी तय की जाए।
राजधानी एक बार फिर शर्मसार है।
आखिर हमारी बेटियां सार्वजनिक परिवहन में कब सुरक्षित होंगी?
"कुछ घटनाएं तक़लीफ देती हैं और गहरे ज़ख़्म छोड़ जाती है, डांगावास उसमें से एक है....."
—माननीय सां० एड० चंद्रशेखर आजाद
जयपुर, राजस्थान ।
@BhimArmyChief@BhimArmy_BEM
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगी��ा सांसद माननीय एड. चन्द्र शेखर आजाद जी के नेतृत्व में
डांगावास हत्याकांड को लेकर विधानसभा घेराव
दिनांक - 21 अगस्त 2026
स्थान - शहीद स्मारक जयपुर
सभी साथी ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे और न्याय के इस आंदोलन का हिस्सा बने।
#डांगावास_हत्याकांड_पीड़ितों_को_न्याय_दो
#21_अगस्त_जयपुर_चलो
#21_अगस्त_चलो_शहीद_स्मारक_जयपुर
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीक�� भाई जी को दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की खबर अत्यंत ही असंवैधानिक एवं चिंताजनक कार्यवाही है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले किसी भी व्यक्ति को इस तरह हिरासत में रखना कतई उचित नहीं है।
हमारी #दिल्ली_पुलिस से मांग है कि हिमांशु भाई वाल्मीकि को तत्काल रिहा किया जाए।
@BhimArmyChief
@VinayRatanSingh
@DehliPolice
@CMODelhi
@AzadSamajParty
@ASP4Rajasthan
@BhimArmy_BEM
@BA4Rajasthan