@RaviGautamBaudh@Reservatiolbvl संविधान में आरक्षण ही लिख दिया है बाबा ने। और तहसीलों पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी बोल रखा है। फिर भी जनरल सरकारी से बेहतर वेतन और सुविधाएं देने वाले निजी क्षेत्र में अपने मेरिट के दम पर आगे बढ़ ही रहा है। कभी इस तरह से बराबरी न हो पाएगा। बाबा साहब शायद समझ नहीं पाए ये।
@ambedkarajay1 कुछ नहीं सब वोट का खेल है बाबू। लेकिन पार्टियां ही अब इन्हें बेवकूफ बना रही हैं जो ये समझते हैं कि, वो उनकी हितैषी हैं। जरा आंकड़े देखिए वर्तमान में सरकारी और निजी क्षेत्र में कितने अवसर हैं। और सरकारी नौकरियों से पेंशन हटा दिया गया तो बचा क्या? कुछ आरक्षित लोग ही फायदे में हैं।
@sulendrakumar7@SabitaShailend1 जिन लोगों ने अपना धन जमाकर मंदिर बनवाए उन्होंने अपने अनुसार पुजारी रखे। तुम लोग भी अपना मंदिर अपना पुजारी रखो। जहां परीक्षा आधारित प्रणाली है वहां सबके लिए एक समान अवसर है जैसे सेना। उसमें पता करो कितने आरक्षित अब तक परीक्षा पास करके पुजारी बने हैं। तथ्यहीन बातें तुम लोगों की..
@Ramashrayr101@SavitaK74929291 तहसीलों में जाति प्रमाण पत्र बनना बंद होने से शुरुआत होनी चाहिए। सबके सरनेम हटा दिए जाने चाहिए। किसी को जाति का हानि–लाभ नहीं मिलना चाहिए।