दिल्ली, शुक्रवार, दोपहर करीब 12 बजे
मुंडका Industrial Area में एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई.
शुरूआती जांच में पता चला कि एक मजदूर चांद, 42, सेप्टिक टैंक में उतरा था. जहरीली गैस की चपेट में आने के बाद वो बेहोश होने लगा तो अरुण, 38, उसे बचाने के लिए नीचे उतरा लेकिन जहरीली गैस ने उसे भी संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद संदीप, 32, ने दोनों को बचाने के चक्कर में दम तोड़ दिया.
चाँद की ढाई साल की बेटी और आठ महीने का मासूम है. संदीप की एक 12 साल की बेटी है. अरुण के तीन छोटे-छोटे बेटे हैं... सब के सिर से पिता का साया छीन लिया गया.
तीनों बिना दस्ताने, gumboot, फुल बॉडी PPE kit, हेलमेट, harness और गैस डिटेक्टर के टैंक में उतरे. वहां ऑक्सीजन level की जांच भी नहीं हुई. कानून के मुताबिक बिना सुरक्षा इंतजाम के सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरने पर रोक है. #SupremeCourt ने इस पर कई बार साफ़ निर्देश दिए हैं.
केंद्र सरकार ने भी माना कि 2017 से मार्च 2026 तक देश में 622 मजदूरों और दिल्ली 62 मजदूर ऐसे हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं.
मैं पिछले पच्चीस साल से लगातार इस मुद्दे बोलता और लिखता रहा हूँ. कई रिपोर्टस भी कीं. भारत में सिर पर या हाथ से मैला उठाने को रोकने के लिए 2013 से देश में #ManualScavenging है. कानून बना तो उम्मीद जगी कि अब ये प्रथा ख़त्म होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
दो साल पहले इस विभाग के केंद्रीय मंत्री से इंटरव्यू किया और उनसे इस बारे में कई सवाल पूछे. मैन्युअल स्केवेंजिंग को मशीनीकृत करने पर बात की उनको देश और विदेश में इस्तेमाल की जानेवाली मशीनों के बारे में बातचीत के बाद बताया. लिखित नोट भी दिया, पर हुआ कुछ नहीं.
इस पर जोर से आवाज़ उठनी चाहिए. ये प्रथा ख़त्म होनी चाहिए.
ग्वालियर में 3 गुंडों ने पेट्रोल पंप में काम करने वाले युवक को ज़िंदा जलाने की कोशिश - वजह, तीनों गुंडों पेट्रोल को लेकर मोलभाव कर रहे थे और पीड़ित ने मना कर दिया.
जिस बुलेट में गुंडे सवार थे, उसमें आगे पुलिस लिखा है!
मुख्यमंत्री जी,
इंडियन एक्सप्रेस @IndianExpress की इस रिपोर्ट को लेकर आज सुबह 11:30 कांग्रेस आपसे सवाल पूछेगी। अपने जवाब तैयार रखना @DrMohanYadav51
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व्यास जी ने भागवत लिखी थी. उन्होंने कहीं नहीं लिखा कि शुकदेव जी कथा कहने से पहले जिला प्रशासन को फोन करके पूछते थे कि फॉलो कार कितनी मिलेगी और सुरक्षा में कितने जवान रहेंगे. भागवत का पूरा दर्शन एक विचित्र बात कहता है जो जितना बड़ा भक्त, वह उतना हल्का. उसके पास सामान कम होता जाता है, अहंकार कम होता जाता है, परिचय छोटा होता जाता है. कृष्ण स्वयं द्वारिका के स्वामी होकर भी सुदामा के पैर धोते हैं.
सरकार का खेल भी ग़ज़ब है।कोकरोच पार्टी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मिल जाती है लेकिन जब यूथ कांग्रेस पेपर लीक के मुद्दे पर अनुमति माँगती तो हरियाणा पुलिस मना कर देती है।पुलिस निशाना लगा कर पानी की बौछार कर रही है।
मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
अभी अंजना और सुधीर बतायेंगे कि कैसे मोदी जी ने ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों को प्रेरणा देकर आगे बढ़ने में मदद की। यहाँ तक कि भारतीय बाजार से भी थोड़ा स्लो हो जाने को कहा ताकि छोटे मोटे बाजारों को एनकरेज किया जा सके।