बिल्ली को शेर की मौसी यूँ ही नहीं कहते..
घर में दूध चुराती है, जंगल में भांजा शिकार करता है
मौसी की चाल और भांजे की दहाड़... दोनों में अलग ही रौब है
बस फर्क इतना है कि मौसी को देखकर लोग "हट-हट" कहते हैं, और भांजे को देखकर "भाग-भाग"...🤣
जब पेंगुइन के दो ग्रुप्स सड़क पर मिलते हैं, तो वो थोड़ी देर के लिए रुककर जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं। जब उनमें से एक ग़लत ग्रुप में चला जाता है, तो उसका एक दोस्त उसे वापस लाने के लिए उसके पीछे जाता है !
परिवार ही सबकुछ है और यह सबसे बड़ी चीजों में से एक है जो सभी प्रजातियों को जोड़ती है - न सिर्फ इंसानों को बल्कि जानवरों को भी !
आपसी जोड़ ताक़त प्रदान करता है और आपसी बटवारा हर किसी को कमज़ोर बना देता है !!
नागपुर में साल 1985 में एक अविवाहित मां ने अपने 3 दिन के बच्चे को एक शेल्टर होम में छोड़ दिया था। एक महीने बाद नीदरलैंड से भारत घूमने आए एक कपल ने उसे गोद ले लिया और अपने साथ ले गए।
इस घटना को 41 साल बीत चुके हैं। वह बच्चा अब नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के पास एक शहर हीमस्टेड का मेयर बन गया है। हीमस्टेड के मेयर फाल्गुन बिन्नेन्डिज्क अब अपनी मां को ढूंढना चाहते हैं। वे आखिरी बार दिसंबर 2025 में भारत आए थे। ये जानकारी अब सामने आई है। फाल्गुन का कहना है-
"मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है। मैं अपनी मां से सिर्फ एक बार मिलना चाहता हूं और बताना चाहता हूं कि मुझे बड़े प्यार से बड़ा किया गया है।"
Cinema Review by Ashwini yadav.
परसों ही मैंने ये सीरीज देखी... रात 12 बजे से सुबह में क़रीब 4 बजे तक मैंने 4 एपिसोड ख़त्म कर दिए थे.. फिर अगले दिन दो एपिसोड देखकर ख़त्म कर दिया।
बहुत दिनों बाद मुझे किसी सही बेव सीरीज का मज़ा मिला है। इससे पहले asur और the family man में ये मज़ा आया था। एकदम शानदार अभिनय किया है माधुरी दीक्षित जी ने.. बाक़ी सब भी ठीक ही रहें हैं।
ये कुटिल मुस्कुराहट, गुस्से और दुःख के बीच भी शांत रहने की वो एक्टिंग एकदम जीवनन्ता ला दे देती है सीरीज में.. मुझे लगता है कि पूरे सीरीज में जान फूँकने का काम कहानी का बंधा होना और माधुरी जी की एक्टिंग🔥🔥
अगर इस बीच में कुछ बढ़िया सस्पेंस थ्रिलर देखना हो तो Mrs. Deshpande देख सकते हैं। ये केवल रिकमेंड कर रहा हूँ बस, पोस्ट प्रमोशन का न पैसा मिला है और न ही ही कोई और बात है.. ये मुझे बहुत अच्छी लगी है इसलिये कह रहा हूँ।
मुझे लगता है कि आगे और भी review देना चाहिए इसलिये अब बीच बीच में रिव्यू करता रहूंगा।
जो सीन आख़िरी का है वो स्क्रीनशॉट में दिया हूँ, आँख भर आईं थीं.. मेरी।