एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय जी ने देश के सबसे बड़े सच पर बात की है। 150 करोड़ की आबादी वाले भारत पर आज लगभग ₹250 लाख करोड़ का भारी कर्ज है!
इस कर्ज और आर्थिक तंगी का सबसे बड़ा कारण है लोक-लुभावन मुफ्त की रेवड़ियां (Freebies) बांटने का शॉर्ट-टर्म कल्चर।
समाधान क्या है?
फिनलैंड (Finland) और जर्मनी (Germany) जैसे विकसित देशों का मॉडल अपनाना होगा। वहाँ सरकारें मुफ्त कैश या रेवड़ियां नहीं बांटतीं, बल्कि टैक्स के पैसे से 2 बुनियादी चीजों को 100% वर्ल्ड-क्लास और मुफ्त रखती हैं:
1️⃣ बच्चों की बेहतरीन पढ़ाई (Education)
2️⃣ बीमारी का विश्वस्तरीय इलाज (Healthcare)
भारत में भी जिस दिन मिडिल क्लास और गरीब परिवारों की जेब से पढ़ाई और इलाज का यह भारी खर्च हटेगा, लोगों की 'Quality of Life' अपने आप बेस्ट हो जाएगी और देश कर्ज के जाल से भी बाहर निकल पाएगा।चुनाव में मिलने वाले ₹1500 के शॉर्ट-टर्म लालच को छोड़िए, नेताओं से लंबी अवधि के इस बुनियादी विकास पर सवाल पूछिए! @FinMinIndia@NITIAayog@ECISVEEP@AshwiniUpadhyay
जंतर-मंतर पर NEET प्रोटेस्ट के नाम पर संसद को जलाने और प्रधानमंत्री को धमकी देने वाले इस शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।@DelhiPolice@HMOIndia@NIA_India कृपया इस वीडियो का संज्ञान लें और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर NSA और UAPA के तहत सख्त कदम उठाएं।#NEETProtest #DelhiPolice #LawAndOrder
पागल हो गई है जनता चुतियो किसी नेता की बकेती नहीं है ये सार्वजनिक संपत्ति है
@DelhiPolice
इनकी पहचान करो और सबकी अच्छे से सुताई करो सालों को जेल में डालो और बाहर मत आना देना
📍#DelhiPolice#CJPProtest#संसद_मार्च 🇮🇳
🚨 अगर यह छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन था, तो दिल्ली पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ क्यों हुई? 🤔
पत्थरबाज़ी, हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर कोई आंदोलन मज़बूत नहीं होता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता खो देता है। ⚖️
जो लोग हर मुद्दे पर लोकतंत्र की बात करते हैं, वे इस हिंसा पर खामोश क्यों हैं? ❓
👮♂️ दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना कर्तव्य निभा रही है।
🇮🇳 हम दिल्ली पुलिस के साथ खड़े हैं।
विरोध का अधिकार है, हिंसा का नहीं।
#LawAndOrder #IndiaFirst #DelhiPolice
जनता पागल है इतिहास गवा पार्टी कोई भी बलात्कार हत्या भ्रष्टाचार पेपर लीक हर एक पार्टी हुई है क्यू क्यूकी नेताओं ने जनता को जान लिया है सिर्फ मुफ्त दो और वोट लो जनता ने आज तक नहीं सोचा नेता बड़े बड़े भाषण देते हैं लेकिन संसद में #REFORMS की बात हां बिल कोई नहीं लेकर आता तुम मुझे एक चीज बताओ बीजेपी चोर है मान लिया तुम भी तो विपक्ष में हो फिर आज तक क्यों नहीं भ्रष्टाचार पर मौत की सजा और 1 साल के अंदर संपत्ति सील बिल लाये .
🤣🤣🤣
जनता आपने आप को शानी समझ रही है लेकिन उनको ये नहीं पता नेता तुमसे 1.5 शाने है। नेता जनता को पागल बना रहे हैं और जनता बन रही है भाई पार्टीबाजी से बाहर निकलो नहीं तो ये नेता बाबू ऐसे ही जनता पर राज़ करते रहेंगे जब तक व्यवस्था नहीं बदलेगी तब तक कोई भी पार्टी आए बलात्कार हत्या भ्रष्टाचार सब होता रहेगा
शुक्र है आपको भी समझ आया नेता पार्टी बदलने से कुछ नहीं होगा जब तक व्यवस्था नहीं बदलेगी तब तक नेता बाबू और वीआईपी भारत पर राज़ करते रहेंगे
और ये बात जनता को जितनी जल्दी समझ आएगी उतनी जल्दी बदलाब देखने को मिलेगी अभी जनता पार्टी देख समर्थन कर रही है चाहे उसकी पार्टी गलत हो या सही उससे कोई फर्क नहीं पड़ता
बकचोदी करने से कुछ नहीं होगा अगर सरकार कुछ नहीं कर रही तो तेरा शहजादा भी विपक्ष में है उसको बोल बहुत दिखाते हो ना हमें बहुत चिंता है देश की
#भ्रष्टाचार के लिए मृत्युदंड और एक वर्ष के भीतर संपत्ति सील करने का विधेयक
#न्यायपालिका प्रणाली सुधार
#पुलिस सुधार
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है
#reforms पे अपना मुँह खोले
@bharatjodo अबे तुम्हें चुटिया बनाया जा रहा है समझो .
ये जो तूने लिखा है लोडू पहले कुछ पढ़ ले तेरे पप्पू को इतनी ही चिंता होती ना देश की तो #policereforms पे बात करता संसद में .
बस नेता तुम्हें चुटिया बना रहे हैं और तुम बन रहे हो
विपक्ष हो या सत्ता पक्ष सुना किसी से #policereflrms पे.
𝐂𝐇𝐀𝐌𝐏𝐈𝐎𝐍𝐒 𝐎𝐅 𝐓𝐇𝐄 𝐖𝐎𝐑𝐋𝐃! 🏆16
साल का लंबा इंतजार खत्म! स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फुटबॉल की दुनिया पर दोबारा फतह हासिल कर ली है!
एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में फेरान टोरेस (#FerranTorres) का वो जादुई विनिंग गोल इतिहास की किताबों में दर्ज हो गया। अर्जेंटीना ने अंत तक कमाल की टक्कर दी, लेकिन इस बार किस्मत और अटूट हौसला ला रोजा (#LaRoja) के साथ था।स्पैनिश फुटबॉल का एक नया स्वर्णिम युग आ चुका है!
#FIFAWorldCup2026 #Spain #Champions #Football #WorldCupFinal #VamosEspana
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को चुनावी नारों से निकालकर संसद के भीतर मजबूत कानूनों में बदलने का यह सबसे सही समय है।
एक व्यापक 'Anti-Corruption and Property Sealing Bill' लाकर हम देश की न्याय और परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा दोबारा बहाल कर सकते हैं। आशा है कि इस सत्र में इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल देखने को मिलेगी।
संसद सत्र (20 जुलाई) से पहले सभी राजनीतिक दलों से खुला सवाल!देश के लाखों युवाओं और टैक्सपेयर्स की तरफ से एक ही मांग—"एक देश, एक सख्त कानून: भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर पूर्ण विराम!"मंचों से 'फांसी दो' और 'संपत्ति सील करो' के खोखले चुनावी नारे बंद कीजिए। अगर देश की वाकई चिंता है, तो इसी मानसून सत्र में एक व्यापक "Anti-Corruption and Property Sealing Bill" लेकर आइए।
संवैधानिक और कानूनी तथ्य (Constitutional Facts) जो हर सांसद को पता होने चाहिए:
1️⃣ संपत्ति जब्ती (Property Sealing): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 300A (Article 300A) के तहत सरकार को जनहित में कानून बनाकर संपत्ति जब्त करने का अधिकार है। जब PMLA Act और UAPA के तहत अपराधियों की संपत्तियां सील की जा सकती हैं, तो देश के भविष्य (Paper Leak) और देश की दौलत (Corruption) लूटने वालों पर यह पूरी तरह क्यों लागू नहीं होता?
2️⃣ फांसी की सजा (Death Penalty): सुप्रीम कोर्ट का 'Rarest of Rare' (दुर्लभ से दुर्लभतम) सिद्धांत (Bachan Singh Case, 1980) कहता है कि फांसी केवल जघन्य अपराधों में दी जाए। लेकिन जो माफिया और भ्रष्ट अधिकारी लाखों युवाओं के भविष्य की सामूहिक हत्या (Mass Career Murder) करते हैं, उनका अपराध आतंकवाद से कम कैसे है? कानून में संशोधन करके इसे 'Rarest of Rare' के दायरे में लाया जाए।
3️⃣ एक ही बिल में दोनों प्रावधान (Within One Bill): अलग-अलग कमजोर कानूनों के बजाय एक ही मजबूत बिल में आर्थिक रीढ़ तोड़ने (Property Sealing) और अंतिम न्याय (Death Penalty) का प्रावधान शामिल हो, ताकि मुकदमों में सालों का लूपहोल न मिले।मंच पर खड़े होकर ताली बजवाना बहुत आसान है, अब संसद के भीतर असली इच्छाशक्ति दिखाने का वक्त है। सिर्फ चेहरा बदलने से नहीं, व्यवस्था बदलने से देश बदलेगा!
@rashtrapatibhvn@HMOIndia@INCIndia@BJP4India@AamAadmiParty@Anurag_Office@KirenRijiju@kharge@RahulGandhi@RJDforIndia@Bsp4u@TVKVijayHQ@yadavakhilesh
#ParliamentMonsoonSession #AntiCorruptionBill #StopPaperLeak #PropertySealingLaw #ConstitutionalRights
सत्र का पहला दिन खत्म, लेकिन न्याय व्यवस्था को सुधारने की नीयत आज भी गायब दिखी। देश 5.10 करोड़ मुकदमों के नीचे दबा है, मगर संसद में गंभीरता की जगह सिर्फ सियासी तमाशा चल रहा है। अनुच्छेद 312 पर चुप्पी कब टूटेगी?
कल 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। सभी राजनीतिक दलों से मेरा सीधा सवाल है—अदालतों में 'तारीख पर तारीख' की यह व्यवस्था कब बदलेगी? 5.10 करोड़ से ज्यादा लंबित मामलों का यह पहाड़ देश के नागरिकों पर मानसिक बोझ है। इस सत्र में राजनीति छोड़कर अनुच्छेद 312 के तहत 'अखिल भारतीय न्यायिक सेवा' (AIJS) के गठन पर ठोस कदम उठाए जाएं। न्याय में देरी, असल में न्याय की हत्या है!"
@PMOIndia@HMOIndia@BJP4India@INCIndia@AamAadmiParty@Bsp4u@RJDforIndia@TVKVijayHQ@samajwadiparty
पहला दिन बीत गया, पर पुलिस रिफॉर्म्स पर चुप्पी नहीं टूटी। विपक्ष को अपनी राजनीति चमकानी है और सरकार को अपने हिसाब से सिस्टम चलाना है। 1861 का कानून बदलने की इच्छाशक्ति आज पहले दिन तो कहीं नजर नहीं आई!
कल 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। सभी राजनीतिक दलों से मेरा सीधा सवाल है—पुलिस रिफॉर्म्स पर यह चुप्पी क्यों? क्या देश की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 165 साल पुराने औपनिवेशिक 'पुलिस एक्ट, 1861' को बदलने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाएगी? जब तक पुलिस को राजनीतिक चंगुल से आजाद नहीं किया जाएगा, तब तक सच्चा रामराज्य और सुरक्षित समाज केवल एक सपना रहेगा!"
@PMOIndia@HMOIndia@BJP4India@INCIndia@AamAadmiP