Vedic Research Scholar,Jyotishacharya, F-IETE,Chartered Member of Institute of Logistics & Transport ( International Body), Retired from Class-I Service (GOI),
ये जो वीडियो नीचे दिया है वह दीमक के रूप में देश में फैले आतंकवादी, देश-द्रोही और हिन्दू विरोधी हैं और इनके बीच में जो मोटी कीड़ी है वह इनकी मां है जिसको क्वीन भी कहा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये दीमक तब तक पूरी तरह समाप्त नहीं होती जब तक इस क्वीन को समाप्त न किया जाए।
भरत तिवारी हत्या के मुख्य दोषी
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1. राज (SP भोजपुर)
2. संजय मालाकर (SHO, शाहपुर)
3. राजेश शर्मा (SDPO जगदीशपुर) इन पर ह्त्या (302) का मुकदमा चलना चाहिए. और जैसे तमिलनाडु राज्य में 9 पुलिस वाले को फांसी की सजा हुई है! ये सब गुंडे है इनको भी फांसी होना चाहिए!
14 हिंदुओं की उम्रकैद के विरोध में आस्था मां का बयान
राजस्थान में मुस्लिम डॉक्टर ने पेट के बच्चे मार
दिए ताकि हिंदुओं की आबादी न बढ़े..
हिंदुओं को जानबूझकर को पीड़ा देने के लिए यह
मुस्लिम जज ने फैसला दिया हुआ हे
@ibmindia20 जी, सही कहा है। इनकी बात का समर्थन करते हुए हम आजम खान के नाम का प्रस्ताव करते हैं।
यही बात गत बिहार चुनाव में बहस का मुद्दा बन गई थी और परिणाम सब देख ही चुके हैं, आरजेडी का सफाया हो गया।
बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ वो ही है जिनकी आगे से क@टी है और पीछे से फ@टी है, इनके अलावा पूरा हिंदुस्तान बेंजामिन नेतन्याहू के साथ खड़ा है।
@Israel@TimesofIsrael@IDF#IsraelWins
@sumit1kalra@gulabsinghrath7 बाबर इंदिरा का पूर्वज था। कांग्रेस विशेषतः नेहरू परिवार भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने का जो लक्ष्य लेकर चल रहा था उसकी नींव बाबर ने ही डाली थी।
@_KajalKushwaha हर आतंकवादी और उनके समर्थक इजरायल के खिलाफ हैं लेकिन जो आतंकवाद के खिलाफ है वह इजरायल का समर्थक है। इस तरह से देश के कम से कम सौ करोड़ लोग इजरायल के समर्थक हैं।
एक शेरनी गर्भवती थी। गर्भ पूरा हो चुका
था। शिकारियों से भागने के लिये छलाँग
लगा रही थी कि छलाँग के बीच में ही उसको
बच्चा हो गया... शेरनी छलाँग लगाकर एक
टीले से दूसरे टीले पर तो पहुँच गयी लेकिन
बच्चा नीचे गिर गया... नीचे भेड़ों की एक
कतार गुजरती थी... वह बच्चा उस झुण्ड में
पहुँच गया था, तो शेर का बच्चा लेकिन फिर
भी भेड़ों को दया आ गयी और उसे अपने
झुणड में मिला लिया।
भेड़ों ने उसे दूध पिलाया, पाला पोसा। शेर
अब जवान हो गया। शेर का बच्चा था तो
शरीर से सिंह ही हुआ। लेकिन भेड़ों के साथ
रहकर वह ख़ुद को भेड़ मानकर ही जीने
लगा। एक दिन उसके झुण्ड पर एक शेर ने
धावा बोला। उसको देखकर भेड़ें भागने
लगीं। शेर की नज़र भेड़ों के बीच चलते शेर
पर पड़ी। दोनों एक दूसरे को आश्चर्य से
देखते रहे। सारी भेंड़े भाग गयीं।शेर अकेला
रह गया। दूसरे शेर ने इस शेर को पकड़
लिया। यह शेर होकर भी रोने लगा।
मिमियाया,गिड़गिड़ाया कि छोड़ दो मुझे...
मुझे जाने दो... मेरे सब संगी साथी जा रहे
हैं... मेरे परिवार से मुझे अलग न करो...
दूसरे शेर ने फटकारा-अरे मूर्ख...
ये तेरे संगी साथी नहीं हैं। तेरा दिमाग फिर
गया है। तू पागल हो गया है। परन्तु वह नहीं
माना। वह तो स्वयं को भेंड़ मानकर भेड़चाल
में चलता था। बड़ा शेर उसे घसीटता हुआ
नदी के किनारे ले गया। दोनों ने नदी में
झाँका... बूढ़ा सिंह बोला–नदी के पानी में
अपना चेहरा देख और पहचान...?
उसने देखा तो पाया कि जिससे जीवन की
भीख माँग रहा है वह तो उसके ही जैसा है।
उसे बोध हुआ कि मैं तो मैं भेड़ नहीं हूँ...मैं
तो इस सिंह से भी ज्यादा बलशाली और
तगड़ा हूँ... उसका आत्म अभिमान जागा...
आत्मबल से भरकर उसने भीषण गर्जना
की... सिंहनाद था वह... ऐसी गर्जना उठी
उसके भीतर से कि पहाड़ काँप गये... बूढ़ा
सिंह भी काँप गया... उसने कहा–अरे...
इतने जोर से दहाड़ता है...?
युवा शेर बोला–उसने जन्म से कभी दहाड़ा
ही नहीं। बड़ी कृपा तुम्हारी जो मुझे जगा
दिया। इसी दहाड़ के साथ उसका जीवन
रूपान्तरित हो गया।
यही बात मनुष्य के सम्बन्ध में भी है। अगर
मनुष्य यह देख ले कि जो भगवान श्री कृष्ण
और भगवान श्री राम में हैं वह उसमें भी हैं।
फिर हमारे भीतर से भी वह गर्जना फूटेगी–
अहं ब्रह्मास्मि, मैं ब्रह्मा हूँ...
गूँज उठेंगे पहाड़, काँप जायेंगे मन के भीतर
घर बनाये सारे विकार और महसूस होगा
अपने भीतर आनंद ही आनन्द...
क्षत्रिय भी मैं हूँ... ब्राह्मण भी मैं हूँ... राजपूत
भी मैं हूँ... जाट भी मैं हूँ... और मराठा भी मैं
हूँ... हिला कर रख दे जो दुष्टों की हस्ती,
तूफान और ज्वारभाटा भी मैं हूँ... बाल्मीकि
भी मैं हूँ... विदुर नीति भी मैं हूँ... दुष्ट
सिकन्दर को हराने वाला पौरूष भी मैं हूँ...
सर्वश्रेष्ठ गुरु चाणक्य भी मैं हूँ... कर्ण भी मैं
हूँ... परशुराम भी मैं हूँ...यमुरलीधर मनोहर
श्याम भी मैं हूँ... एक वचन की ख़ातिर
वनवासी बनने वाला मर्यादा पुरुषोतम श्री
राम भी मैं हूँ... शिवाजी और प्रताप भी मैं हूँ.
.. धधकती है जो ज़ुल्म देखकर 'हिन्दुत्व''
नाम की वो आग भी मैं हूँ... हाँ मैं हिन्दू हूँ...
जात पात में ना बाँटो मुझको... मैं दुनिया का
केन्द्र बिन्दु हूँ.....!
जय सनातन धर्म ✍️🙏🚩