Believe in + tve politics & not blind bhakt of any party.But soft for Cong. Hate liars. Believe in live and let live. Dream of poverty & corruption free India.
@APillania किसान आंदोलन में किसानों को डराया-धमकाया जा रहा है, पासपोर्ट रद्द कर देंगे वाहन जब्त कर लेंगे अगर सरकारी संपत्ति को नुक्सान हुआ तो। तो पूछ्ना था कि सरकार रोड खुदवा रही है रोड पर किले लगवा रही है तो ये रोड उनके नाना के पैसों से बना है जो रोड पर गढ्ढे कर दिए हैं?
मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट को बता रही है कि इथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर अभी प्रयोग के स्तर पर ही है और नतीजा अगले साल पता चलेगा। लेकिन इस बीच मध्य वर्ग की मेहनत की कमाई से ली गई गाड़ियों की बैंड बज रही है।
अनुमानित लागत 150 करोड़...
RSS द्वारा दिल्ली के झंडेवालन में बनाया गया तीन प्रमुख इमारत साधना, प्रेरणा और अर्चना..
3.75 एकड़ में निर्मित बहुमंजिला टावर है, जिसमें 300 कमरे, कार्यालय, सभागार और सम्मेलन कक्ष व्यवस्थित हैं..
कोई फंडिंग नहीं, कोई अकाउंट नहीं, कोई रजिस्ट्रेशन नहीं फिर भी 150 करोड़ का ट्रांजेक्शन कब कहाँ और कैसे संभव है..??
2025 में इन भवनों का उदघाटन होता है,और एक महीना पहले राम मंदिर में लगभग 200 करोड़ चोरी का खुलासा..
मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पर बैठे सभी अधिकारी RSS के साथ जुड़े हुए हैं, कोई पत्रकार सवाल नहीं कर रहा, कोई ED, CBI या इनकम टैक्स इतनी बड़ी रकम का खोज नहीं..
आपको क्या लगता है,सब ठीक है..??
@ravish_journo हून्नर और अनुभव देखकर पद दिया जाता है। वर्तमान कुमार को इस कुमार से भी बड़ा पद मिलने वाला है, क्योंकि वर्तमान कुमार तो इस कुमार से कहीं आगे जाकर मालिक को खुश किया है।
@RahulDev718370 समझ नहीं आता 2019 में " मैं भी चौकीदार" हाथ पर लिखवाकर बहुत सारे चौकीदार बने गये थे। इतने सारे चौकीदार के बावजूद चोरी कैसे हुई? कहीं चौकीदार ही चोर तो नहीं?
इस मौन का मतलब?
राम मंदिर निर्माण का सारा श्रेय, सर्वोच्च न्यायालय के विवादास्पद निर्णय के अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ/विहिप/भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेते हैं। विपक्ष सहित दूसरे भी इसे सही मानते हैं।
मंदिर प्रांगण से गुजर कर मंदिर में प्रवेश करते समय राम दरबार की उत्कीर्ण मूर्ति के साथ ही मंदिर का संक्षिप्त इतिहास भी पत्थर पर उत्कीर्ण है। उसके अंत में केवल दो नाम हैं - नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत के।
इसलिए मंदिर के लिए सर्वोच्च जवाबदेही इनकी बनती है।
पूरे राम मंदिर आंदोलन और उसके बाद मंदिर निर्माण में सबसे प्रमुख भूमिका निभाने वाले इन दोनों सज्जनों के मुखारविंद से आस्था-चढ़ावा चोरी के जिस कांड पर पूरा देश व्यथित और आंदोलित है उसके बारे में एक शब्द भी नहीं फूटा है। वैसे दोनों देश के सबसे ज़्यादा सार्वजनिक भाषण देने वाले भी हैं। वह वाचाल मुखरता इस विषय पर कहाँ चली गई है?
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार साहस और स्पष्टता के साथ पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं, हर सवाल का अपनी ओर से जवाब दे रहे हैं।
संघ के सरसंघचालक क्यों नहीं? प्रधानमंत्री क्यों नहीं?
श्रेय लेने में सबसे आगे। जवाबदेही में चुप?
क्यों?
एक चपरासी अधिकारियों का बचा हुआ बिस्किट अपने बच्चों के लिए ले गया तो अधिकारियों ने उस चपरासी को बरखास्त कर दिया और बोला कि ये बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है।
शर्म आनी चाहिए ऐसे अधिकारियों को खुद करोड़ों डकार कर बैठे है और एक चपरासी को डिसमिस कर दिया सिर्फ दो बिस्किट के लिए।
सुब्रमण्यम स्वामी — मोदी चीन से इसलिए डरे हुए हैं क्योंकि..
पत्रकार — आप बहुत बड़ा दावा कर रहे हैं। अगर वे आपके खिलाफ मानहानि का केस करते हैं तो क्या होगा?
स्वामी — मैं उन्हें ऐसा करने की चुनौती देता हूं।
कोई PM के बारे में बिना किसी रोक-टोक के सिर्फ घटिया दावे कैसे कर सकता है?
इसकी जांच होनी चाहिए।
पाकिस्तान। जी हां, वही पड़ोसी मुल्क, जहां का ज़िक्र तक करने पर योगी का बुलडोज़र चल जाता है। पाखंडियों की भावनाएं आहत होती हैं।
उसी पाकिस्तान से आरएसएस का राम माधव, पूर्व जनरल नरवणे और बाकी लोग छिपकर मिलते हैं।
आज भारत की मोदी सत्ता ने इस मुलाकात को निजी बताकर दबा दिया है। लेकिन, मुद्दा इतनी आसानी से दबेगा नहीं।
खबर है कि इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान की ओर से बढ़िया गोश्त की दावत दी गई। सबने छककर खाया।
ये वही पाकिस्तान है, जिसके खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने पर गोदी कुकुर छाती पीटते हैं।
तो भाई, ये चोरी–छिपे मुलाकात क्यों? आओ, खुलकर मिलो।
अब तो आरएसएस को भी गुलाम देश के नए अमेरिकी वायसरॉय सर्जियो गोर का हुकुम मानना पड़ेगा, वरना पिछवाड़े पर लात पड़ेगी।
फिर भी, इतनी पर्दादारी अवाम की आंखों में धूल झोंकने और ख़ुद को हिंदू साबित करने की है।
बिल्कुल, उस लॉक प्रोफाइल वाले हिंदू या फ़र्ज़ी मुसलमान की तरह, जो मेरी वॉल पर शेर बनता है। फिर कंबल ओढ़कर अपनी वॉल पर घी पीता है।
यह दोगलापन छोड़ो। खुलकर सामने आओ। अगर दम हो तो।
@iSinghApurva भजपिल्लों की औलादें बौखला गई है। चढ़ावा चोरी,पेपर लीक, अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ, विश्वगुरु की इंटरनेशनल बेइज्जती, लखनऊ कोचिंग क्लास में बच्चों की मौत से ध्यान भटकाने ये सब कर रहे हैं।
पर याद रखना ये जेन जी है सरकार को घुटनों के बल ला देंगे।
वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने कहा, राम मंदिर घोटाले से आहत हूँ. राम मंदिर आंदोलन और चंदे से जुटी राशि का सार्वजनिक हिसाब किताब कभी VHP ने नही दिया.
यह बात चित्रा त्रिपाठी को बुरी लग गयी. चित्रा त्रिपाठी ने विनोद अग्निहोत्री को जवाब दिया, राम मंदिर आंदोलन में VHP RSS और BJP के योगदान को भुलाया नही जा सकता है,
चित्रा त्रिपाठी ने आगे कहा, VHP के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल आजीवन राम मंदिर की लडाई लड़ते रहे. आडवाणी ने रथ यात्रा नही होती तो राम मंदिर आंदोलन नही बनता.
इस राजकुमार भाटी साहब ने चुटकी लेते हुए कहा, विनोद जी आप चित्रा त्रिपाठी की बात मानिए VHP RSS को पूरा अधिकार है वो मंदिर के धन को लूटने का.
@Lawyer_Kalpana@AshwiniVaishnaw अंधभक्तों को भी समझ में आ गया है देश में लूट मची है,जो जहां से मिले बस लूट लो।कल किसने देखा।
सरकारी अधिकारियों भी अब करोड़ों के भ्रष्टाचार में पकड़े जा रहे हैं।