@narendramodi सरकार ने काफी काम किया है लेकिन रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। क्योंकि सरकार का यह कर्तव्य है कि उसके राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जब आवाज उठाता है तो उसे लक्ष्य तक पहुंचा कर ही दम लेता है। इतिहास गवाह है। उत्तर प्रदेश का हर शिक्षक @DrDCSHARMAUPPSS आपके साथ खड़ा है। आप आदेशित करें
सम्मानित साथियों
आपके साथ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार 16 सितम्बरको प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया ।ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आप पर विश्वास जताया है ।आपके ज्ञापन कार्यक्रम के दिन ही उत्तर प्रदेश सरकार ने मा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर दिया है
सरकार के रिव्यू के साथ ही अपनी तरफ़ से भी 57161/2025 रिव्यू 232 साथियों को याची बनाते हुए 4 अक्टूबर को दाखिल किया गया है जिसमें श्री मेघराज भाटी जी माण्डलिक मन्त्री मेरठ को मुख्य याची बनाया गया है
इसके साथ ही 150 साथियों की ओर से रिट भी 58572/2025 दिनांक 09अक्टूबर को दाखिल की गई है जिसमें श्री राधे रमण त्रिपाठी जी को मुख्य याची बनाया गया है
दोनों ही स्थिति में सुनवाई हेतु देश के वरिष्ठ अधिवक्ता कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे ।इस प्रकार न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपनी तैयारी पूर्ण है
लेकिन इस लोकतन्त्र में सबसे बड़ी संसद है जिसके सदस्यों को हम और आप चुनकर इसलिए भेजते हैं कि वे देश के साथ ही हमारे हितों की रक्षा करेंगे ।यह नहीं हो सकता कि देश के लाखों शिक्षकों की जीविका छीन ली जाए और आपके चुने हुए सांसद मूक दर्शक बने रहें ।इसीलिए आप सभी ने अपने क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंप कर अपनी पीड़ा से अवगत कराया है ।लेकिन अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई भी जवाब नहीं आया है इसलिए हमने देश के अन्य राज्यों के संघों को साथ लेकर चलने की तैयारी की है ।
5 अक्टूबर को दिल्ली में एक बैठक हो चुकी है अब 26 ता को दिल्ली में बैठक होगी जिसमें कश्मीर से कन्या कुमारी तक के तमाम साथी भाग लेंगे और दिल्ली में नवंबर में होने वाली महा रैली की तिथि की घोषणा की जायेगी ।
हमें उम्मीद है कि सदैव की भांति इस बार भी हम सब क़ामयाब होंगे ।
@bstvlive@mainpuripolice कुछ ऐसा तो कहा नहीं है कि निलंबित कर दिया जाए। बहुत से लोग गाँधी जी के बारे में ऐसे विचार रखते हैं। कई बार टीवी पर डिबेट में भी सबने सुना है। इनके द्वारा किसी अपशब्द का भी प्रयोग नहीं किया है। क्या अभिव्यक्ति की आजादी समाप्त हो गई है?
@PoojaMathur01 जो देश तोड़ने की बात करे उसे मिट्टी में मिला दिया जाए। देश की अखंडता के साथ जो खिलवाड़ करे उससे कड़ाई से निबटा जाए। जो अलगाव की बात करे उसे जेल में ठूँसा जाए। ऐसे लोगों की जो हिमायत करे उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।