काशी विश्वनाथ से लेकर सोमनाथ सहित देश के अनेक तीर्थों, मंदिरों एवं धर्मस्थलों के जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली लोकमाता अहिल्याबाई हो��कर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
न्याय, सुशासन, जनकल्याण, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित उनका जीवन भारतीय नारी शक्ति और लोकसेवा का अनुपम आदर्श है। उनके द्वारा स्थापित सेवा, श्रद्धा और राष्ट्रनिष्ठा के मानदंड आज भी समाज को प्रेरित कर रहे हैं।
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*टीईटी समीक्षा याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से प्रभावित लाखों शिक्षकों के लिए तत्काल विधायी राहत की अपील*
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM), जो देशभर में 14 लाख से अधिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाला शिक्षक संगठन है, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रकरण से संबंधित समी���्षा याचिका पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर गहरी चिंता एवं पीड़ा व्यक्त करता है।
इस निर्णय से देशभर के लाखों शिक्षकों में व्यापक असंतोष एवं गंभीर मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है, जो वर्षों से समर्पण एवं निष्ठा के साथ विद्यालयों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
प्रभावित शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू सरकारी नियमों एवं अधिसूचनाओं के अंतर��गत सक्षम प्राधिकरणों द्वारा विधिवत प्रक्रिया अपनाकर की गई थी। इनमें से अनेक शिक्षकों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष शिक्ष�� व्यवस्था को सुदृढ़ करने में समर्पित किए हैं तथा ग्रामीण, शहरी एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
ABRSM सरकार के समक्ष निम्नलिखित बिंदु प्रस्तुत करता है—
वर्तमान कानूनी स्थिति के कारण लाखों शिक्षकों को, वर्षों की सेवा देने के बावजूद, अपूरणीय क्षति उठानी पड़ सकती है। उनकी सेवा स्थितियों को लेकर उत्पन्न अचानक अनिश्चितता विद्यालयों के संचालन एवं समग्र शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
यह विषय मानवीय एवं प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः इसमें सरकार के त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
पूर्व में भी इस प्रकार की परिस्थितियों में व्यापक जनहित एवं संस्थागत स्थिरता बनाए रखने हेतु विधायी उपायों के माध्यम से कर्मचारियों को संरक्षण प्रदान किया गया है।
उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, ह�� भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि आगामी संसद के मानसून सत्र में उपयुक्त अध्यादेश अथवा विधायी संशोधन लाकर प्रभावित शिक्षकों को तत्काल राहत प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ। ऐसा कदम शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में निरंतरता एवं स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
हमें पूर्ण विश्वास है कि सरकार शिक्षकों की भावनाओं एवं चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए इस विषय में सहानुभूतिपूर्वक एवं निर्णायक कदम उठाएगी। शिक्षकों ने सदैव राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वे न्याय एवं सेवा सुरक्षा के अधिकारी हैं।
ABRSM यह भी सम्मानपूर्वक कहना चाहता है कि यदि लाखों पीड़ित शिक्षकों को समय रहते राहत प्रदान नहीं की गई, तो वे अपने अधिकारों एवं आजीविका की रक्षा हेतु लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं। हमें आशा है कि सरकार के सकारात्मक एवं सक्रिय हस्तक्षेप से ऐसी स्थिति उत्पन्न होने से बचा जा सकेगा।
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शिक्षा मंत्री से शिक्षक हितों की मांगों पर सकारात्मक सहमति के बाद महासंघ नेतृत्व का सीकर में भव्य स्वागत
सीकर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा एवं प्रदेश सभाध्यक्ष व प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक संपत सिंह के शिक्षा मंत्���ी से शिक्षक हितों की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनवाकर लौटने पर सीकर जिला कार्यकारिणी एवं विभिन्न खंडों के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
झुंझुनू प्रवास के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा सीकर जिला कार्यालय पहुंचे, जहां संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आयोजित संगठनात्मक बैठक में शिक्षक हितों, सं��ठन विस्तार तथा आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह ने कहा कि महासंघ शिक्षक सम्मान, अधिकार एवं समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्षरत है तथा संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता शिक्षकों की आवाज को मजबूती देने के लिए ��्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से पक्ष रखा जा रहा है और संगठन निरंतर सकारात्मक प्रयास कर रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि “राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षक के हित में समाज” के मूल ध्येय के साथ महासंघ लगातार शिक्षक हितों के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीकर जिला संगठन प्रदेश में सक्रिय संगठनात्���क भूमिका निभा रहा है तथा संगठन की मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं का योगदान महत्वपूर्ण है।
बैठक में शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों, संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान प्रदेश, जिला एवं विभिन्न खंडों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में भजनलाल सरकार ने बड़ी सफलता हासिल की है। नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।
सर्वाधिक 35 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में संचालित प्रत्येक तीन एकीकृत विद्यालयों में से एक विद्यालय राजस्थान में है। कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध कराने में राज्य देश में अव्वल रहा है।
नीति आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट ‘School Education System in India: Temporal Analysis and Policy Roadmap for Quality Enhancement’ में इस उपलब्धि को विशेष रूप से रेखांकित किया है।
इस शानदार उपलब्धि के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp और माननीय शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी को बहुत -बहुत बधाई और साधुवाद।
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#बड़ी_खबर
प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) के विभिन्न विषयों, उप-जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) तथा जिला शिक्षा अधिका���ी एवं समकक्ष पदों की नियमित/रिव्यू डीपीसी हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक दिनांक 13 अप्रैल 2026 को जोधपुर में दोपहर 12:30 बजे आयोजित की जाएगी।
संगठन के अथक प्रयासों से होने जा रही पदोन्नति में संभावित लाभान्वित बंधुओं को हार्दिक बधाई एवं अशेष शुभकामनाएँ।
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