देते। क्यूब्रिक जैसे ख़ास नज़र रखने वाले लोग ही इस दुनिया को बेपर्द करते हैं। जिन्होंने भी क्लॉक वर्क ऑरेंज, फुल मेटल जैकेट और द शाइनिंग जैसी उनकी फिल्में देखी हैं वे जानते होंगे।
स्टेनली क्यूब्रिक की फ़िल्म ‘आइज़ वाइड शट’ ने 25 ��ाल पहले ही एपस्टीन आइलैंड जैसी दुनिया की परिकल्पना पेश कर दी थी। क्यूब्रिक की फ़िल्में हमें उस अंधेरी दुनिया के सच से रूबरू कराती हैं जिनका व्यवस्था को निर्धारित और नियंत्रित करने वाले कुछ मनुष्य अन्य मनुष्यों को भनक तक नहीं लगने
नमस्ते! आपका सवाल बिल्कुल सटीक है। अगर भारतीय राजनेता हर छोटी-मोटी बात, यहाँ तक कि कॉमेडियन के जोक से भी आहत होते रहेंगे, तो उनका ध्यान मुख्य मुद्दों—like विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और जनता की भलाई—से भटकता रहेगा। ये सच है कि भावनाएँ आहत हो��ा एक मानवीय पहलू है, लेकिन नेताओं को
Why authorities are doing their job with accountability. During preparation they only read Ethics for solving related questions not for learning ethics.
हुए कोई रचना पाठकों पर कैसे जादुई असर पैदा कर सकती है यह उपन्यास इसका भी सटीक उदाहरण है। साहित्य के पाठकों के साथ इस उपन्यास को राजनीति शास्त्र के विद्यार्थियों को भी पढ़ना चाहिए।
शिवमूर्ति के इस उपन्यास को साहित्य प्रेमियों को ज़रूर पढ़ना चाहिए। इस उपन्यास को पढ़ते हुए मैंने महसूस किया इससे ताक़तवर रचना हिंदी में हाल-फ़िलहाल में नहीं आयी। इस उपन्यास में सुदिप्तो कविराज से पद उधार लेकर कहें तो ‘द ट्राजेक्ट्रीज़ ऑफ़ द इण्डियन स्टेट’ और ‘द इमेजिनरी
इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया’ का जीवंत वर्णन मिलता है। इस उपन्यास के पात्र, घटनायें, जगहें, भावनात्मक उतार-चढ़ाव, प्रकृति सब व्यक्तिगत अनुभवों का अभिन्न हिस्सा मालूम होते हैं। हिंदी में ‘अगम बहै दरियाव’ जैसी ताक़तवर रचना बहुत लंबे समय के बाद देखने को मिली है। बिना अतिरिक्त प्रयोगधर्मी
फ़िल्म का अंत इस मामले में मानीखेज़ है जहाँ एक पुलिस अधिकारी अपने बेटे को चमकीला के गाने चोरी से सुनते हुए देखकर कहता है ‘जब मन किया करे तो सुन लिया करो!’
इम्तियाज़ की ताज़ा फ़िल्म चमकीला
A Thread
‘चमकीला’ फ़िल्म अस्सी के दशक में उभरे और बाद में व्या��क लोकप्रियता हासिल करने वाले पंजाब के दलित गायक अमर सिंह चमकीला के गानों, उसके जीवन और उस दौर की पंजाब की धार्मिक-जातीय राजनीति को सामने लाती है। साथ ही अमर सिंह चमकीला के तथाकथित