अखिलेश जी,
आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी...
आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए...
योगी जी ने कहा था, पंद्रह दिन दीजिए।
15 दिन की समय सीमा से पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी।
चंपत राय, महासचिव, इस्तीफा।
अनिल मिश्रा, न्यासी, हटाए गए।
टिन्नू समेत आठ लोग गिरफ्तार।
मुख्यमंत्री ने जब 15 दिन के समय सीमा की बात की तब यह कोई नाटक नहीं था। यह कोई चुनावी बयानबाजी नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी बात पर कायम रहते हैं। और योगी जी जो बोलते हैं वो करते हैं।
राम मंदिर की समर्पण राशि में जिसने भी हाथ लगाया, चाहे वो कितना भी बड़ा नाम हो, जवाब देना पड़ा।
#DharmaRakshakYogi
मैं बहुत अधिक सोचता हूँ,और छोटी-छोटी बातों से भी भावुक हो जाता हूँ कई बार जिन बातों को लोग सहजता से भूल जाते हैं,वही मेरे मन में लंबे समय तक चलती रहती हैं शायद यही वजह है कि मैं हर एहसास को थोड़ा ज़्यादा गहराई से महसूस करता हूँ चाहे वह खुशी हो या उदासी हो...!