Engineer by profession Social worker by heart, Environmentalist! Political observer ,Enthusiastic,Mental Health Counsellor for child parent Relationship.
दिल्ली में अभी बच्चों की लाशें निकाली जा रही हैं और ये महामानव गुजरात में खिलखिलाता हुआ मस्त रील बनवा रहा है.
क्योंकि ये 'नाराज़ फूफा' नहीं है...ये 'मस्त मामा' है...जो हमेशा अपनी मस्ती में रहेगा, चाहे 7 बच्चे मर जाएँ, चाहे 700 किसान मर जाएँ.
दिल्ली के हादसे पर इस महामानव ने एक ट्वीट तक नहीं किया है. लेकिन अगर दिल्ली के इन्हीं बच्चों के किसी कॉलेज में भाषण देना हो या फीता काटना हो तो दौड़कर चला आएगा...
मस्तराम मस्ती में...
याद रखा जाएगा ना???...
इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हॉस्पिटल के उपर सख्त कार्रवाई हो सके
मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए
"I won gold at the Nationals. From there, I was selected for the Internationals. I was asked for 1.5 lakh rupees. I couldn't go to the Internationals because I couldn't pay."
When the Uttarakhand player shared her plight with CM Dhami, the hall fell silent.
How long will talent be suppressed like this?
छात्रा: मैं ताइक्वांडो की नेशनल खिलाड़ी हूं. मेरा इंटरनेशनल के लिए सलेक्शन हुआ, लेकिन मुझसे 1.5 लाख रुपए मांगे गए. इसलिए मैं इंटरनेशनल नहीं खेल पाई.
मुख्यमंत्री पुस्कर धामी: चलो बेटा अभी बैठ जाओ, कोई बात नहीं.
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सोचिए BJP की सरकार में किस लेवल का भ्रष्टाचार है. ये लाइव अब हर जगह से हटा दिया गया है.
2 दिन पहले उत्तराखंड सरकार ने 'मुख्यमंत्री यु��ा विद्यार्थी मंथन' किया. मुख्यमंत्री पुस्कर धामी बच्चों से बात कर रहे थे, तभी इस बच्ची ने भ्रष्टाचार का मामला सामने रख दिया.
पहले ये कार्यक्रम BJP उत्तराखंड के पेज और सरकार के Uttarakhand DIPR और सरकार से जुड़े तमाम पेज पर लाइव था. अब हर जगह से डिलीट हो गया है.
दिल्ली में गरीबों और Migrant Labour के लिए आया चावल हरियाणा के एक व्यापारी को भारी मुनाफे पर बेच दिया गया।
₹22,000 करोड़ के चावल घोटाले पर दिल्ली विधानसभा में चर्चा की मांग को लेकर AAP विधायकों का हल्ला-बोल!
KEJRIWAL TURNED A MEME REVIEW INTO A ROAST SESSION 😂🔥
SARTHAK: What if Raghav Chadha was secretly planted in BJP as an AAP spy?
KEJRIWAL 🤣: How did they know?
SARTHAK: Or what if he was BJP’s spy in AAP and the mission is over?
AK 🤟😎: Could be. He’s gone back home.
SARTHAK: I want to do a session with Rahul Gandhi and Modi ji too.
KEJRIWAL 🔥: Do Modi ji and Amit Shah together. And if you come out alive...
SARTHAK: We’ll meet in jail.
Later...
AK: Apparently Modi ji brought us the sun, moon, earth, mountains, rivers... everything.
SARTHAK: By that logic, Modi ji created AAP too?
KEJRIWAL 🤟😎: No. God created AAP to trouble Modi ji.
यही होती है विनम्रता 🔥
एंकर: कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, राघव चड्ढा—आज उन्हें देखकर आपको क्या महसूस होता है?
मनीष सिसोदिया 🙏: अच्छे लोग हैं। अच्छी यादें हैं। मैंने उनसे सीखा है और उनके साथ लंबा सफर साझा किया है।
एंकर: क्या कभी आपको भी लगा कि सब छोड़ देना चाहिए? क्या आपके परिवार ने कभी आपसे कहा कि अब छोड़ दीजिए?
मनीष सिसोदिया ❤️: जब मैं जेल में था, तब मेरे बेटे ने बाहर से लिखा—मेरी चिंता करके मेरी देशभक्ति पर सवाल मत उठाइए। मेरी पत्नी ने कहा—अरविंद का साथ मत छोड़ना, मिशन मत छोड़ना।
एंकर: जंगपुरा के बाद कुमार विश्वास ने आपके बारे में जो कहा, उसके बावजूद मन में कोई कड़वाहट नहीं?
मनीष सिसोदिया 🫡: लोग आते-जाते रहते हैं। व्यक्तिगत र��श्ते महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मिशन उससे भी बड़ा है।
खाद्यान्नों की जांच के लिए फूड ग्रेन एनालाइजर मशीनों में बड़ा फर्जीवाड़ा... MPSCSC ₹200 करोड़ की मशीनों का ₹1200 करोड़ किराया देगी
#MadhyaPradesh#MPSCSC#FoodGrain#Procurement#Corruption
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🚨 الصين استبدلت السبورة التقليدية في 60 ألف مدرسة… والغرب ما انتبه!
شركة صينية اسمها iFlytek طورت سبورة ذكية تفهم ما يكتبه المعلم مباشرة.
يكتب المدرس معادلة مثل:
y = x² - 3
وقبل ما يخلص، تظهر للطلاب رسمة ثلاثية الأبعاد للمعادلة.
ولو رسم مثلثًا بشكل سريع، تحوله السبورة تلقائيًا إلى م��سم ثلاثي الأبعاد، يقدر الطلاب يكبرونه ويدورونه ويشوفونه من جميع الزوايا.
الأهم أن التقنية ما تحتاج:
• تطبيق
• جهاز لوحي
• لابتوب
• تدريب معقد للمعلمين
فقط قلم وسبورة تفهم الرياضيات والرسومات لحظة بلحظة.
والتقنية مو مجرد تجربة؛ بحسب المعلومات المنشورة، تم تركيبها في 60 ألف مدرسة داخل 33 مقاطعة صينية، ويستخدمها نحو 160 مليون طالب.
بمعنى أبسط: بينما شركات التعليم التقني تطور تطبيقات تحتاج أجهزة وخطوات كثيرة، الصين دمجت الذكاء الاصطناعي مباشرة داخل السبورة نفسها.
قدامنا جيل كامل يتعلم الرياضيات والعلوم بطريقة تفاعلية من أول يوم… وهذا ممكن يصنع فارقًا تعليميًا ضخمًا خلال السنوات القادمة. 👀