@VinitYaduvnsh ये फालतु के लोग देश का हाल बेहाल करना चाह रहे है ये चाहते है भारत नेपाल श्रीलंका बन जाए.... निजी स्वार्थ मे आ के देश बर्बाद करने निकल पड़े है आपने को क्रांतिकारी समझ रहे है
@REAL___HINDUVT धार्मिक मान्यताओं और ग्रन्थों के अनुसार, जब द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण बांसुरी बजाते थे, तो उनकी मधुर तान सुनकर जड़ पत्थर भी पिघल जाते थे। यह पदचिह्न उसी समय पत्थर पर अंकित हुए थे, जिन्हें आज भी श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजते हैं।
@REAL___HINDUVT तो उनकी मधुर तान सुनकर जड़ पत्थर भी पिघल जाते थे।यह पदचिह्न उसी समय पत्थर पर अंकित हुए थे,ब्रज क्षेत्र में इस तरह की पवित्र चरण पहाड़ियां मुख्य रूप से इन स्थानों पर स्थित हैं कामवन (कामां)राजस्थान: यह डीग जिले (पूर्व में भरतपुर) मे है
@REAL___HINDUVT यहाँ पर मुख्य चरण पहाड़ी स्थित है जहाँ श्री कृष्ण और उनके सखाओं व गायों के खुरों के निशान पत्थरों पर मौजूद हैं।बरसाना, उत्तर प्रदेश: यहाँ भी एक पावन चरण पहाड़ी है, जहाँ श्री कृष्ण के पैरों के पवित्र निशान स्थित हैं।
@LakhanmeenaIND तुम को आज किसी ने पानी पीने से तो नहीं रोका ना... दोलित चोchit का बहाना कब तक बनोगे... ये छोटी सोच छोड़ो तब कुछ बदलाव होगा सदियों से बहाना बनाते रहे हो
@chintus39659076@amityadavbharat नीले कबूतर ना इधर के हुए ना उधर के... जैसे मंडल के साथ हुआ था....
ऐसे विराट् कोहली के शतक से उस्ताद बिस्मिल्ला खान की शहनाई वादन से भी क्या हुआ ये कभी पुछा तुमने
@sunnyengineer00@ocjain4 ये सब बातें तुमको नहीं सा���झ आएगी क्युकी आप सोच को पहले थोड़ा विस्तृत करो नीले चश्मे से देखने से सनातन के रंग नहीं समझ आयेगे सनातन मे बुद्ध भी है जैन भी है गुरुनानक भी है....
अगर नहीं पता तो पहले सबको समझो लेकिन किसी चश्मे को लगा��र नहीं
@dromsudhaa अंग्रेजों के लिखे को ही सच मानो क्युकी अपने पे तो विश्वास कभी था ही नहीं ऐसी लिए कभी अंग्रेजों कभी किसी और के पीछे रहे उनके लिए साहित्य को पढ़ा और समझा
@dromsudhaa जो करते बने करिए ऐसे ही चिल्लाते रहेगे क्युकी आप अभी अग्रेजों के और यूरोपियन प्रोपेगंडा के शिकार है संकीर्ण सोच के साथ आप किसी का भी कुछ नहीं कर सकते बुद्ध जैसी सोच के लिए आपको उनको समझना होगा ये बदला कभी किसी को कहीं नहीं ले जाता ��ुद्ध को सिर्फ पढ़े नहीं समझें